माँ ही दुनिया
अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)… ‘माँ’,दुनिया मेरीमाँ का आँचल,कोई नहींतुझसा। ‘माँ’,असीम ऊर्जाहरपल हृदय साथ,तू सृष्टिजगत। ‘माँ’,रूप ईश्वरघर ही मंदिर,माँ चरणतीर्थ। ‘माँ’,सर्वश्रेष्ठ गुरुसिखाती दुनियादारी,जीवन रक्षकआँचल। ‘माँ’,बड़ी बलिदानीकर्ज चुकाना असम्भव।प्रेम मूरत,ब्रह्मांड॥
सहता रहेगा कब तक ?
राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ********************************************* मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)… वह जो रात-दिन करता संघर्ष,निडर नि:स्वार्थ भाव लिए सहर्षकरता नहीं शिकायत किसी से,जीवन में संघर्ष, केवल मौन संघर्ष। सुनो सभी उनके जीवन की जाला,कड़ी मेहनत से यह जुटाता निवालापरिश्रम से वह कभी न पीछे हटते,भले उनके हाथों में पड़ … Read more
हर मुश्किल को आसान करते ये
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)… तूफ़ानों से लड़ने का हौसला,आसमाँ को छूने की चाह रखते हैंये वो लोग हैं जो हर चुनौती को,सहर्ष स्वीकारने का दम रखते हैं। विषम हालातों का सामना होने पर,ये दीपक-सा उजियारा करते हैंहर मुश्किल को आसान करते ये,राह नई से नई … Read more
माँ का आँचल वसुधा-सा
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)…. माँ का आँचल प्यार है, जिसमें है संसार।माँ चंदा का रूप है, सूरज का उजियार॥ वसुधा-सा करुणामयी, माँ का आँचल सार।माँ शुभ का करती सृजन, करे अशुभ पर वार॥ माँ में सारी सृष्टि है, माँ लगती ब्रम्हांड।माँ के आँचल में भरे, रामायण के कांड॥ माँ … Read more
आँचल की छाँव
डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)…. आज सुबह-सुबह उसे फिर माँ की याद आ गई। …लगता है जैसे घर का सूरज ही अस्त हो गया। घर के सौन्दर्य के अभाव को तुम ही तो पूरा करती थी माँ! सुबह ६ से शुरू होने वाली तुम्हारी दिनचर्या रात ११ बजे … Read more
माँ का संसार
संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)… माँ कितना करती हैदुलार मुझे,बिछा कर रखतीमाँ मुझे पलकों पर,दिला जाती दुनिया का सुखक्या दुनिया में माँ से कोई बेहतर है ?शायद नहीं। अगर माँ नहीं तो माँ के बिनाइन्सान दुनिया में महज पत्थर बन रह जाएगा,कोई नहीं होगा रिश्तों की दुनिया मेंइन्सान किससे नेह … Read more
अदम्य साहस का प्रदर्शन किया था वीर सैनिकों ने
नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* भारतीय सेना… (‘आपरेशन सिंदूर’ दिवस विशेष)…. भारत की नारियों के लिए सिंदूर सम्मान और गर्व का प्रतीक है। जब इस सम्मान पर आघात हुआ, तो पूरे देश में दुःख और आक्रोश फैल गया। २६ अप्रैल २०२५ को हुए हमले में निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया। … Read more
‘कवि के मन से’ काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण
दिल्ली। साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सभागार में ३० अप्रैल को विख्यात कवि डॉ. लक्ष्मी शंकर वाजपेयी के कविता संग्रह ‘कवि के मन से’ का लोकार्पण किया गया। अध्यक्षता साहित्य अकादमी सम्मान प्राप्त वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती ममता कालिया ने की। आयोजन में श्रोतागण को देश के मूर्धन्य रचनाकारों बालस्वरूप राही, प्रताप सहगल, डॉ. ओम निश्चल, … Read more
श्रम की गरिमा और समाज की संवेदना
बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)…. यदि हम मानवता के विकास का इतिहास देखते हैं तो एक सत्य निकाल कर सामने आता है कि संसार की प्रत्येक भव्य इमारत व प्रत्येक विकसित नगर और प्रत्येक सुविधा के पीछे मजदूरों का श्रम छिपा हुआ है। समाज का निर्माण केवल … Read more