शिव प्रेम की डोरी
प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** मन संवाद करूं मैं तुमसे, बंधो शिव प्रेम की डोरी से।तुम हो एक छोटे से बालक, बंधो न जोरा-जोरी से॥ डर से नहीं बदलते हो तुम प्रेम-तर्क से बदले हो,प्रेम के भूखे जन्म-जन्म से तड़प- कसक से बदले हो।। तुम्हें न भय जंजीरों का, खुश होते माँ की लोरी से,तुम हो एक छोटे से बालक, बंधो न जोरा-जोरी से…॥ … Read more