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विजय पर्व

एम.एल. नत्थानीरायपुर(छत्तीसगढ़)*************************************** विजयादशमी विशेष… असत्य पर सत्य का,विजय पर्व मनाते हैंसदियों से मर्यादा का,आदर्श गर्व बताते हैं। आसुरी शक्ति विरुद्ध,ये धर्म का जयघोष हैभीषण दैत्य संहार से,कर्म का युद्धघोष है। […]

स्वागत तुम्हारा

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** संस्कारों के, पालक महान तुम,संस्कृति तुमने ना छोड़ीली जो प्रतिज्ञा मेवाड़ इतिहास में,अब तक ना तुमने तोड़ी। बुरे समय में प्रण कर धारण,राणा के […]

हिंदी के लिए किया दिल्ली में उपवास

नई दिल्ली। प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा द्वारा हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के संकल्प के अभियान निमित्त दिल्ली में कार्यक्रम किया गया। अभियान के अंतर्गत कवि संगम त्रिपाठी ने गांधी जयंती […]

क्यों रावण को कोसते हो ?

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* विजयादशमी विशेष… क्यों रावण को कोसते हो साहब…हम कौन-से राम बने बैठे हैं!इस जहां में, राम के मुखौटे में,हर गली में रावण मिल जाएंगे…। अरे वो […]

हिंदी का सौन्दर्य

डॉ.अशोकपटना(बिहार)********************************** सरलीकरण न हो ऐसा,भाषा पर आघात पड़ेमातृभाषा पर अभिमान बहुत है,हम सबकी अभिलाषा जगे। यह स्वतन्त्र राष्ट्र की शोभा है,अपने वतन से प्यार का गुणविश्व गुरु थे तब भी […]

समझ-बूझ लें

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* विजयादशमी विशेष… विजयादशमी पर्व है, अहंकार की हार।नीति,सत्य अरु धर्म से, पलता है उजियार॥ मर्यादा का आचरण, करे विजय-उदघोष।कितना भी सामर्थ्य पर, खोना ना तुम होश॥ […]

अगर न होता!

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** अगर न होता सूर्य दिन में,जग को प्रकाश दिखाता कौनअगर न होता चाँद रात को,फिर भला चाँदनी फैलता कौन ? अगर न होती दादी-नानी,हमें कहानी […]

सताने लगी है

ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’अलवर(राजस्थान)*************************************** मौत मुझे सहलाने लगी है,धीरे-धीरे बरगलाने लगी है। अंधेरों के साये में बेवजह,वक्त-बेवक्त सताने लगी है। मेरे कर्मों को बयां करके,अब जग भरमाने लगी है। क्या कुछ […]

माँ सिद्धिदात्री भगवती

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************** माँ सिद्धिदात्री भगवति, नवदुर्गे नवशक्ति।सती अम्ब सुर तेजस्विनि, पूजूॅं सादर भक्ति॥ रिद्धि सिद्धिदात्री जगत, करुणानिधि जगदम्ब।सर्व मंगला आरती, तू जीवन अवलम्ब॥ सकल मनोरथ कामना, […]

आकांक्षा बस इतनी

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** खोलो गाँठ हृदय की कुछ तुम,मैं मन फसी फाँस कुछ अपनीछोटी-सी इक इच्छा मेरी,आकांक्षा बस तुमसे इतनी…। जीवन रेल में मेल जैसे,कहीं न कहीं बिछड़ना ही हैपटरी […]