Tag: khan

31 views

मुझको समझा नहीं 

अकबर खान  उदयपुर(राजस्थान) *********************************************************** आप-सा कोई देखा नहीं, दिल कहीं और लगता नहीं।   हसरतें मेरी जगने लगीं, दर्दे दिल मेरा मिटता नहीं।   रहता है मुझसे अंजान वो, आज तक दिल ये समझा नहीं।   बेपनाह इश्क़ तुझसे हुआ,  कैसे तुझको ये दिखता नहीं।    सिर्फ़ मैंने ही समझा तुझे,...

67 views

शुभ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

हिन्दीभाषा.कॉम मंच के रचनाकार साथी अकबर खान जी  का ०२ जुलाई को शुभ जन्मदिन है..इस पटल के माध्यम...

46 views

ईद

अकबर खान  उदयपुर(राजस्थान) *********************************************************** चंदा गगन पर आजा, मैं ईद तो मना लूँ, हमसे बिछड़ गए जो,उनको गले लगा लूँ।  निहारूँ मैं बार तेरी, कब तक तू ही बता दे,  आता हैं प्यार कैसे ? इतना मुझे सिखा दे।  बढ़ जाऊँ तेरे पथ में,ये पग जो मैं संभालूँ,  चंदा गगन पर आजा, मैं ईद तो मना लूँ। तेरा रूप घटना-बढ़ना, और ज्योति जग को देना, छोटा हो या बड़ा हो,का भाव मन में ना लेना। समदृष्टि ज़िंदगी का,यह भाव ही बिठा...

25 views

मिलने के बाद 

अकबर खान  उदयपुर(राजस्थान) *********************************************************** चाहत नहीं कुछ तुझसे मिलने के बाद,  अरमान पूरे हुए तुझसे मिलने के बाद।  ख़ुशबू जैसे गुलाब की खिलने के बाद,  छुपता नहीं इश्क़ नज़रें मिलने के बाद।  आते ही करते हो क्यूँ चलने की बात, रुकता नहीं वक़्त तुझसे मिलने के बाद।  जाने की ज़िद तेरी हमसे मिलने के बाद,  जाओ तो जाना पर दिल मिलने के बाद।  बदनाम होंगे, इश्क़ तुझसे करने के बाद,  चर्चा ए इश्क़ है तुझसे मिलने के बाद।  वादा तो कर तू साथ निभाने का ‘शाद’, ख़ुश रहेंगे सदा तुझसे मिलने के बाद ॥ परिचय-अकबर...

69 views

बदल गया आदमी 

अकबर खान  उदयपुर(राजस्थान) *********************************************************** बदल गया आदमी बदल गया समाज है, बदल गया आदमी बदल गया  समाज है।...

105 views

चंद अशआर

यूसुफ खान 'साहिल' हनुमानगढ़ (राजस्थान) ****************************************************************** ज़ख्मों को मेरे जैसे दवा लगी है, मैं शायर नहीं मगर हवा...

81 views

लड़ा के ये गद्दी चाहते हो क्यूँ

अकबर खान  उदयपुर(राजस्थान) *********************************************************** चमन में आग ये लगाते हो क्यूँ, वतन का नाम ये मिटाते हो क्यूँ।...