ममता सिंह ‘विशिष्ट’
धनबाद (झारखंड)
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हिन्दी के विकास में है युवाओं का योगदान,
यही है हमारी धरोहर, इसकी बढ़ाते शान।
हिंदी हमारी मिट न पाए इसका रखते ख्याल,
हिन्दी से ही हमें मिलती है इक जान-पहचान।
सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम, वाटसअप, टेलीग्राम,
फेसबुक, यू-ट्यूब पर होती है पढ़ाई और आसान।
करते हिन्दी का ही प्रयोग, युवा कहानी-कविता,
चुटकुले-पहेली औ अपनी समस्या करते साझा।
खूब होतीं दिल की बातें, बढ़ती जान-पहचान,
हिन्दी के विकास में है युवाओं का योगदान।
सरकारी कार्यालय, विदयालय, हिन्दी में होते काम,
देश के युवा बढ़ाते हैं भारत माता की शान।
उपन्यास, कहानियाँ और लेख हिन्दी में हैं लिखते,
दिल और समाज की बातें सब हिन्दी में चर्चा करते।
हम सभी भारतीय हैं, हिन्दी हमारी पहचान है,
चाहे हों अनेक भाषा, पर हिन्दी पर अभिमान है॥