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पानी बचाइए

दीप्ति खरे
मंडला (मध्यप्रदेश)
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नीला अम्बर धरती प्यारी,
सबकी जीवन डोर है पानी
यह जीवन का आधार है,
पानी बचाइए।

नदी, तालाब कुएं और झरने,
जल से ही तो जीवित हैं
सुख न जाए यह जलधारा,
पानी बचाइए।

पानी की हर बूँद कीमती,
व्यर्थ इसे न बहने दो
जल है तो कल है इसलिए,
पानी बचाइए।

पानी को रखें सुरक्षित,
अपनाएं जल संरक्षण हम।
भावी पीढ़ियों के लिए,
पानी बचाइए॥