पीली हल्दी
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** पीली हल्दी सोहती,मेंहदी लगे हाथबेटी लाल जोड़े में,छूट रहा है साथ। घर में बेटी खेलती,घर करती आबादटुकड़ा मेरे जिगर का,लेकर चले दमाद। घर-आँगन सूना हुआ,सूना सब संसारआगे-पीछे घूमती,बेटी मेरा प्यार। कठिन समय है ब्याह का,माँ-पापा का प्यार।एक रात में बदलता,बेटी पर अधिकार॥