क्यों काटे हरे-भरे पेड़
हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस विशेष)… करुण पुकार सुनो,पेड़ आज आँसू बहा रहे हैंलोगों को समझाते-समझाते थक गए,फिर भी क्यों काटे जा रहे हरे-भरे पेड़ ? कब ‘जागोगे’ नींद में सोने वालों,पर्यावरण को ‘बचाओ’ नहीं तो कुछ भी नहीं रहेगाजीवन का पर्याय हरियाली, पेड़-पौधे हैं,फिर क्यों ‘काटे’ जा … Read more