वो नदी के किनारे

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* वो बचपन की यादें, नदी के किनारे।कहाँ गये वो, रोशनी के नजारे॥ गर्मी का मौसम, वो नदिया की धारा,गाँवों की नदियों का, सुंदर नजारा।उतर आये पानी में, लेकर सहारे,वो बचपन की यादें, नदी के किनारे…॥ बातों ही बातों में हँसते-हँसाते,अठखेलियाँ करके गाने सुनाते।गले से लगाते ये,बाँहें पसारे,वो बचपन की … Read more

जय का वरण

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* विपदाओं से लड़कर, जय को तुम पा जाओ।मंज़िल होगी पास, सफलता गह हर्षाओ॥ विपदाएँ तो नित ही मंगलगान सुनाती हैं,संघर्षों के भावों को, वे रोज़ जगाती हैं।जीवन हो खुशहाल, यही सबकी है चाहत,जो डर जाता उसको ही, वे रोज़ सताती हैं।साहस से प्रियवर तुम तो पूरे भर जाओ,मंज़िल होगी पास, सफलता … Read more

यह राम-कृष्ण की पावन धरती

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* संस्कारों के पुष्प खिलाती, उपवन नवल सजाती है।यह राम कृष्ण की पावन धरती, हम सबको नित भाती है॥ शुभ-मंगल की पवन बह रही, रीति-नीति के मेले हैं,साँच और तप दिलों में रहते, किंचित नहीं झमेले हैं।सीता, अनुसुइया का बल है, संतों की जो थाती है,यह राम कृष्ण की पावन धरती, हम … Read more

जर्जर काया

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* गहरी होती झुर्रियों में, जीवन का इतिहास दिखा।दुनिया के हर रंग का, इस काया ने स्वाद चखा॥ जर्जर हो गई काया अब तो, दुख के कईं झमेलों से,कभी खुशियाँ बहुत बिखेरी, दुनिया के इन मेलों ने।दर्द के कईं थपेड़ों से भी, मैंने खुद को थाम रखा,गहरी होती झुर्रियों में, … Read more

तू ही मेरे मन का मोहन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* तू ही मेरे मन का मोहन, तू ही मेरा श्रृंगार है,नीरव नयनों निखरा तेरा अनिर्वचनीय इकरार है।मंदाकिनी मृदु स्मृति में महकता है तेरा अभिसार,अधरों की अरुणिम किरणों बस प्रेम-पुलकित उद्गार है। श्यामल श्याम छवि छू जाए, चेतन चिर विहार है,राधा-रोम-रोम में रमता रसमय तेरा संभार है।मुरली-मंत्रित मधुप मनों में … Read more

मन रे तू काहे न धीर धरे

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* जब-जब जीवन राह गहन विपदाओं का तम छाए,टूटे स्वप्न-वेदना अंतर्मन को खूब सताए।धैर्य दीप बन जलता तो संकट खुद ही हट जाए,मन रे मन रे तू काहे नहीं, काहे न धीर धरे॥ सुख-दुख दोनों जीवन के हैं दो पल के आने-जाने,आज धूप तीखी ज्वाला, कल छाया शीतल पाने।जो स्थिर … Read more

वो मीठी-मीठी बातें

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* आती हैं याद अक्सर,अब वो पुरानी बातें।वो मीठी-मीठी बातें, वो प्यारी मुलाकातें॥तुम मिली हो अँधेरे में रोशनी की तरह मुझे प्रिये।तुम मिली हो निशा में चाँदनी की तरह मुझे प्रिये॥आँखों में बस जाओ काजल की तरह आज प्रिये।दूर जाकर मत देना मुझे आज कोई भी दर्द प्रिये॥सुखे अधर हृदय बोझिल है, … Read more

जुनून और बलिदान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* साहस, जुनून और बलिदान इंकलाब बना,देश की आज़ादी का तूफ़ानी सैलाब बनादेश में छा गया मौसम-ए-आज़ादी,ब्रिटानिया हुक़ूमत की हार,एक बदलाव बना। भारत माँ का लाल हूँ, दे सकता मैं जान,गाता हूँ मन-प्राण से, मैं इसका यशगानआर्यभूमि जगमग धरा, बाँट रही उजियार,इसकी गरिमा, शान पर, मैं हर पल क़ुर्बान। भगतसिंह, आज़ाद का, … Read more

राम अवध में आ गए

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘रामनवमी’ विशेष (२६ मार्च)…. कौशल्या की गोद में, हैं बालक श्रीराम।जिनके सँग तो धर्म है, मर्यादा-आयाम॥सबके मन नर्तन करें, बहुत सुहाना पर्व।भक्त कर रहे आज सब, इस युग पर तो गर्व॥सकल विश्व को मिल गया, एक नवल उपहार।राम अवध में आ गए, फैला है उजियार॥ जन्म राम जी का हुआ, मंगल … Read more

शहीदों की शहादत

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘शहीद दिवस विशेष’… हर शहीद की अमर शहादत, मंगल गीत सुनाती है।शौर्य, पराक्रम, देशभक्ति को, जीवन दे जाती है॥ जिनने अपना सब कुछ ही तो, हँसकर के बलिदान किया,वतनपरस्ती धारण करके, निज प्राणों का दान दिया।ऐसे वीर सपूतों पर तो, माँ बलिहारी जाती है,शौर्य, पराक्रम, देशभक्ति को, जीवन दे जाती है…॥ … Read more