उठो नारी, बंधन तोड़ो

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता… उठो नारी, अब बंधन तोड़ो, नये युग का संधान करो,साहस की मशाल जलाकर नये जीवन का निर्माण करो। अन्यायों की दीवारों पर चढ़ सत्य-प्रकाश बिखेरो तुम,स्वाभिमान की ध्वजा उठाकर उज्ज्वल सत्पथ का गान करो॥ उठो नारी, अब बंधन तोड़ो, पुन: अपनी शक्ति जगाओ,धरती, अम्बर, … Read more

‘सिलसिला’ में साहित्यकार प्रो. शरद खरे सम्मानित

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मंडला (मप्र)। मध्यप्रदेश उर्दू साहित्य अकादमी द्वारा मंडला में कार्यक्रम ज़िला अदब गोशा के अंतर्गत ‘सिलसिला’ में व्याख्यान व रचनापाठ स्थानीय समन्वयक प्रो. राजेश ठाकुर के संयोजन में किया गया। मुख्य अतिथि असलम माजिद (जबलपुर) रहे और अध्यक्षता की वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. डॉ.शरदनारायण खरे ने।इसमें विशिष्ट अतिथि अब्दुल बसीर आसी और विशिष्ट वक्ता मनोज जैन … Read more

दोनों सरहदें

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* सरहदों पर चौकन्ने खड़े जवान, बाहरी दुश्मनों से जूझ रहे हैंभीतर उधम मचाते शैतान, नमक-हरामी करने पर तुले हुए हैं। किसकी जान बचाने खातिर, निशंकित सैनिक सीमा पर डटे हैं ?घरेलू उपद्रवी तो सैनिकों की पीठ में,छुरा भोंकने मचल रहे हैं। कैसी विडम्बना देशभक्तों के दिल में, रह-रहकर समाई हैपरायों से … Read more

डॉ. रघुबीर सिंह की ‘शेष स्मृतियाँ’ हिंदी साहित्य की अमूल्य निधि

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नीमच (मप्र)। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे डॉक्टर साहब के साथ कार्य करने का अवसर मिला। उनकी पुस्तक ‘शेष स्मृतियाँ’ हिंदी साहित्य की अमूल्य निधि है। इस पुस्तक की प्रवेशिका में आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने लिखा है ‘विद्वत्ता और भावुकता का ऐसा योग संसार में अत्यंत विरल है। मेरे जैसे विद्यार्थी अपने अध्ययन के … Read more

‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ पर हुई ‘नारी ही नारायणी’ विशेष काव्य गोष्ठी

सोनीपत (हरियाणा)। कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा आयोजित २३९वीं साप्ताहिक आभासी काव्य गोष्ठी ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ के पावन अवसर पर ‘नारी ही नारायणी’ विषय पर अत्यंत साहित्यिक वातावरण में कराई गई। बलौदा से विदुषी साहित्यकार डॉ. गीता विश्वकर्मा मुख्य अतिथि रहीं।संस्था की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि इसमें देश के विभिन्न प्रांतों … Read more

छोटे नोट और छोटे लोगों से रिश्ता मजबूत रखें

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया-१९… भगवान ने हथेली के आगे अंगुलियाँ इसलिए बनाई है कि पहले आप कर्म करें, फिर भाग्य को महत्व दें। बिना कर्म के आपका अच्छा भाग्य नहीं बन सकता है। इंसान कितना भी गोरा क्यों न हो, परन्तु उसकी परछाई काली ही होती है। ‘मरने के बाद अर्थी … Read more

मैं हूँ वरदान

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता… मैं नारी हूँ,मत करना अपमानमैं ही जीवनदायिनी,मैं हूँ एक वरदान। मैं नारी हूँ,माँ बनकर देती संतान,पालन-पोषण मैं करती,मैं हूँ वृक्ष समान। मैं नारी हूँ,भारत की पहचानयमराज से भी छीन लाती,जो अपने पति के प्राण। मैं नारी हूँ,कोमल फूल समान,वक़्त पड़े तो थाम लूँ,बरछी, तीर-कमान। मैं नारी हूँ,निर्बल-अबला … Read more

‘लोक ध्वनि से बाल ध्वनि तक’ विषय पर हुआ महती विमर्श

◾अपने संस्कार और संस्कृति की रक्षा के लिए लोक से जुड़ना जरूरी-डॉ. पांडेय सागर (मप्र)। बाल साहित्य शोध सृजनपीठ (साहित्य अकादमी, मप्र शासन) द्वारा महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘लोक ध्वनि से बाल ध्वनि तक’ (परंपरा कथा और काव्य का जीवंत संग़म) विषय पर महती विमर्श और काव्य पाठ का आयोजन वरदान सभागार (सिविल लाइंस, सागर) में किया … Read more

परचम लहराए पुरजोर

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता…. कामिनी जब बनी थी दामिनी,तब वो सृष्टि को बदल डाली। काली बनी थी झांसी की रानी,झुकी नहीं, मौत को गले लगाया। सावित्री ने यमराज को हराया,वरदान से पति को बचाया। सहनशीलता की मूर्ति तू रमणी,पति के साथ वन में रही तू रमणी। उर्मिला ने भवन में ही … Read more

एक नई शक्ति

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता… नारी संघर्ष से सदैवमुकाबला करती रहती,सुख-दु:ख की परिभाषा समझती हैवो समझती है भूख की शक्ति को,जिसे पाने के लिए अपने बच्चों को देती खुद भूखी रहकर निवालासमाज कहता- पुरुष प्रधान होता है,समाज की सफलता के पीछे तो नारी काकठिन संघर्ष छिपा होता है। जो हक की … Read more