माता-पिता ‘ईश्वर का वरदान’

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा (विश्व माता-पिता दिवस विशेष)…. माँ की ममता, पिता का साया,ईश्वर का सबसे सुन्दर वरदानइनका आशीष देता जीवन में,सुख, शांति, सफलता और सम्मान।  अपने सपनों को दरकिनार कर,देते हमको ये नई उड़ानबदले में बस ख्वाहिश इतनी,हमको मिले सुंदर जहान।  माता-पिता की सीख और संस्कार,जीवन जीना सिखलाते हैंधूप अगर जीवन … Read more

माता-पिता कुल श्रेष्ठ हमारे

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा (विश्व माता-पिता दिवस विशेष)… मात-पिता मेरे भगवान, हमें बनाते शिष्ट बलवानभूत-भविष्य संग वर्तमान, गढ़ें संस्कार हो सामर्थ्यवान। माँ ही पहली शिक्षक मेरी, पालन पोषण जीवन धुरीपिता ही ताकत प्रेरणा पूरी,माँ से संभव स्वप्न अधूरी। पिता भाग्य के प्रथम प्रभारी, माता भविष्य की बड़ी पुजारीदोनों जीवन के बड़े उपकारी, चरण … Read more

काव्य गोष्ठी संग हुआ कल्पकथा मासिक सम्मान समारोह

सोनीपत (हरियाणा)। राष्ट्र, हिन्दी भाषा एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार ने जून २०२६ का मासिक सम्मान समारोह किया। इस अवसर पर २५२वीं साप्ताहिक काव्य गोष्ठी का भी हुई। लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकार डॉ. गजेंद्र हरिहरनों ‘दीप’ की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ पत्रकार रघुवंशमणि सिंह के मुख्य आतिथ्य में यह हुआ।  परिवार की संवाद … Read more

योगेंद्र नाथ शुक्ल की लघुकथाओं में भाषा-शिल्प की सादगी के साथ गहराई और मौलिकता

इंदौर (मप्र)। लघुकथा लिखना आसान नहीं कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य है। एक गंभीर लघुकथा लिखने में लघुकथाकार को लंबा समय लग जाता है। डाॅ. योगेंद्रनाथ शुक्ल की लिखी लघुकथाओं में भाषा, शिल्प की सादगी के साथ-साथ गहराई और मौलिकता है जो उन्हें विशिष्ट बनाती है।     वरिष्ठ साहित्यकार सूर्यकांत नागर ने यह बात इंदौर प्रेस … Read more

संग्रह ‘बे ज़बाँ नहीं, जज़्बात मेरे’ विमोचित

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भोपाल (मप्र)। आसरा लोक कल्याण संस्था भोपाल (आलोक संजर पूर्व सांसद तथा वेदाशीष श्रीवास्तव अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष) द्वारा नवोदित ग़ज़लकार (दिल्ली) हेमेंदु सिन्हा के प्रथम गज़ल संग्रह का विमोचन समारोह आयोजित किया गया। ‘बे ज़बाँ नहीं, जज़्बात मेरे’ के इस विमोचन समारोह में अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार संतोष श्रीवास्तव (संस्थापक अध्यक्ष, … Read more

नई ताजगी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** धूप गर्मी की अब तो पसरने लगी,खेत की सारी फसलें भी पकने लगींमस्त ख़ुशबू अमलतास गुड़हल की अब,फ़िज़ाओं में रह-रह बिखरने लगी। अपने साज़ों हुनर से धरा भी यहाँ,नित नए चित्र में रंग भरने लगीहर तरफ़ हर दिशा में खुशी ही खुशी,सारी अमराइयाँ भी महकने लगी। अब पहाड़ों से झरने उतरने लगे,तरु … Read more

समय की मांग-प्रश्न पूछें और समाधान भी खोजें

ललित गर्गदिल्ली*********************************** कॉकरोच राजनीति…. भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह केवल मतदान की व्यवस्था नहीं, बल्कि संवाद, सहमति, असहमति, संवैधानिक मर्यादाओं और सामाजिक उत्तरदायित्वों का एक सशक्त तंत्र है। लोकतंत्र की शक्ति विरोध में निहित है, लेकिन उसकी गरिमा विरोध की शैली, उद्देश्य और मर्यादा से निर्धारित होती है। हाल के दिनों में … Read more

ज़िंदगी बदल देता है काला बोर्ड

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया -२६…    अजीब बात है, कि वो इंजीनियर नहीं है, फिर भी तारीफ के पुल बाँध लेता है। हँसना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है, पर दूसरों पर हँसना हमारे लिए हानिकारक है। उम्र बढ़ने के साथ हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि हम ओल्ड हो गए हैं, … Read more

चुनौतियों को लेखनी के माध्यम से ही मिलती है सच्ची आवाज

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गोष्ठी… इंदौर (मप्र)। सामाजिक रूढ़ियों को तोड़कर आगे बढ़ने के लिए लगन, अनुशासन, सहनशक्ति और एकाग्रता बेहद जरूरी है। पारिवारिक सहयोग से ही महिलाएं अपनी सेहत और लेखन को सहेज सकती हैं, क्योंकि खेल और लेखन दोनों ही विधाओं की चुनौतियों को लेखनी के माध्यम से ही सच्ची आवाज मिलती है।    यह बात कही मुख्य … Read more

सच कागज़  पर आना चाहिए

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* उगते सूरज की बात कहूँ, कैसे बीती रात कहूँ,सच कागज पर आना चाहिये, काली रातों की बात कहूँ। डोली चढ़कर जाती दुल्हन, अपनी किस्मत साथ लिये,अनगिनत सपने देखे हैं, उन सपनों की सौगात कहूँ। आसमान पर चाँद खिला है, तारों की बारात वहाँ,टिम-टिम तारों से जगमग, रोशन होती रात … Read more