हर हाल में ज़िंदगी

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* हर हाल में ज़िंदगी को गले लगाइए,कभी खुशी, कभी ग़म-ज़िंदगी के दो पहलूकभी तो हँसाए, कभी तो रुलाए,अजब-ग़ज़ब है ज़िंदगी मेरी। हँसकर गले लगाइए,काँटों भरी राहों में फूल उगाइएसंघर्ष भरी ज़िंदगी है तो,अपने को आज़माइए। कठिन परिश्रम से अपने को ऊपर उठाइए,ज़िंदगी को उन्नति की राहों पर लाने के लिएअपनी मेहनत … Read more

२०२५ के आचार्य काकासाहेब कालेलकर सम्मान घोषित

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दिल्ली। गांधी हिन्दुस्तानी साहित्य सभा एवं विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान द्वारा संचालित सन्निधि संगोष्ठी द्वारा प्रतिवर्ष दिए जाने वाले काका कालेलकर स्मृति प्रोत्साहन सम्मान-२०२५ की घोषणा कर दी गई है। यह १४ मार्च को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में दिए जाएँगे। प्रतिष्ठान के मंत्री अतुल कुमार प्रभाकर और सभा की सभापति कुसुम शाह ने बताया कि … Read more

‘मातृभाषा रत्न’ उपाधि से प्रो. शरद नारायण खरे सम्मानित

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मंडला (मप्र)। शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल की ओर से ‘अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ पर साहित्यकार व प्राध्यापक के रूप में मातृभाषा के संरक्षण, संवर्धन व साहित्यिक उत्थान में उल्लेखनीय योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रो. शरद नारायण खरे को ‘मातृभाषा रत्न सम्मान’ दिया गया है, जो गौरव की बात है। फाउंडेशन के अध्यक्ष … Read more

रंग-रंगीली होली

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** होली विशेष… रंगीली-रंगीली आयीदिल में उमंग छायी,प्रेम रंग बरसे हैफागुन सँवारिए। लाल और हरा पीलारेशमी गुलाबी नीला,सब रंग प्यारे हैंआनन्द मनाइए। बच्चे बूढ़े औ जवानरंग गया आसमान,तन-मन हर्षित हैफाग गीत गाइए। चंदन की गंध डलेकेशर के रंग घुले,कंचन घट छलके हैरंग बरसाइए। नयनों में मस्ती बढ़ीरंग भंग खूब चढ़ी,गोरी के गोरे गालरंग … Read more

खुशियाँ भर देती होली

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ होली विशेष… होली का हर रंग अलग होता है,हरा, लाल, नीला, गुलाबी सब‘बेमिसाल’ रंगों की होली होती है,जीवन में जो ‘खुशियाँ’ भर देती है। जब दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं,इन ‘रंगों’ में सब के सब एक रंग हो जाते हैं,रंगों की होली ‘उमंगता’ का संचार करती है,जीवन में जो … Read more

‘हंसिका’ लोकार्पित, रश्मि लहर सम्मानित

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मुजफ्फरनगर (उप्र)। साहित्यिक संस्था वाणी के वार्षिक संकलन ‘हंसिका’ का लोकार्पण गांधी कॉलोनी रेस्टोरेंट में किया गया। इस मौके पर साहित्यकार रश्मि ‘लहर’ (लखनऊ) को ‘वाणी अर्चना त्यागी सम्मान’ दिया गया।वार्षिक श्रृंखला अंतर्गत प्रकाशित ‘हंसिका’ का संपादन सुनीता मलिक सोलंकी ने किया। इसके मुख्य अतिथि वेद प्रकाश शर्मा वेद ने कहा कि ऐसे संकलनों का … Read more

मातृभाषा के प्रति जागरूकता हेतु कराई लेखन व वाचन स्पर्धा

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कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। ‘अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ के अवसर पर विश्व हिंदी परिषद की पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति सम्मान और जागरूकता को लेकर आलेख लेखन एवं वाचन प्रतियोगिता तथा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न राज्यों के लगभग ७० विद्यालयों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का … Read more

होली-ऐसा रंग नहीं है भाता

धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************** होली विशेष… होली के त्यौहार में,रंग-बिरंगे लगते वनदेख एक-दूसरे को,फैला रहे हैं वह सुगंध। फूल-फूल भंवरे गाते,देते प्यार का संदेशमगन रहते प्रेम में,रात-दिन गुजारते। मूर्ख मानव भूल गया,प्रेम का त्यौहार है आयातन को बना रहा रंगीन,मन का मेल न धोया। हो कोई ऐसा रंग बना जो,मन की दूरी को दूर … Read more

भारत में हैं एआई ‘महाशक्ति’ बनने की पूरी संभावनाएँ

डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** कृत्रिम मेधा (एआई) का युग केवल तकनीकी परिवर्तन का दौर नहीं है; यह वैश्विक शक्ति-संतुलन के पुनर्निर्माण का समय भी है। औद्योगिक क्रांति ने जिन देशों को आर्थिक नेतृत्व दिया, डिजिटल क्रांति ने जिन देशों को तकनीकी प्रभुत्व दिलाया, उसी क्रम में एआई क्रांति उन देशों को अगली वैश्विक बढ़त देगी, … Read more

मिलकर नाचें होली में

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** मिलकर नाचें होली में,आओ हँसी-ठिठोली में। नफरत की दीवार ढहा दो,भेद-भाव को दूर भगा दोमिल-जुल कर सब नाचें गाएं,री सखी हँसी-ठिठोली मेंआओ आज इस होली में।मिलकर नाचें होली में…॥ बासंती बयार बह रही,लहर-लहर पुरवइयासबके दिल को मस्त कर रही,बहना हो या भैयाझूम-झूमकर खुशी मनाएँ,आओ आज इस होली में।मिलकर नाचें होली में…॥ सूरज … Read more