सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
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यह संसार सिर्फ़ एक मेला है,
हर प्राणी यहाँ अकेला है।
सुख-दु:ख सब है इस जीवन में-
बस कठपुतली का खेला है॥
सबसे एक विनय हमारी है,
भाषा की प्रगति ज़िम्मेदारी है।
संग साथ-साथ चलते रहना-
नवयुवकों की अब बारी है॥