बुढ़ापा-सबसे बड़ा सत्य

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* बुढ़ापा आते ही सूरत-सीरत बदल जाती है,नाम वही रहता है, पर जीवन की रीत बदल जाती है। पहले हर काम फुर्ती से हो जाया करता था,अब वही काम करते-करते दिन ढल जाता है। हाथ जल्दी से उठते नहीं,पैर लड़खड़ाकर राह पर चल पड़ते हैं। घुटनों का दर्द दिन-ब-दिन बढ़ता जाता है,कमर … Read more

दवा-इलाज  के नाम पर मौत… कब तक ?

ललित गर्गदिल्ली*********************************** किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी सेना, अर्थव्यवस्था, तकनीकी उपलब्धियों या ऊँची इमारतों से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि वह अपने नागरिकों के जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति कितना संवेदनशील है। स्वास्थ्य व्यवस्था किसी भी देश की आत्मा होती है। अस्पताल केवल भवन नहीं होते, … Read more

पृथ्वी, नदियाँ और पहाड़

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** पृथ्वी, नदियाँ और पहाड़,कितना प्यारा यह संसारईश्वर की है सृष्टि महान,करते हैं सब इन्हें प्रणाम। हरियाली है चारों ओर,नाविक ने पकड़ी है डोरसैर कराता पानी में वह,सुंदर सुखद सुनहरी भोर। मात-पिता से कहते बच्चे,ये पहाड़ हैं कितने अच्छेनाव में बैठ हमें भी जाना,पानी में हमें सैर कराना। पापा ने नाविक को बुलाया,हमको … Read more

पद्मश्री अशोक चक्रधर ने किया डॉ. अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’ को सम्मानित

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नई दिल्ली। साहित्य अकादमी सभागार (नई दिल्ली) में आयोजित सम्मान समारोह में पद्मश्री प्रो. अशोक चक्रधर व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने वागीश्वरी काव्य निर्झरिणी के संस्थापक अध्यक्ष एवं संपादक डॉ. अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’ को सम्मानित किया। यह आयोजन ‘निशंक’ का रचना संसार की कहानी वार्ता के १५०वा संस्करण पूर्ण होने पर किया … Read more

पुस्तक लोकार्पित, काव्य गोष्ठी भी हुई

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आगरा (उप्र)। विश्व साहित्य सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में निखिल बुक कैफे पर अदिति अस्थाना की पुस्तक ‘अंक ज्योतिष जीवन का रहस्य’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य यादराम वर्मा कवि किंकर ने की। मुख्य अतिथि केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के प्रो. उमापति दीक्षित तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. राजेन्द्र मिलन एवं इतिहासकार राजकिशोर शर्मा … Read more

कागज पर सच चाहिए

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* हर परिस्थिति में थाम ले,ऐसा हाथ चाहिएझूठ का असर नहीं,सच का साथ चाहिए। किसी की बातों का,अब नहीं कोई भरोसाहर सौदे के लिए,कागजी प्रमाण चाहिए। झूठ का है बोलबाला,सच नहीं कोई सुनने वालाअब आवाज कर बुलंद,नवनिर्माण चाहिए। भ्रष्टाचार का फैला जाल,कौन करेगा सवाल…?हर गुत्थी को सुलझाने,अब नया बवाल चाहिए। शोषण के विरुद्ध … Read more

समय है, समझ जा

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** बेदर्दी से पेड़ काटने एक शिकारी आया,पंछी का घोंसला बना था उसने उसे गिरायानन्हें-नन्हें चूज़े उसमें डरे और सहमे से,किसे पुकारें, मात-पिता दाने लाने निकले थे। एक कबूतर देख रहा था दृश्य ये सारा,उन बच्चों को आकर उसने दिया सहाराबारिश की बूँदों से चूज़े काँप रहे थे,तान घरौंदे पर पत्ते का छाता … Read more

भाषा के माध्यम से ही संस्कृति और सभ्यता जीवित- श्री शेखावत

भारतीय भाषा संगम – २.०  केवड़िया (गुजरात)। भारतीय संस्कृति और भाषाओं के गहरे संबंध हैं। भाषा वह माध्यम है, जिसके माध्यम से संस्कृति और सभ्यता जीवित रहती है और पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती है। भारतीय साहित्य की लिखित एवं श्रुति परंपरा इस देश की अमूल्य धरोहर है।   केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह … Read more

डिग्रियों का मेला

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* आजकल की शिक्षा जैसे,एक बड़ा-सा मेला हैजहां बिकता है ज्ञान कम,बस डिग्रियों का रेला है।   किताबें लगती बोझ अब,नोट्स बने भगवानरटकर जो पूरा लिख पाए,वही बड़ा विद्वान।   गुरु भी जकड़े हुए आज,सिलेबस की जंजीरों मेंकिसी तरह बन जाए रिजल्ट कौन पड़े झमेले में ? माता-पिता की बस यही आस,बेटा उनका टॉप कर जाएक्या … Read more

जननी

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** कुछ लोग कह रहे थे कि ‘शार्ट सर्किट’ से आग लगी और पड़ोसियों का कहना था कि कार की बैटरी अधिक चार्ज हो जाने के कारण आग लगी। पास में केमिकल का गोदाम था। आग ने ३ मकानों को लपेटे में ले लिया था। बड़ा ही हृदय विदारक दृश्य था। … Read more