प्रेम गीतों से सजी पुस्तक ‘काग़ज़ पर ठहरा प्रेम’ लोकार्पित

भोपाल (मप्र)। आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वाधान में दुष्यंत कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय (भोपाल) में प्रेम पत्रों एवं प्रेम गीतों से सजी पुस्तक ‘काग़ज़ पर ठहरा प्रेम’ (संपादन डॉ. मीनू पांडेय ‘नयन’) का लोकार्पण किया गया। अध्यक्षता डॉ. विकास दवे (निदेशक, साहित्य अकादमी मप्र) ने की।         आयोजन के मुख्य अतिथि राजेश भट्ट … Read more

‘दूर तुम क्या हुए, अश्रु बहने लगे’-प्रो. खरे 

hindi-bhashaa

मंडला (मप्र)। प्रसिद्ध आराधिका साहित्यिक सांस्कृतिक समूह ने ६७ वीं आभासी काव्य गोष्ठी आयोजित की, जिसका संयोजन डॉ. निधि बोथरा ने किया। अनेक कृतियों के सृजक प्रो. शरद नारायण खरे, (मंडला) ने इसमें तरन्नुम में विरह गीत ‘दूर तुम क्या हुए अश्रु बहने लगे, दर्द को, पीर को खुलके कहने लगे’ प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध … Read more

डॉ. कमल चन्द्र लोहनी सम्मानित

hindi-bhashaa

लखनऊ (उप्र) | एसएसडी पब्लिक स्कूल (अलीनगर) में आयोजित लखनऊ काव्य संगम के दौरान काशी हिन्दी विद्यापीठ एवं सुनहरी छांव साहित्यिक संस्था द्वारा उत्तराखण्ड के शिक्षाविद् एवं कवि डॉ. कमल चन्द्र लोहनी को ‘विद्या वाचस्पति विशेष मानद सम्मान २०२६’ से सम्मानित किया गया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. राधेश्याम तिवारी ने की। पीठ के कुलसचिव इन्द्रजीत तिवारी के … Read more

भारतीय ज्ञान परंपरा का दिव्य आलोक ‘शास्त्र’

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मानव सभ्यता के विकास में ‘शास्त्र’ का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। शास्त्र केवल ग्रंथ नहीं, अपितु जीवन को दिशा देने वाले ज्ञान, अनुशासन, नीति, विज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के आधार स्तंभ हैं। भारतीय संस्कृति में शास्त्रों को ज्ञान का दिव्य स्रोत माना गया है। ‘शास्’ धातु से निर्मित … Read more

कृत्रिम बुद्धिमता : बढ़ते कदम, जिम्मेदारी सबकी

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** कृत्रिम बुद्धिमता (ए.आई.) एक ऐसी तकनीक है, जो कम्प्यूटर और मशीनों को मानव सीखने, समझने, समस्या समाधान, निर्णय लेने, रचनात्मकता और स्वायत्तता का अनुसरण करने में सक्षम बनाती है।    ए.आई. से सज्जित एप्लिकेशन और उपकरण वस्तुओं को देख और पहचान सकते हैं। ये मानवीय भाषा को समझ सकते हैं। ये नई … Read more

तपती दुपहरी में

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ जेठ वैशाख का वह ‘प्रखर’ समय,जब ‘सूरज’ सिर के ऊपर आएचिलचिलाती ‘धूप’ में गर्म हवाएं भी लाए,तो लोग पूछते हैं,-कैसा लगता है इस तपती दुपहरी में…? तलाशता है मन ‘छाया’ व सुकून के वह पल,शीतलता की प्यास में ठंडा-सा जलतृप्ति के लिए इन ‘गर्म’ दिनों में भी निकलता तो हूँ … Read more

सोशल मीडिया और युवतियाँ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सोशल मीडिया ने सबको कुछ ऐसा भरमाया है,कि लाइक और फोलोवर्स में सारा संसार सिमट आया है। मोबाइल के आकर्षण में खोया है आज का संसार,इसीलिए नष्ट होते जा रहे युवतियों के संस्कार। बन रही है रीलें,हो रहा अंग प्रदर्शन और बढ़ रहीअश्लीलता,तज रही है नारी अपनी गरिमा और नैतिकता। फोटोग्राफ … Read more

आम… हम बेकरार

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** रहते हम बेक़रार,गरमी का इन्तज़ारआम होते बेशुमार,गरमी मनाइए। आम के है वहाँ बाग,हमारे हैं बड़े भागदादी-बाबा मेरे आप,वहाँ कभी आइए। सुबह से जाते बाग,आम खाते भाग-भागतोड़ते अपने हाथ,सुख नया पाइए। बाबा पकाते आम,रखते हैं उसे पाल।तीसरे दिन निकाल,स्वाद को बढ़ाइए॥

सबसे प्यारा परिवार

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** कितना अच्छा कितना प्यारा परिवार हमारा,सबसे प्यारा, सबसे अच्छा है परिवार न्यारा। इसमें तो बसता है, प्यारा संसार हमारा,सबसे प्यारा, सबसे दुलारा परिवार सहारा। सबसे छोटा होता है, सबका प्यारा दुलारा,सबकी आँखों का वो, तो होता है इक तारा। सबसे बड़ा होता, हर किसी की छत्र-छाया है,परिवार में रीढ़ की, वो हड्डी … Read more

सिर्फ कहने भर का साथ

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** भीड़ में खड़े लोग,अक्सर भरोसे की बातें करते हैंवे कहते हैं—“हम तुम्हारे साथ हैं।” लेकिन यह साथ,सिर्फ शब्दों की सतह पर ठहरा रहता हैजब जीवन की सड़क,अचानक पत्थरों से भर जाती है। जब भीतर का साहस,धीरे-धीरे टूटने लगता हैतब वही लोग,अपनी आँखें दूसरी ओर मोड़ लेते हैं। दु:ख के समय,सबसे अधिक सुनाई … Read more