मोल समझ लो…

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* दो जून की रोटी,बड़ी मुश्किल से है आईकड़ी मेहनत की पिता ने,थककर भी न ली अंगड़ाई। खून पसीना बहाकर,जोड़ी पाई-पाईदो जून की रोटी के लिए,हालातों से की लड़ाई। परिवार का करने पोषण,माँ ने बड़ी हिम्मत दिखाईचूल्हे में आग जलाकर,खुशी-खुशी रोटी पकाई। ख़ुद भूखी रहकर,सबको भरपेट खिलाई।किस्मत से मिलती है दो जून की … Read more

बिखरते रिश्ते, सिमटते लोग

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* आज के रिश्ते बिखरने लगे,सभी अपने स्वार्थों में ही लिपटे रहे। लोग अपने आप में सिमटते गए,सभी अपनी खुशी में ही मस्त होते रहे। दुनिया की तरफ देखने से भी सहमते रहे,बस अपने-आपसे ही सम्बन्ध रखते रहे। ऊपर के फ्लैट में कौन रह रहे हैं, नहीं जानते,क्योंकि नाता रखना ही नहीं … Read more

पारदर्शी सौन्दर्य

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** चंदन भइया मेरे पड़ोस में रहते थे। ६ फीट लंबा-ऊंचा कद, गौर वर्ण, गठा हुआ कसरती बदन, घुंघराले काले बाल और भूरी आँखें। एक बारगी तो लोग धोखा खा जाते थे, कि वह भारतीय है या अंग्रेज!         कॉलेज में नौकरी लगते ही रिश्तों की लाइन लग गई थी, लेकिन वह तो अपनी … Read more

हिम्मत मत हारो

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा (विश्व माता-पिता दिवस विशेष)… भविष्य को ‘लक्ष्य’ की और ले चलो,चुनौतियां बहुत है, पर ‘हिम्मत’ मत हारोपूरी ताकत से कर्म पर ‘विश्वास’ करो,क्योंकि हम सभी की ‘प्रेरणा’ हमारे माता-पिता हैं। आत्मविश्वास जब तक रहेगा ‘जीवन’ में,संकल्प शक्ति के साथ ‘आगे’ बढ़ोपरिवर्तन तो ‘संसार’ का नियम … Read more

भविष्य और प्रेरणा माता- पिता ही

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा (विश्व माता-पिता दिवस विशेष)…. वर्तमान में कई वृद्ध परिजनों का तिरस्कार झेल रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह जैसे आधुनिकीकरण, कामकाजी लोगों का स्थानांतरण व युवाओ का शहरों की ओर पलायन आदि से बुजुर्गों की अनदेखी हो रही है, साथ ही अपने बड़ों के प्रति आदर-सम्मान छूटता जा … Read more

कुछ तो लोग कहेंगे…

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** लक्ष्य प्राप्त करने में हम पिछड़े ही सदा रहेंगे,काम संवरने वाले भी बिगड़े सदा रहेंगेयदि यही सोचते रह जायेंगे कुछ तो लोग कहेंगे,अपने मन को मार के क्या बेमौत ही नहीं मरेंगे ? लोगों का काम है कहना, इन बातों में क्यों बहना,‘कुछ तो लोग कहेंगे’ लोगों का काम है कहनाजीवन में … Read more

अनोखी व्हॉट्सऐप यूनिवर्सिटी

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* एक अनोखी यूनिवर्सिटी है,जिसकी बड़ी निराली शानन फीस फॉर्म न कोई इंटरव्यू,फिर भी लाखों बनते विद्वान।  न भवन कहीं, न पुस्तकालय,प्रयोगशाला का पता नहींफिर भी छात्र करोड़ों में हैं,नाम है व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी।  मोबाइल पर चलती यह,ग्रुप हैं इसकी कक्षाएंहर अफवाह पर पीएच-डी. होती,पर्सनल मैसेज हैं शोध विभाग।  पहला पीरियड सुप्रभात का,सबको एक … Read more

ब्रह्म को जानने वाला सच्चा ब्राह्मण

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** एक जून को मनाया जाता है दिवस ब्राह्मण,ब्रह्म को जानने वाला होता है सच्चा ब्राह्मण। कर्म से क्षत्रिय थे भगवान ब्राह्मण परशुराम,भविष्य पुराण में ब्राहण का शर्मा था उपनाम। वेदों धर्म औेर सत्य का ज्ञाता हैं सच्चा ब्राह्मण,शम दम तप क्षमा ज्ञान वाला है सच्चा ब्राह्मण। श्रेष्ठता जन्म से नहीं होती, बल्कि … Read more

बाल स्वर-सरिता से गुंजित हुई कल्पकथा काव्यगोष्ठी

सोनीपत (हरियाणा)। नन्हें सृजनकारों की काव्य प्रतिभा और वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति से इस बार भावपूर्ण साहित्यिक उत्सव उल्लास बिखेर गया। २५१वीं कल्पकथा साप्ताहिक आभासी काव्य गोष्ठी –बाल सृजनकार विशेष अत्यंत साहित्यिक गरिमा के मध्य हुई। इस विशेष आयोजन में बाल प्रतिभाओं की मधुर अभिव्यक्तियों ने पूरे वातावरण को बाल-सुलभ रचनात्मकता से आलोकित कर … Read more

वे हमारी प्रेरणा

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा (विश्व माता-पिता दिवस विशेष)… बच्चे केवल छोटे हाथ नहीं होते,वे समय की हथेली पर लिखे हुएआने वाले कल के हस्ताक्षर होते हैं। उनकी आँखों में चमकते हैंवे सपनेजिन्हें अभी शब्द नहीं मिले,पर जो एक दिनसमाज और राष्ट्र की दिशा तय करेंगे। जब कोई बच्चापहली बार अक्षर पहचानता … Read more