जंगल की छटा निराली

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )****************************************** जंगल की तो बात निराली, सबके मन को भाये है‌।इसके हर कोने में देखो, पेड़ों के ही साये हैं॥ निकली है पर्वत से नदियाँ, कल-कल बहती रहती है,दुर्गम पथ पर चलते-चलते, एक कहानी कहती है।सूरज का प्रकाश अब देखो, पेड़ों से छनकर आये हैं,जंगल की तो बात निराली, सबके … Read more

मौन रहकर भी वो..

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** प्यार की लहरों में बहता डूबता वो जा रहा है।मौन रहकर भी वो कोई, गीत पावन गा रहा है॥ धड़कनों की आहटों से साज़ सजने लग गए हैं।उर में है नव राग,नेहिल भाव जगने लग गए हैं।है सुकोमल ताल, भीतर चेतना को भा रहा है,मौन रहकर भी वो कोई, गीत पावन … Read more

आँसू की मत बात हो

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)*************************************** चाहे मेरी जीत हो, होंठों पर तो गीत हो।जीवन तेरी प्रीति हो, खुशियों की तो रीति हो॥आँसू की मत बात हो, जीने की सौगात हो।मीठी-मीठी बात हो, दूरी पर ही रात हो॥ गहरा-गहरा काल है, देखो पैनी चाल है।जीवन तो बदहाल है, होता कहर बवाल है॥आँखें नित गमगीन हैं, साँपों की … Read more

सच्चा वादा-मानवता-पथ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)**************************************** झूठे वादे कभी न करते, उनका खिलता जीवन। व्यथा, वेदनाएँ मिट जातीं, भरे हर्ष से तन-मन॥ सच्चा वादा मानवता-पथ, रीति-नीति सिखलाए,साँच-झूठ में भेद बताता, जीवन-सुमन खिलाए।सच्चाई को जो अपनाते, उनका महके आँगन। व्यथा, वेदनाएँ मिट जातीं,भरे हर्ष से तन-मन…॥ सच वादों की महिमा न्यारी, चमत्कार होता है,अनुपालन है जहाँ न्याय का, वहाँ सुयश … Read more

व्यथा, वेदनाएँ मिट जातीं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)****************************************** अनाचार से जो भिड़ते हैं, उनका खिलता जीवन। व्यथा, वेदनाएँ मिट जातीं, भरे हर्ष से तन-मन॥ सदाचार है मानवता-पथ, रीति-नीति सिखलाए,साँच-झूठ में भेद बताता, जीवन-सुमन खिलाए।सदाचार को जो अपनाते, उनका महके आँगन,व्यथा, वेदनाएँ मिट जातीं, भरे हर्ष से तन-मन…॥ सदा कर्म की महिमा न्यारी, चमत्कार होता है,अनुपालन है जहाँ न्याय का, वहाँ … Read more

राधा-कृष्ण की अलौकिक प्रेम-लीला

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* राधा के दृग में प्रेम-ज्योति, श्याम अधर मुरली प्यारी,कुंज-निकुंज महके जैसे खिल उठी हो फुलवारी।हिय निकुंज प्रेम वह जिसमें स्वार्थ कहीं भी न ठहरे,जिसकी शक्ति से हार गई जग की हर अंधियारीf॥ श्याम-संग राधा खड़ी साहस की अमर कहानी,प्रेम जहाँ सम्मान सुरक्षित, पूजित होती नारी।अन्यायों के सिंहासनों को प्रेम सदा झुकवाता,करुणा, सत्य, समत्वबोध से होती  विजयज्ञ हमारी॥ मुरली मधुरा तान सुनाकर मोहन जग समझाते,राधा बनकर प्रेम-समर्पण के नव … Read more

शिव प्रेम की डोरी

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** मन संवाद करूं मैं तुमसे, बंधो शिव प्रेम की डोरी से।तुम हो एक छोटे से बालक, बंधो न जोरा-जोरी से॥ डर से नहीं बदलते हो तुम प्रेम-तर्क से बदले हो,प्रेम के भूखे जन्म-जन्म से तड़प- कसक से बदले हो।। तुम्हें न भय जंजीरों का, खुश होते माँ की लोरी से,तुम हो एक छोटे से बालक, बंधो न जोरा-जोरी से…॥ … Read more

वो नदी के किनारे

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* वो बचपन की यादें, नदी के किनारे।कहाँ गये वो, रोशनी के नजारे॥ गर्मी का मौसम, वो नदिया की धारा,गाँवों की नदियों का, सुंदर नजारा।उतर आये पानी में, लेकर सहारे,वो बचपन की यादें, नदी के किनारे…॥ बातों ही बातों में हँसते-हँसाते,अठखेलियाँ करके गाने सुनाते।गले से लगाते ये,बाँहें पसारे,वो बचपन की … Read more

जय का वरण

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* विपदाओं से लड़कर, जय को तुम पा जाओ।मंज़िल होगी पास, सफलता गह हर्षाओ॥ विपदाएँ तो नित ही मंगलगान सुनाती हैं,संघर्षों के भावों को, वे रोज़ जगाती हैं।जीवन हो खुशहाल, यही सबकी है चाहत,जो डर जाता उसको ही, वे रोज़ सताती हैं।साहस से प्रियवर तुम तो पूरे भर जाओ,मंज़िल होगी पास, सफलता … Read more

यह राम-कृष्ण की पावन धरती

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* संस्कारों के पुष्प खिलाती, उपवन नवल सजाती है।यह राम कृष्ण की पावन धरती, हम सबको नित भाती है॥ शुभ-मंगल की पवन बह रही, रीति-नीति के मेले हैं,साँच और तप दिलों में रहते, किंचित नहीं झमेले हैं।सीता, अनुसुइया का बल है, संतों की जो थाती है,यह राम कृष्ण की पावन धरती, हम … Read more