अनुपम स्नेह और आत्मीयता का मिलन पर्व था वियतनाम अधिवेशन

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)******************************************** यात्रा वृत्तांत… यात्रा चाहे जीवन की हो या किसी स्थान की, अनन्य और अप्रतिम होती है। मानव एक जिज्ञासु प्राणी है और नए-नए स्थान को देखना, उसके सौंदर्य को परखना व्यक्ति को अनुपम सुख प्रदान करता है। जहाँ तक मेरा प्रश्न है, मैं एक पैर से निरन्तर यात्रा के लिए तैयार रहती … Read more

एक मुलाक़ात

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************************** जीवन में कब, कहाँ, किससे फिर से मुलाक़ात हो जाए, पता नहीं। मैं गर्मी की छुट्टियों के बाद अपने परिवार के साथ लखनऊ से जबलपुर जा रही थी। लखनऊ और कानपुर के बीच एक स्टेशन आता है- उन्नाव, जहाँ पर रेलगाड़ी थोड़ी देर रुकती है। अधिकतर उन्नाव में काम करने वाले लौटते … Read more

प्रकृति और अस्तित्व

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* सूरज आरक्त होकर पश्चिम की देहरी पर ढलने जा रहा है। अपने सम्पूर्ण ओज से ढुल-मुल स्वर्णिम किरणों का आख़री स्पर्श सृष्टि पर फेरता हुआ धीरे-धीरे क्षितिज के उस पार ओझल होता जा रहा है। शाम अपने रंगीन अंदाज से छम-छम पैंजनिया बजाती हुई बिल्ली के कदमों सी हौले-हौले उतरने लगी … Read more

मेरी अविस्मरणीय सिंगापुर यात्रा

डॉ. बालकृष्ण महाजननागपुर ( महाराष्ट्र)*********************************** ‘न भूतो न भविष्यति’, ऐसी मेरी अविस्मरणीय सिंगापुर में साहित्यिक यात्रा सभी साहित्यकारों के साथ हुई। यात्रा शुरू होने से पहले बहुत सारी भ्रमित कल्पनाएं मन में एक के पीछे एक आ रही थी। बचपन में हमारे चाचा जो नेवी से संबंध रखते थे, उनसे सुना था सिंगापुर के बारे … Read more

खट्टे-मीठे अनुभव

रीता अरोड़ा ‘जय हिन्द हाथरसी’दिल्ली(भारत)****************************************************** ‘हम सब साथ-साथ हैं’ का दसवां अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा प्रदर्शन सम्मान समारोह इस बार हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में भूटान में होना सुनिश्चित (१६ से २३) हुआ। इससे पहले मुझे साथ-साथ के ‘भारत-नेपाल मैत्री सम्मेलन’ में प्रतिभागी होने का अवसर मिला था। यहाँ हम चर्चा करेंगे भूटान भ्रमण की, … Read more

‘कोरोना काल’ या ‘काल’…??

तारकेश कुमार ओझाखड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************* हाल में कानपुर(उप्र)जाने का कार्यक्रम रद्द किया तो मन में सहज ही यह सवाल उठा-ये कोरोना काल है या दुनिया के लिए काल है कोरोना… ?? लेखकों के एक सम्मेलन में शामिल होने का अवसर पाकर मैं काफी खुश था। सोचा कानपुर से लखनऊ होते हुए गाँव जाऊंगा और … Read more

महाकाल:अमरत्व की प्राप्ति

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ महाशिवरात्रि विशेष………… यह हमारी अवंतिका नगरी(उज्जैन,मप्र) की यात्रा का वृतांत है। वह नगरी जो हमारी आस्था का प्रतीक है। सत्यम,शिवमऔर सुंदरम के भावों को अपने में समेटे अर्थात स्वयं भगवान शिव की नगरी है। इस वृतांत में आपको उज्जैन की भौगोलिक स्थिति,ऐतिहासिक,प्राकृतिक सुषमा और आध्यत्मिक,सांस्कृतिक विरासत का कलात्मक संगम देखने को … Read more

मेरी गुमशुदगी…

डॉ.एम.एल.गुप्ता ‘आदित्य’ मुम्बई (महाराष्ट्र) ************************************************* मुंबई लौटते-लौटते आशंकाओं का बाजार गर्म हो चुका था। इस प्रकार अचानक मेरे लुप्त हो जाने से मेरे शुभचिंतक,मित्र और परिचित आशंकित हो उठे थे। कुछ लोगों के मन में यह सवाल घुमड़ रहा था कि सामाजिक जनसंचार माध्यम पर यह व्यक्ति जो भाषा और राष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय रहता है,वह … Read more

कोरोना काल…रेल यात्रा बेहाल…

तारकेश कुमार ओझाखड़गपुर(प. बंगाल ) ************************************************* वाकई भौकाल मचाने में हम भारतीयों का कोई मुकाबला नहीं। बदलते दौर में दुनिया २ भागों में बंटी नजर आ रही है। एक पर्दे की दुनिया और दूसरी असल दुनिया,इस बात का अहसास मुझे कोरोना की नई लहर के बीच की गई रेल यात्रा के दौरान हुआ। भांजी की … Read more

आइए,चलते हैं ‘गुलाबी नगर’ की सैर पर

डॉ.प्रभात कुमार सिंघलकोटा(राजस्थान)************************************ विश्व प्रसिद्ध राजस्थान का ‘गुलाबी नगर’ जयपुर मेरा पसंदीदा शहर है। सौभाग्य है कि वर्षों मुझे यहाँ रहने का अवसर प्राप्त हुआ। बहुत करीब से देखा-जाना है शहर को-यहाँ की जीवन-शैली,परम्पराओं और संस्कृति को। गुलाबी रंग की रंगत लिए जयपुर कीचारदिवारी वाला प्रसिद्ध गुलाबी नगर,इसका कलात्मक परकोटा,गुलाबी इमारतें-महल, कला-सांस्कृतिक परम्पराएं,उत्सव,हस्तशिल्प सभी कुछ … Read more