गंध

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)***********************************      जब से ईरान, अमेरिका और इजराइल का युद्ध शुरू हुआ है, मनीषा की नजरें टी.वी. न्यूज से नहीं हटतीं थीं। उसके पति भी तो फौज में हैं, जाने कब लड़ाई छिड़ जाए! आकाश में उड़ते ड्रोन, मिसाइल, गोलियों की आवाजें, लोगों की चीख-पुकार और उनके चेहरे पर फैली उदासी की … Read more

सफाई का अनोखा माॅडल

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** “बच्चों !मेरे पास आकर बैठो। मुझे कुछ कहना है।”“क्या बात बता रही हो दादी ?” “सफाई के एक अनोखे मॉडल के बारे में।”“क्या है वह सफाई का अनोखा मॉडल ? कहाँ,किस राज्य में है ?”    “उससे पहले यह सुनो कि उनका कहना है “कचरा लेकर आओ, साइकिल लेकर जाओ।”  “वाह, क्या बात है। … Read more

वो आँसू

शीला बड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** ऑफिस में लंच का समय हो गया, रक्षा २ साल से इस जगह काम कर रहीं है। “अरे! सब जल्दी आओ, जोर से भूख लग रहीं है”, अश्विन ने कहा। रक्षा, सावि,अश्विन और नील सभी दोस्त एकसाथ बातें करते हुए खाना खा रहे हैं, तभी अश्विन पूछता है “रक्षा तुम … Read more

हाय रे! प्रसाधन कक्ष….

राधा गोयलनई दिल्ली******************************************     “ओए, जल्दी बाहर निकल। मुझे भी जाना है।”    ” अरे, रुक जा ना। पहले पेट तो साफ हो लेने दे, तभी तो बाहर निकलूँगा।”    ” जल्दी कर, मुझे भी बहुत तेज प्रैशर लगा हुआ है।”   “मुझे ब्रश करना है। ऑफिस जाने को देर हो रही है।”    “अरे … Read more

नींव का पत्थर

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** मजदूर दिवस विशेष…. खाली सड़क पर उसकी साइकिल हवा से बातें कर रही थी। एक धीरे चल रहे स्कूटर से जब वह आगे निकला, तो उसके चेहरे पर चमक आ गई और पाँव जैसे मशीन बन गए।“धीरे चलाओ… कहीं हम दोनों गिर गए तो ?”“चिंता मत कर…. मैं चोट खा … Read more

दर्पण

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** आज भी राहुल रोज की तरह जल्दी उठा। माँ ने कहा—“बेटा, आज मोहल्ले में सफाई अभियान है, तुम भी चले जाओ।”मुँह बनाते हुए जवाब दिया—“माँ मुझे क्या मतलब इस गंदगी से ? ये काम तो सफाई वालों का है।”और तैयार होकर बाहर निकल गया।गली में कचरे का ढेर था, जिससे बदबू … Read more

कन्या पूजन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* “डॉक्टर साब! क्या पाँच तारीख के पहले आपरेशन नहीं हो सकता ?”“नहीं माताजी नहीं! उसके पहले की मेरी सारी डेट्स बुक हैं। पर आपको पाँच तारीख के बाद क्या प्रॉब्लम है ?”“दरअसल, डॉक्टर साब! पाँच तारीख से नवरात्रि शुरु हो रही है, और मेरे घर में बहुत श्रद्धा से नवरात्रि मनाई … Read more

कागज़ की ढाल

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** डॉ. विनोद शर्मा ने ३६ घंटे जागकर परीक्षा दी थी। रैंक आई ४७वीं और सीट नहीं मिली। जिसे मिली, उसकी रैंक थी-३१२वीं, नाम था – सुरेंद्र मेघवाल। उसके पास एक प्रमाण-पत्र था, जो काफी था। यह व्यवस्था थी। इसे स्वीकार करना था, पर जब विनोद ने अपना दु:ख कहा, तो सुरेंद्र … Read more

नमक का हक़

डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** पंद्रह साल से रमेसर उनके घर में था। सेठ हरिप्रसाद उसे बेटे की तरह मानते थे — कम से कम यही कहते थे।रमेसर सब जानता था — कहाँ तिजोरी है, कहाँ चाबी रखती हैं मालकिन, किस रात कोई नहीं रहता।“रमेसर, तू तो घर का हिस्सा है।” सेठजी अक्सर कहते।“हाँ सेठजी, घर … Read more

एक पुड़िया…

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ आज शाम जब दीपक ऑफिस से लौट कर आया, तो घर में बाबूजी के चीखने-चिल्लाने की आवाजें गूँज रही थीं। क्रोधित बाबूजी अपनी भाषा के स्तर को भूल कर गाली-गलौज पर उतर आया करते थे, परंतु ऐसा अवसर बहुत कम ही आया करता था; क्योंकि बाबूजी बहुत शांत स्वभाव के थे। वह … Read more