पल भर का सुकून पाठक को मिल जाए, ऐसी कहानी होना चाहिए

भोपाल(मप्र)। वर्तमान समय में हमें अपनी जड़ों को पहचानने की ज़रुरत है। आजकल पौराणिक पृष्ठभूमि की कहानियों का चलन है, लेकिन इसमें बहुत सावधानी की जरूरत है। प्रस्तुतिकरण अच्छा हो तो कहानी श्रोताओं को अपनी ओर सहज आकर्षित करती है। आज की मशीनी ज़िन्दगी में पल भर का सुकून पाठक को मिल जाए, ऐसी कहानी … Read more

आकार में छोटी, प्रभाव में बड़ी है लघुकथा

लघुकथा महोत्सव… भोपाल (मप्र)। कथा परिवार में लघुकथा कथा आकार में छोटी, लेकिन प्रभाव में बड़ी सदस्य है। लघुकथा की लोकप्रियता उसके लघु आकार के कारण नहीं, बल्कि तीव्र प्रहार और प्रभाव के कारण हुई है।यह बात साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश के निदेशक डॉ. विकास दवे ने कही, जो हिंदी भवन के महादेवी वर्मा कक्ष … Read more

रोटी होती अनमोल

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* रोटी होती गोल-मटोल,सबके लिए होती अनमोलखाकर मीठे बोलें बोल,गाएं गीत, बजाएं ढोल। मेहनत करके खाते रोटी,कोई पतली, कोई मोटीरोटी पर तो दुनिया टिकती,तरह-तरह के मोल में बिकती। माँ के हाथों की रोटी का,स्वाद निराला होता हैअन्नपूर्णा बन घर में बसती,पूजा का फल मिलता है। दूर देश हो या विदेश … Read more

मिलकर रचनी होगी संवेदना की संस्कृति

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* बेटियाँ किसी समाज की संवेदना का दर्पण होती हैं। जहाँ बेटियाँ सुरक्षित, शिक्षित और स्वायत्त हैं-वहाँ सभ्यता की जड़ें गहरी होती हैं, पर विडंबना यह है कि आधुनिक प्रगति के दावों के बीच आज भी अनेक बेटियाँ असमानता, हिंसा और अवसर-वंचना का भार ढो रही हैं। ‘बेटी बचाओ’ जैसे … Read more

एआई:नवाचार की गति और नियंत्रण के बीच संतुलन की चुनौती

डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** कृत्रिम मेधा (एआई) का विकास इक्कीसवीं सदी की सबसे तेज़ और प्रभावशाली तकनीकी प्रक्रियाओं में से एक है। कुछ ही वर्षों में एआई ने उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त, रक्षा और मीडिया-हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यह तकनीक उत्पादकता बढ़ा रही है, जटिल समस्याओं का समाधान सुझा रही है … Read more

कोई दूत

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** जब कोई नहीं रहता,तब कोई तो होता अपनाबाँटो जब खुशियाँ,खुशियाँ हो जाती दुगनीतब सोचते यदि होते तो,खुशियाँ छू जातीचाँद-तारों को,लेकिन नहीं है मेरे अबमेरे हैं वो महज रिश्ते हैं,फर्ज निभाकर करतेरिक्त स्थान की पूर्ति,ख्याल आतापूछने वाला कोई तो है,जो खुशियों में होताशामिलला देता आँखों मेंपुराने सपने,जो संजोए थे कभीउनकी कमी पूरी … Read more

शिव समान नहीं कोई दूजा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* शिव समान नहीं कोई दूजा, करो नित्य सब उनकी पूजा।शिवजी की तो अति है माया, उनके बल है सबको भाया॥ शिव समान नहीं कोई दूजा, करो प्रेम से उनकी पूजा।मंगलमय मौसम हैं लाते, भक्त सभी उनके गुण गाते॥ शिव समान नहीं कोई दूजा, सभी कर रहे उनकी पूजा।औघड़दानी की जय बोलो, … Read more

प्रो. शरद नारायण खरे को मिला ‘विशेष उत्कृष्टता सम्मान-२०२६’

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मंडला (मप्र)। साहित्य मंच व प्रकाशन श्याम साहित्य मंच द्वारा लब्धप्रतिष्ठित साहित्यकार प्रो. शरद नारायण खरे को उनकी सृजन सक्रियता, गुणवत्ता, छंद विशेषज्ञता व दीर्घकालिक साहित्य सेवाओं के मद्देनजर ‘विशेष उत्कृष्टता सम्मान’ से सम्मानित किया गया है। प्रो. खरे की रचनाएँ पत्र-पत्रिकाओं में सतत प्रकाशित होने के साथ ही मंचों, रेडियो, टी.वी. आदि से भी … Read more

रगों में भ्रष्टाचार

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* लहू के बदले,अब बहतामानव की,रगों में भ्रष्टाचार। हर एक सच्चा नर,हरदम सोचेंक्यूँ हुए सब,इतने भ्रष्ट। लहू के बदले,चाहना ले डूबाहर इंसान को,अच्छा-बुरे का भेद मिटाया। दिल ने मजबूर किया,इच्छा ने हैवान बनायाहर इन्सान को पर,मानव समझ न पाया। अपनी नियति,कब क्यूँ और कैसे ?दिल से मजबूर हुए,समझ न पाया मन। मन … Read more

शिव आए ब्याह रचाने

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** शिव आए पार्वती से ब्याह रचाने, संग में भूत-प्रेत बाराती बना लाएपार्वती की तपस्या आज रंग लाई है,उनके मुखड़े पर खुशियाँ छाई है। अब जाकर वो शुभ घड़ी आई है,जब उनके द्वार पर बजी शहनाई हैशिव के गले में नागों की माला,वो तन पर ओढ़े बाघम्बर छाला। मस्तक पर शोभे चंदा चक-मक,जटा … Read more