विधु की शोभा निराली
डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** अमृत की रात…(शरद पूर्णिमा विशेष)…. शरद की पावन पूर्णिमा है, विधु भरे सोलह कलायें।होगी कौमुदी सुकोमल पर, किरणें व्याधि को जलायें॥आज विधु की शोभा निराली,सबके उर को हर लेगी।मनहर जुन्हाई क्षीरिका में,अमिय अमोलक भर देगी॥ उस पायेश का पान करके, व्याधियाँ निर्मूल होंगी।तन में भरेगा बल अमिय का, दौर्बल्यता धूल होंगी॥हो … Read more