शराब क्या ‘अमृत’…?

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)******************************************* सतरंगी दुनिया-३६… एक बात समझ में नहीं आ रही है कि सिर में दर्द होता है तो उसे ‘सिरदर्द’ कहते हैं और अगर नाक में दर्द होगा तो उसे ‘दर्दनाक’ कहेंगे क्या ? हर दवा में एक्सपायरी डेट लिखी रहती है, पर शराब क्या अमृत है कि उसमें एक्सपायरी … Read more

सबसे महंगी चीज ‘भरोसा’

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)******************************************** सतरंगी दुनिया-३२… ‘गिरगिट’ ने आत्महत्या कर ली और सुसाईड नोट में लिखा-इंसान से ज्यादा मैं रंग नहीं बदल सकता। हमें हमेशा अपने लिए अच्छा सोचना चाहिए, क्योंकि गलत सोचने के लिए तो दुनिया बैठी है। कभी भी अफवाहों पर ध्यान मत दीजिए, क्योंकि अफवाह जलने वाले पकाते हैं, इसे … Read more

इंसान के गिरने का कोई वक़्त नहीं

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)******************************************** सतरंगी दुनिया-३१… एक कंजूस महिला ने अपनी वसीयत तैयार की, लिखा-मैं पुर्नजन्म में विश्वास करती हूँ, इसलिए यह वसीयत अपने नाम कर रही हूँ, ताकि मेरे द्वारा छोड़ी हुई सम्पत्ति अगले जन्म में मुझे ही मिले। बूंद-सा जीवन है इंसान का, लेकिन अहंकार सागर से भी बड़ा है। ये … Read more

ईमानदारी से बड़ी विरासत नहीं

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)************************************************* सतरंगी दुनिया-३०…. इस दुनिया में सिर्फ धोखा एवं धक्का ही मुफ्त में मिलता है, बाकी हर चीज की कीमत चुकानी पड़‌ती है। देखिए हमारे देश की हालत- कचरा उठाने वाला अनपढ़‌ है और कचरा फेंकने वाले पढ़े-लिखे। हर कोशिश में शायद सफलता नहीं मिल पाती है, लेकिन प्रत्येक सफलता … Read more

अब दुनिया भरोसे लायक नहीं रही, क्योंकि…

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)************************************************* सतरंगी दुनिया-२९… वास्कोडिगामा अगर शादी-शुदा होता तो को कभी भी भारत की खोज नहीं कर पाता, क्योंकि कहां जा रहे हो ? कहाँ से आ रहे हो ? किसके साथ जा रहे हो ? कब वापस आओगे ? मुझे भी साथ ले चलो। मेरे लिए वहाँ से क्या लाओगे … Read more

‘बेकार’ कार चलाना सीखें

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया-२८…. पत्नी ने घर में ज्यादा खाना बनाया तो पति ने पूछा कि घर में खाने वाले हम ३ लोग हैं, फिर तुमने ढेर सारा खाना किसके लिए बनाया है। पत्नी ने प्यारा-सा उत्तर दिया,- मुझे बचे हुए भोजन से विविध व्यंजन बनाने की विधि सीखनी है। आजकल … Read more

ज़िंदगी बदल देता है काला बोर्ड

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया -२६…    अजीब बात है, कि वो इंजीनियर नहीं है, फिर भी तारीफ के पुल बाँध लेता है। हँसना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है, पर दूसरों पर हँसना हमारे लिए हानिकारक है। उम्र बढ़ने के साथ हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि हम ओल्ड हो गए हैं, … Read more

रिश्तों की कदर कीजिए

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया -२५ आज प्रधानमंत्री द्वारा देश की जनता से जो निवेदन किया गया, उसका असर अब दिखने लगा है। आज सुबह-सुबह कामवाली बाई का फोन आया- बर्तन, कपड़े मेरे घर घर भेज दो। मोदी जी ने वर्क फ्राम होम का आर्डर दिया है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, छोटे … Read more

विकास की वातानुकूलित आत्महत्या

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** मनुष्य बड़ा बुद्धिमान प्राणी है। इतना बुद्धिमान, कि उसने अपने जीवन को आरामदायक बनाने के लिए ऐसी-ऐसी चीज़ें बना डालीं, जिनसे अंततः उसका जीवन ही असुविधाजनक होने लगा। यह वही प्राणी है, जो पहले पेड़ के नीचे बैठकर ठंडी हवा खाता था, फिर उसने पेड़ काटकर वहाँ इमारत बनाई, इमारत गर्म … Read more

अजीब है दुनिया

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया-२१… अपनी ज़िंदगी को खुली किताब मत बनाइए, क्योंकि लोगों को पढ़ने में नहीं, बल्कि पन्ने फाड़ने में मजा आता है। खिचड़ी की विशेषता देखिए- अगर बर्तन में पकती है तो बीमार को ठीक कर देती है और दिमाग में पके तो इंसान को बीमार कर देती है।  … Read more