यथार्थ को स्वीकार करने वाली कहानी है ‘लेमिनार फ्लो’
भोपाल (मप्र)। यह संवेदनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक यथार्थ को स्वीकार करने वाली कहानी है। कथानक बुज़ुर्गों की विडम्बना पर आधारित है। कहानी में जीवन का दर्शन है। ठहरे हुए समय में जीवन कठिन हो जाता है, इसे बहने दो। यही भौतिकी में द्रव्य यांत्रिकी का सिद्धांत भी है।मुख्य अतिथि डॉ. पद्मा शर्मा ने शिरीन भावसार … Read more