‘गुरु’ ईश्वर समान
बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)*************************************** जीवन निर्माता… (गुरु पूर्णिमा विशेष)… गुरु केवल एक व्यक्ति नहीं,वे उस प्रकाश का नाम हैंजो भीतर की अँधेरी सुरंगों में,पहली किरण बनकर उतरता है। ईश्वर दिखाई नहीं देता,पर गुरु का स्पर्शउस अदृश्य करुणा का अनुभव करा देता हैवे हाथ पकड़कर नहीं,विश्वास जगाकर चलना सिखाते हैं। जब मन संशयों से भर जाता है,जब … Read more