वार्षिकोत्सव में हुआ पुस्तक विमोचन

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दिल्ली। सुर साहित्य परिषद् एवं हंसराज कॉलेज दिल्ली (विवि) के संयुक्त तत्वावधान में वार्षिकोत्सव पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह १८ अप्रैल को कॉलेज के न्यू सेमिनार हॉल में आयोजित किया गया। परिषद् के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. संजय जैन के मार्गदर्शन में इसकी अध्यक्षता प्रो. हरीश नवल ने की। मुख्य अतिथि रूप में डॉ. लक्ष्मी … Read more

‘प्रकृति का संकेत’ पुस्तक विमोचित

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बड़ी खाटू (राजस्थान)। अखिल भारतीय कबीर मठ सदगुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान में लेखक प्रेम तीतरी ने अपनी पुस्तक ‘प्रकृति का संकेत’ और ‘कैरियर’ का पूज्य गुरुदेव महंत डॉ. नानक दास जी महाराज से विमोचन कराया। इस अवसर पर लेखक ने सह लेखक के रूप में नानक दास महाराज को पुस्तक भेंट कर आशीर्वाद लिया।

माँ-बहनों का सम्मान करो, वही असली पूजा

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** हमें कई बार वैष्णो देवी जाने का मौका मिला। दर्शन के पश्चात सात कन्याओं को पूजने के बाद भोजन करवाया जाता है। हर बार मैंने देखा कि दुकान वाला चुपचाप आकर उन लड़कियों से हलवा-पूरी ले जाता था, केवल पैसे लड़कियों के पास रह जाते थे। लड़कियों की अलग-अलग २-३ पालियाँ बनी … Read more

जब दिल से निकलते हैं ‘शब्द…’

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* शब्द जब दिल से निकलते हैं,तो वे केवल ध्वनि नहीं रहतेवे बन जाते हैं स्पंदन,जो किसी और के हृदय को छू लेते हैं। कागज़ पर उतरते ही,वे आत्मा का आईना बन जाते हैंझूठ की चमक उनमें नहीं होती,पर सच की रोशनी अवश्य होती है। वे टूटे मन को सहला … Read more

दर्पण

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** आज भी राहुल रोज की तरह जल्दी उठा। माँ ने कहा—“बेटा, आज मोहल्ले में सफाई अभियान है, तुम भी चले जाओ।”मुँह बनाते हुए जवाब दिया—“माँ मुझे क्या मतलब इस गंदगी से ? ये काम तो सफाई वालों का है।”और तैयार होकर बाहर निकल गया।गली में कचरे का ढेर था, जिससे बदबू … Read more

‘डाँस बार गर्ल’ पर नि:शुल्क प्रकाशन हेतु पुस्तक आमंत्रित

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गंगापुर सिटी (राजस्थान)। किताबगंज प्रकाशन समूह द्वारा डाँस बार, बार गर्ल समुदाय और उनके निजी जीवन पर अनेक शोधपरक पुस्तक, कहानी संग्रह, आत्मकथा एवं उपन्यास के निरंतर प्रकाशन का निर्णय लिया गया है। किताबें पूर्ण रूप से नि:शुल्क योजना के अंतर्गत प्रकाशित की जाएंगी अर्थात लेखक से सहयोग राशि नहीं ली जाएगी। इसके अंतर्गत पाण्डुलिपि … Read more

जीवन पथ का साथी था…

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* पूछे जब तुमसे कोई,कौन हूँ मैं ?तुम कह देनाकोई खास नहीं,शायद एक दोस्त थाकच्चा-पक्का सा,एक भ्रम थाआधा सच्चा-सा। जीवन पथ का,एक साथी थाबातों से अपनी, रातों को,झिलमिल कर जाता थागीतों से जी बहलाता था,खामोश रहकर कभीपास होने का अनोखा,एहसास दे जाता था। लम्बी न सही,गहरी नींदों मेंवो मीठे सपने,दे जाया करता … Read more

ऐ वक़्त जरा तू धीरे चल

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** मत इतना सर्वनाश तू कर,ऐ वक़्त जरा तू धीरे चलजिनके अपने मर गए यहाँ,उनको धीरज धर लेने देकंधा कोई मिल जाए उन्हें,सर रख के जरा रो लेने दे। किसी की महत्वाकांक्षा से,लाशों का यहाँ अम्बार लगासमझ नहीं आता किसको,शत्रु मानें और किसे सगारॉकेट, मिसाइल और ड्रोन दाग,कितना विनाश कर डाला हैवातावरण प्रदूषित … Read more

समकालीन समाज की विसंगतियों पर तीखा प्रहार ‘काले धन के बोनसाई’

मुकेश इन्दौरीइन्दौर (मध्यप्रदेश) ********************************************** पुस्तक समीक्षा… नंदकिशोर बर्वे न केवल एक सशक्त व्यंग्यकार हैं, बल्कि कलाकार व नाटककार भी हैं। उनके कई नाटक चर्चित हुए हैं। श्री बर्वे अपने चुटकीले संवादों, कटाक्ष व अभिनय से पाठकों-दर्शकों पर अलग छाप छोड़ते हैं। नंदकिशोर बर्वे का ये दूसरा व्यंग्य संग्रह ‘काले धन के बोनसाई’ (न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन) है। … Read more

हवाएं भी मौन

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… बसन्त के मौसम में,आमों के वृक्ष परकोयल की मीठी कुहू-कुहूसुनाई देती,वैसी ही मीठी आवाजआशा दीदी की। आज बसन्त ऋतु में,कोयल उदासस्वर की देवी,आशा दीदी के निधन सेसंगीत जगत के साथ,प्रकृति हो चुकी मौनएक सूनापन छाया,उनकी आवाज हीउनकी अमरता की पहचान है। गीत, संगीत, … Read more