पहली भाषा हिंदी सीखी

ममता सिंह ‘विशिष्ट’धनबाद (झारखंड)******************************* जन मन का भाव हिन्दी (हिन्दी दिवस विशेष)… जब हिन्दी ने मुझसे बात की,दिल मेरा गद-गद हो गया। जब अपनों से मुलाकात हुई,दिल मेरा पागल-पागल हो गया। हिन्दी से अपनापन भा गया,मुझको तो मजा बस आ गया। कन्नड़, मलयालम, तमिल, तेलुगू,और अंग्रेजी सर से उतर जाती है। मगही, मैथिली औेर भोजपुरी,हिन्दी … Read more

सब मिलकर करें प्रयास

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)****************************** जन मन का भाव हिन्दी (हिन्दी दिवस विशेष)… १४ सितंबर ‘हिंदी दिवस’हम सब मिल कर धूमधाम से मनायेंगें,लंबी-लंबी गोष्ठियाँ और भाषण बाजी करेंगेंलेकिन बच्चों को हम पढ़ायेंगें,बड़े-बड़े अँग्रेजी स्कूलों मेंक्योंकि हिंदी बोलने में हम शरमाते हैंक्योंकि अँग्रेजी बोलना अब स्टेटस सिंबल बन चुका है। वैसे, तो अँग्रेजी बोलने में हम अक्सर घबराते … Read more

सब नमन करें

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************* पधारिए ना विघ्नहर्ता… (गणेश चतुर्थी विशेष)… लंबोदर गज बदन विनायक महिमा अपरंपार,बुद्धि, विवेक में अग्रणी प्रथम पूज्य करतार। करें महिमा श्रवण गणपति जी की,सब नमन करें, सब नमन करेंहैं भक्त शरण गणपति ‌जी की, सब नमन करें, सब नमन करें…। संसार परिक्रमा करनी थी, वे मात-पिता की कर आएबुद्धि है परम … Read more

‘हिंदी’ – ‘विश्व-वाणी’ है आज

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*********************************************** जन मन का भाव हिन्दी (हिन्दी दिवस विशेष)… तन हिंदी, मन हिंदी, हिंदी चिंतन मेरा प्राण है,हिंदी धरती, हिंदी गगन, हिंदी ही पहचान है। श्वास-श्वास में हिंदी बसे, हिंदी में विश्वास है,हिंदी से ही देश का, उज्ज्वल ये इतिहास है। सोते-जागते हिंदी ही, शब्दों का विन्यास है,हिंदी से ही … Read more

दुनिया में हिंदी फैलाएंगे

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)***************************************** जन मन का भाव हिन्दी (हिन्दी दिवस विशेष)…. हिंदी हमारी, हम हिंदी की संतान,हिंदुस्तान की हिंदी को देश में फैलाएंगे। जन-जन के दिल में बसती,देश की धड़कन है हिंदी। दुनिया में हिंदी फैलाएंगे,हिंदी को पहचान दिलाएंगे। सपनों में हिंदी के स्वर गूँजेंगे,मानव मेहनत के सपनों के गीत हिंदी बनेंगे। कल्पना में हिंदी, … Read more

जवानी और बुढ़ापा… असमंजस

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ***************************************** जवानी और बुढ़ापे के बीच,चल रहा हूँ बड़े ही असमंजस मेंजवानी ने मेरा हाथ अभी छोड़ा ही नहीं,बुढ़ापे का हाथ हमने अभी पकड़ा ही नहीं। एक का कहना-चलो मेरे संग उड़ चलो,दूसरे ने कहा-ठहरो, अब धीरे-धीरे चलोदोनों ही बातों को मैं ध्यान लगा सुन रहा हूँ,क्या सही है, इसी के … Read more

हमारी हिंदी

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)********************************** जन मन का भाव हिन्दी (हिन्दी दिवस विशेष)… हिंद देश के हम हैं वासी,है शान हमारी हिंदीसंस्कृत से है जन्म हुआ,राजभाषा हमारी हिंदी। बड़े-बड़े रचनाकारों की,सबसे प्रिय भाषा है हिंदीकथा, कहानी, गीत, ग़ज़ल को,स्वर, सुर, ताल है देती हिंदी। दूजी भाषाओं को अपनाकर,तदभव रूप में रंगती हिंदीबोलियों को बहन समझती,संग हिल-मिलकर रहती … Read more

मेरी भाषा, मेरी अभिमान

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)**************************************** जन मन का भाव हिन्दी (हिन्दी दिवस विशेष)… हिंदी,मेरी भाषामेरी भाषा मेरा अभिमान, मेरी पहचान महान हैयही तो हिंदुस्तान की शान है। भाषाओं के खेल में हिंदी सर्वोच्य है,वैज्ञानिक भाषा का अनमोल खजाना क्यो मौन है ?मेरी भाषा मेरा अभिमान है,शरीर के अंगों सेनिकलने वाले शब्द अनमोल है। मेरी भाषा की बात निराली है,जब बोलो, … Read more

हिंदी:अस्मिता का अक्षय आलोक

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** जन मन का भाव हिन्दी (हिन्दी दिवस विशेष)… शब्दों के शाश्वत आकाश में,जब संवेदनाओं का सूर्य उदित होता हैतब किसी सरिता-सी कल-कल करती,एक भाषा हृदय में अवतरित होती है—हिंदी। यह केवल वर्णों का विन्यास नहीं,निःशब्द अनुभूतियों का मुखरित स्पंदन है;यह केवल संवाद का सेतु नहीं,संस्कृति के चिरंतन संस्कारों काअक्षुण्ण आलोक है। इसकी … Read more

हिंदी मेरे भीतर है

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)************************************** जन मन का भाव हिन्दी (हिन्दी दिवस विशेष)… ‘हिंदी’,मेरे लिए किसी कैलेंडर पर दर्जएक दिन का नाम नहीं है। वह उस क्षण से मेरे भीतर है,जब मैंने दुनिया कोकिसी अर्थ के बिना,पहली बार देखा था। माँ की आवाज़ में,मैंने भाषा का पहला स्पर्श जानापिता की बातों में,जीवन के अर्थ समझेदादी की कहानियों … Read more