सूर्योपासना और महिमा से आलोकित हुआ साहित्याकाश

कल्पकथा काव्य गोष्ठी… सोनीपत (हरियाणा)। राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा व सनातन संस्कृति हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था ने इस बार २४७वीं साप्ताहिक काव्य गोष्ठी का आयोजन ‘अंतर्राष्ट्रीय सूर्य दिवस’ के अवसर पर भगवान सूर्यदेव वंदना विशेष विषय आदित्य अनुराग अर्चना के अंतर्गत अत्यंत भव्य एवं भावपूर्ण वातावरण में किया। यह आयोजन उज्ज्वल परंपरा का … Read more

नई राह दिखलाऊं

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* मन कुछ कहता है… (‘विश्व इच्छा दिवस’ विशेष)… मन करता है सूरज जैसे,मैं भी प्रकाश फैलाऊंभूले भटके लोगों को,नई राह दिखलाऊं। मन करता है चाँद जैसे,मैं भी शीतलता पाऊंगुस्से पर काबू करना,सबको मैं सिखलाऊं। मन करता है बादल जैसे,मैं भी बरस जाऊंसूखी धरती पर थोड़ी,हरियाली मैं फैलाऊं। मन करता है कोयल जैसे,मैं … Read more

‘किराए की संतान’ के प्रचलन से घटते सम्बंध

ललित गर्गदिल्ली*********************************** जीवन की सांझ जब अपने पूरे विस्तार के साथ उतरती है, तब मनुष्य को सबसे अधिक आवश्यकता दवाइयों या धन की नहीं, बल्कि अपनों के सान्निध्य और अपनों की होती है। यह वही समय होता है, जब व्यक्ति अपने जीवन की संचित स्मृतियों, अनुभवों और भावनाओं को साझा करना चाहता है, लेकिन आज … Read more

सिनेमा का वैश्विक उत्सव प्रारम्भ

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दिल्ली। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (मीडिया सेंटर) द्वारा आयोजित सिनेमा का वैश्विक उत्सव अपने पूरे वैभव के साथ शुरू हुआ। इस १५वें उत्सव का शुभारंभ ऐसे मंच के रूप में हुआ, जहाँ कला, संस्कृति और सिनेमा की सीमाएँ मिटती नजर आईं।    यह आयोजन ८ मई तक चलेगा, जिसमें १७० से अधिक फिल्मों की स्क्रीनिंग … Read more

‘भूमंडल की अनुपम रचना माँ’ लोकार्पित, किया मनोरम काव्य पाठ

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गाजियाबाद (उप्र)। देवप्रभा प्रकाशन ने लेखिका कुसुम लता पुंडोरा ‘कुसुम’ की नवीनतम पुस्तक ‘भूमंडल की अनुपम रचना माँ’ का लोकार्पण समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन निर्माण विहार स्थित एसएसएस स्टूडियो में किया। साहित्यकारों ने पुस्तक की विषयवस्तु और भाव-भूमि की मुक्तकंठ से सराहना की।      आयोजन की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सविता चड्ढा ने की। … Read more

नारी के विविध रूप

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ममता की गोद में सपनों का संसार है,आँचल में सिमट हर जीवन का विस्तार हैथामे हुए शिशु को मुस्कानों में ढालती,वो नारी ही है जो सृष्टि का आधार है। रसोई की आँच में तपकर जो खिलती है,थाली में प्रेम सजाकर हर दिन मिलती है,अपने ही हाथों से खुशियाँ परोसती,वो … Read more

आस लगाना बेवकूफी

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ जगह-जगह बात बनाना भी बेवकूफी है,किसी से लगाव लगाना भी बेवकूफी है। काट-छांट हो शब्दों की अगर कहीं,ऐसे में बातचीत करना भी बेवकूफी है। जो किसी के दर्द को समझ ना सके,ऐसे रिश्तों से आस लगाना भी बेवकूफी है। जब मन हो साथ दे, जब चाहे छोड़ दे,फिर तो साथ बैठना भी … Read more

आदेश जैन को दिया राष्ट्रभाषा सम्मान

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नागपुर (महाराष्ट्र)। प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी व प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’ (दिल्ली महासचिव) के मार्गदर्शन में नागपुर आकाशवाणी विभावरी के उद्घोषक, विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के संयोजक व साहित्यिक मंच के संस्थापक आदेश जैन को सम्मानित किया गया। प्रेरणा राष्ट्रभाषा सम्मान में स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र आदि आदेश जैन को मेघा अग्रवाल … Read more

मेरी प्यारी माँ

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** एक चिट्ठी अब, मेरी माँ के नाम,जो करती रहती, घर के पूरे काम। सुबह से लेकर, रात तक लगातार,फिर करती है, मेरी माँ तब आराम। माँ से आती है, ममता की खुशबू,मेरी माँ बस, तू ही तू होती हर सू। तेरे आँचल में है, अपना बसेरा,तेरे सिवा नहीं है, कोई अब मेरा। … Read more

अगर ये  पंछी न होते तो…

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* पूर्वांचल पर भोर की लालिमा धूमिल हुई, तब उजियारे की नई आभा लेकर सूरज की कोर उभरने लगी है। भीषण गर्मी के दिन हैं, फिर भी सुबह की ठंडी हवा के झोंके कुछ यूँ छू रहे हैं, जिससे तन-मन प्रसन्न हुआ जा रहा है।   सामने इमली के पेड़ों में छिपकर एक भरद्वाज का … Read more