By hindibhashaa lekhak

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गर्मी के बाद बारिश का अहसास

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** दिनकर ने शोले बरसाये,पर अब तो राहत है।बहुत दिनों के बाद सभी की,खिली-खिली तबियत हैll ताल-तलैयां रीत गये थे,नदियां भी थीं सूखी,बुझा-बुझा मन रहता था,और […]

तुम भी रहो,मैं भी-यही अहिंसा

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनिनई दिल्ली(भारत) *********************************************************************** देश एवं दुनिया में राजनीतिक परिवेश ही नहीं बदला,बल्कि जन-जन के बीच का माहौल,मकसद,मूल्य और इरादा सभी कुछ परिस्थिति और परिवेश के परिप्रेक्ष्य में बदलता […]

ये कैसा प्रहार

रंजन कुमार प्रसादरोहतास(बिहार) *************************************************************** आज भुखमरी देख,‘कोरोना’ बीमारी देखकोरोना के आगे देखो,दुनिया लाचार है। मनु आज हार गया,महामारी जीत गयीजिंदगी थम-सी गयी,जीवन बेकार है। सभी ओर हाहाकार,कालपथ त्राहिमामसहसा सहारा बन,ये […]

आत्मनिर्भर भारत ‘बिना हथियार का युद्ध’

डॉ. नीलम महेंद्रग्वालियर (मध्यप्रदेश)************************************* आजकल देश में सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर चीन को बहिष्कृत करने की मुहिम चल रही है। इससे पहले ‘कोविड-१९’ के परिणामस्वरूप जब देश की […]

घायल हो रहा हिमालय

शशांक मिश्र ‘भारती’शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ****************************************************************** आज देश की कई सीमाएं असुरक्षा से मचलती हैं, घायल हो रहा हिमालय शहीदों की संख्या बढ़ती है। देश के अन्दर कानाफूसी दोषारोपण में उलझे लोग- […]

ज़िन्दगी इक नदी…

सुनील चौरसिया ‘सावन’ काशी(उत्तरप्रदेश) ********************************************************** जिंदगी इक नदी है,अनवरत प्रवाहकिए बिना परवाह,आगे बढ़ते ही जानावापस कभी ना आना,‘सावन’ समय के साथकदमताल मिलाना,धार से अलग होखेतों में जाना…लोक कल्याण हेतु,खुद को […]

माँ से प्यारा नाम नहीं संवेदनाओं से ओत-प्रोत कविताएँ

बुद्धिप्रकाश महावर मनमलारना (राजस्थान) **************************************************** ‘माँ से प्यारा नाम नहीं’ काव्य संग्रह(जयपुर) काव्य जगत में स्थापित एवं वरिष्ठ कवि टीकम बोहरा ‘अनजाना’ की एक संवेदनशील कृति है। माँ शब्द देखने […]

भारत के सैनिकों को नमन

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** देश की सीमाएं नहीं बनती हैं कागज पर लकीरों… सेये तो बनती आयी है फौजियों की ही श्मशीरों से,हमारे सैनिक हैं प्रहरी,हमारे देश की सीमाओं केभारत […]

अब बरस भी जाओ…

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)***************************************************************** बादल का एक टुकड़ा मेरी खिड़की से गुजरा,कभी छुपता,कभी बिखरताहवा से अठखेलियाँ करता,मेरे आँगन में आ रुका।खिड़की पर टिकी रात धीरे से झपकियां लेने लगी,ऐसा लगा […]

जल है तो हम हैं

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)*********************************************************************** जल ही जीवन का आधारजल से जीव और संसार,जल से बाग-बगीचे उपवन,जल सृष्टि का अनमोल रतन। जल से ही छाई हरियालीप्रकृति की है देन निराली,जल से ही […]