स्वतंत्र अधिकार

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)… हर पल रहे मन में देश के लिए तमन्ना,ईश्वर से है यही दुआ हर सूरत मुस्काए यहाँ। देश का हर जवान करता रहे देश की सेवा,दूर कर दूँ ताकतवर तानाशाही की बेला। आजाद भारत में फहराता रहे तिरंगा हरदम,स्वतंत्रता से जिए हर नागरिक यहाँ। … Read more

नाट्य-साहित्य के पुरोधा थे डॉ. चतुर्भुज, गीत-निर्झर थे विशुद्धानंद

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पटना (बिहार)। रेल में अधिकारी और आकाशवाणी में निदेशक रहे बिहार के महान रंगकर्मी डॉ. चतुर्भुज नाट्य-साहित्य के प्रणम्य पुरोधा थे। नाट्य-साहित्य को मंचन योग्य शिल्प देकर उन्होंने न केवल रंगमंच को समृद्ध किया, अपितु अपनी मोहक काव्य-कल्पनाओं से ऐतिहासिक नाटकों को विपुल समृद्धि प्रदान की। अपने नाटकों से उन्होंने यह भी सिद्ध किया कि … Read more

आम आदमी को है संविधान पर अभिमान

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)…. संविधान के गठन में लगे ३ थे साल,२६ जनवरी १९५० में लागू बेमिसालअधिकारों, कर्तव्यों की अद्भुत है मिसाल,आम्बेडकर जी की अगुआई में लगे हैं सालों-साल। संविधान ने दिया हमें है लोकतंत्र बड़ा विशाल,मौलिक अधिकार संरक्षित करता बनकर ढालआम आदमी को मिलती … Read more

‘सागर से अंतरिक्ष तकःभारत की रक्षा क्रांति’ को मिला अकादमिक अनुदान

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नई दिल्ली। जब शब्द राष्ट्र की सुरक्षा और सामरिक स्वावलंबन की गाथा बन जाते हैं तो वे राष्ट्रीय चेतना का दस्तावेज कहलाते हैं। हिन्दी अकादमी, दिल्ली ने इसी चेतना को सम्मान देते हुए वरिष्ठ पत्रकार- लेखक योगेश कुमार गोयल की कृति ‘सागर से अंतरिक्ष तकःभारत की रक्षा क्रांति’ के लिए प्रकाशन अनुदान की घोषणा की … Read more

‘ग़ज़ल कुंभ-२०२६’ साहित्यिक उत्सव में पुस्तकें लोकार्पित

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पटना (बिहार)। ‘ग़ज़ल कुंभ-२०२६’ के अंतर्गत वाराणसी के पटेल भवन में अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक कार्यक्रम किया गया। प्रसिद्ध शायरा डॉ. पूनम सिन्हा ‘श्रेयसी’ (पटना) के ग़ज़ल संग्रह ‘चाक दामन’ और साहित्यकार राजकांता राज की पुस्तक (बाल ग़ज़ल संग्रह) ‘मेंढक बोला टर्र-टर्र-टर्र’ का भी लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम के संयोजक प्रसिद्ध शायर दीक्षित दनकौरी रहे। अध्यक्षता … Read more

बातें मेरी ज़िंदगी की

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** बातें उन दिनों की है, जब मैं छोटी थी, दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। पढ़ने में काफी तेज नहीं थी, मगर मन में हमेशा रहता था कि राज्य में अव्वल दर्जा लाऊं। इसलिए रात-दिन एक कर पढ़ती रहती थी। मुझे याद भी देर से होता था, इसलिए एक-एक प्रश्न के उत्तर हमेशा … Read more

एक रंग ऐसा भी…।

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ वसंत की पुरवाई में सतरंगी छटा में देशभक्ति के मधुर तराने व गीत-संगीत का दृश्य टेलीविजन पर चल रहा था। “मेरा रंग दे बसंती चोला”…, जिसे घर में बैठी बूढ़ी माँ सुन रही थी, क्योंकि उसका बेटा फौज में गया था। देशभक्ति के गाने जब भी सुनती थी, तो उस … Read more

गीत खुशी के गाऊँगा

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* युवावस्था जो चली गई है, उसको वापस लाऊँगा।बूढ़ा हूँ तो क्या हुआ, अब मैं गीत खुशी के गाऊँगा॥ जिंदादिली जीने का जज्बा, कूट-कूट कर भरता हूँ,प्रात: काल जल्दी उठकर मैं, निशदिन योगा करता हूँ।हिम्मत करके और साहस से, मैं तो तीर्थ जाऊँगा,युवावस्था जो चली गई, उसको मैं वापस लाऊँगा…॥ … Read more

हम वास्तव में स्वतंत्र हैं ?

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)… आज हमारा देश स्वतंत्र है,पर क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हैं ?कहने को आज लोकतंत्र है,पर क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हैं ? मेरे ख्याल से तो नहीं, बिलकुल नहीं,हम आज भी परतंत्र हैंभले ही अंग्रेजों से मुक्ति मिल गई,हम आज भी नहीं स्वतंत्र … Read more

पुण्य धरा है हिन्द

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)… आन बान अरु शान, तिरंगा मान हमारा।हमको इस पर गर्व, हमें प्राणों से प्यारा।तीन रंग का मेल, शान से यह लहराता।चक्र सुशोभित मध्य, सभी के मन को भाता॥ केसरिया है रंग, शौर्य को ये बतलाता।श्वेत रंग है मध्य, हृदय में शान्ति बढ़ाता।हरित वर्ण … Read more