प्रेम-भावनाओं का केंद्र बिंदु ईश्वर ही
नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* ‘प्रेम’ भावनाओं का केंद्र बिंदु है। ईश्वर भावनाओं से ही प्राप्त होते हैं। ईश्वर धन, दौलत और सम्पत्ति से प्रसन्न नहीं होते; धन-दौलत से अहंकार उत्पन्न होता है, और अहंकार ईश्वर को अप्रिय है।यह विचारणीय प्रश्न है, कि प्रेम कैसे प्राप्त हो। प्रेम में हार-जीत नहीं होती, केवल प्रेम होता है। … Read more