हौसले से भरपूर मेरा भाई

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** ‘विश्व भाई दिवस’ विशेष… मैं विनय से आठ वर्ष बड़ी हूँ, हम छः बहन-भाइयों में विनय पाँचवें हैं।मेरा बचपना ही था जब विनय का जन्म हुआ। कभी अपनी सहेलियों के साथ खेलने निकलने लगती तो माँ कहती विनय को भी साथ ले जा, मैं तब तक घर का कुछ काम निपटा लूँ। … Read more

इतनी बड़ी पृथ्वी पर

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** इतनी बड़ी पृथ्वी पर,मुश्किल हैएक बच्चे का आज़ादी से खेलना,इतनी पाबंदियाँ हैं किलोग हौसला नहीं, हिदायतें दिया करते हैं,रुक जाते हैं उनके पाँव। जो आसमान नापने के लिए बने,चुप हो गई उनकी आवाज़जिसमें नई भाषा का जन्म होना था,रंगों की थकानउन्हें बुला रही है,ख़ाली दीवारें इंतज़ार में हैं किउनकी रंगत बदल … Read more

रिश्तों की कदर कीजिए

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया -२५ आज प्रधानमंत्री द्वारा देश की जनता से जो निवेदन किया गया, उसका असर अब दिखने लगा है। आज सुबह-सुबह कामवाली बाई का फोन आया- बर्तन, कपड़े मेरे घर घर भेज दो। मोदी जी ने वर्क फ्राम होम का आर्डर दिया है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, छोटे … Read more

जेठ जी द्वारे आए…

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ जेठ जी आए द्वारे हमारे,झट आँचल हमने संभाला। आँखें नीचे, पलकें झुकी,पसीने को भी अब छुपाए। कैसे निकलूं अब द्वारे,बाहर लगी जेठ जी की पहरेदारी। आँचल संभालूँ या चाय का कप,चाय से हो गई है मोहब्बत पल-पल। पंखे, ए.सी., कूलर सब डर गए,अब तो पसीने की हो गई है दावेदारी। कैसे जाऊं मंदिर … Read more

बटोही बढ़ता चल

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** बटोही आगे बढ़ता चल, पथ में चुनौतियाँ आएंगी,होना नहीं विकल, बटोही आगे बढ़ता चल। माना कि तुझको पग-पग पर शूल मिलेंगे,शूलों पर चलकर ही तुझको फूल मिलेंगेमुश्किल से घबरा कर साथी, होना मत बेकल,बटोही आगे बढ़ता चल…। जो मुश्किल में घबरा जाता, उसको बहुत डरातीं,जो हिम्मत से करे सामना, उससे खुद डर … Read more

पाप-ताप सब हर गई

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* कठिन भगीरथ तपस्या, आई   सुरसरि धाम।पाप-ताप सब हर गई, लेकर शिव का नाम॥ बँधी हुई शिव की जटा, करती मंद प्रवाह।धरती का कल्याण कर, बाँटे नव    उत्साह॥ पुण्य सलिल उतरी धरा, सगर-पुत्र उद्धार।गंगाजल स्पर्श से, पापमुक्त संसार॥ गंगा केवल नीर नहीं, भारत की    पहचान।सनातनी संस्कृति सरित, जनमानस सम्मान॥ गंगोत्री ऋषिकेश से, बहती    हरिद्वार।तीर्थराज संगम बही, गंगासागर धार॥ कल-कल बहती संदेश।प्रयाग से … Read more

बिखरे-बिखरे से इशारे

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* बिखरे-बिखरे से इशारे,तेरी यादों के सहारेजी रहे हैं अब भी हम, तेरे ही इशारे,चुपके-चुपके दिल ये पूछे। कहाँ गए तुम छोड़ करे मुझे बेसहारे,बिखरे-बिखरे से इशारेअब भी मेरा दिल देखे तेरी राह,तूने क्या किए इशारे, अधूरे-अधूरे बिखरे-बिखरे। कैसे समझूं मैं तेरे इशारे ?, बिखरे-बिखरे,आती है याद तेरी, अब पुराने इशारे।आँखों ही … Read more

गर्व होता भाइयों पर

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘विश्व भाई दिवस’ विशेष… हमें गर्व होता है अपने भाइयों पर,शोर मचाता और हर्षाता स्वर। भाई जिसके भी होते हैं,वो बड़े खुशनसीब होते हैं। एकसाथ खेल कर बड़े होते हैं,और साथ में बाजार जाते हैं। जो काम एक भाई करता है,दूसरा भी वो काम करता है। छोटे भाई को कोई जब भी … Read more

धरती झुलस रही

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** आसमां से बरसती आग,धरती झुलस रही गर्मी सेगर्मी ने किया बेहाल,पेड़-पौधों ने बचा ली धरती की तपिशजहां पेड़-पौधे नही थे,वहाँ तरस रही धरती छाँव को। सूरज से गुहार करना बेकार,बादलों से कर लो दोस्तीये बचा लेंगे प्राण,भटक रहे वाहन और राहगीरपशु-पक्षी छाँव के आसरे को। धरती की सूखी जमीन कह रहीअपनी … Read more

पीर सताती है सदा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जो वियोग में रह रहा, उसको होती पीर।मीत नहीं है पास में, तो बिलखे हर धीर॥ पीर दर्द का नाम है, मानव चिंतायुक्त।केवल साहस से मनुज, हो सकता है मुक्त॥ पीर मिले तो आदमी, भय में जाता डूब।रखे हौसला तब उगे, साहस की मृदु दूब॥ पीर सताती है सदा, नैनों को … Read more