भोपाल में २६ से नाटकों का मंचन, मिलेंगे शेखर सुमन भी

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भोपाल (मप्र)। राजधानी भोपाल में २६ से २९ मार्च तक इंडिमून्स आर्ट फेस्टिवल होगा। रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में रोज शाम साढ़े ७ बजे यह नाटक मंचित होंगे।जानकारी के अनुसार रंग थिएटर, कल्चरल और सोशल वेलफेयर सोसायटी का यह आयोजन इस बार भी नए अंदाज में लाया गया है। इसका मुख्य ध्यान युवाओं को … Read more

चीं-चीं, चीं-चीं चहचहाती

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘विश्व गौरैया दिवस’ विशेष…. गौरैया रानी, गौरेया रानी,चुगती दाना, पीती पानी। पास आना, पास आना,नानी सुनाती एक कहानी। चुन्नी देख खुश हो जाती,ताबड़तोड़ ताली बजाती। चीं-चीं, चीं-चीं चहचहाती,फुदक-फुदक उड़ती जाती। सबका दिल वो जीत जाती,जब बच्चों संग फड़फड़ाती। बूढ़े-बच्चों का वो आकर्षण,उसके बिना होता सूनापन। आजकल लुप्त होती जाती,काश! वह फिर से … Read more

दिया कृष्ण ने ज्ञान

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* दिया कृष्ण ने ज्ञान, सुनाई रण में गीता।बदला था अब पार्थ, हुई अब बुद्धि पुनीता॥दूर हो गया मोह, शोक भी नहीं रहा था।मन में था उल्लास, हृदय में प्रेम बहा था॥ बदला था रण क्षेत्र, डरी दुश्मन की सेना।लड़ें परस्पर वीर, नहीं था लेना देना॥केशव के सब हाथ, कर्म था सब … Read more

हे! प्यारी चिरैया

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** ‘विश्व गौरैया दिवस’ विशेष… सुबह-सवेरे चहके पंछी,घर-घर चहके जागे पंछी। नन्हीं गौरया छत पर आई,भोली चिड़िया चीं-चीं लाई। हिय उल्लासित उड़ उड़ जाऊँ,सोन-चिरैया तखती जाऊँ। चहकी दिनभर मस्त चिरैया,सहेज नीड़, तृण-तृण चिरैया। झटपट अम्मा नीर ले लाई,मुट्ठी भर बाजरा फैलाई। आओ प्यारी चिड़िया आओ,चुन-चुन दाना चुगने आओ। फुदक-फुदक कर मन … Read more

खिड़की पर ठहरी धूप

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* नित ही, खिड़की पर ठहरी धूप बात करती है,खिड़की पर ठहरी धूप से सौगात झरती है। खिड़की पर ठहरी धूप मुहब्बत को समेटे है,खिड़की पर ठहरी धूप भावनाओं को लपेटे हैखिड़की पर ठहरी धूप हर पीर को हरती है,खिड़की पर ठहरी धूप से सौगात झरती है…। खिड़की पर ठहरी धूप अहसासों … Read more

रचनात्मकता को एआई टूल्स से प्रभावित न होने दें

भोपाल (मप्र)। एआई टूल्स के उपयोग से बच्चों के लिए किस प्रकार का साहित्य सृजन करना उपयुक्त होगा, वांछित बदलाव के लिए कैसा बाल-साहित्य उपयोगी होगा आदि एवं विश्लेषण के लिए साहित्यकार एआई टूल्स का प्रयोग करें, परंतु अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता को इससे प्रभावित न होने दें lसाहित्य अकादमी मप्र द्वारा बाल-साहित्य पर आयोजित … Read more

वनों को संसाधन नहीं, जीवन का अभिन्न अंग मानें

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस’ (२१ मार्च) विशेष… २१ मार्च को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला ‘अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस’ केवल एक प्रतीकात्मक उत्सव नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के सामने खड़ी एक गंभीर चुनौती की ओर संकेत करने वाला अवसर है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष २०१२ में इसकी घोषणा इस उद्देश्य से की गई थी कि … Read more

कहाँ गई तुम

डॉ. कुमारी कुन्दनपटना(बिहार)****************************** प्यारी गौरैया, हाय कहाँ गई ?मुझे याद बहुत तुम आती होतेरे बिना सूना मेरा आँगन,मेरे दिल को बहुत सताती हो। भोर हुए तेरा मुंडेर पर चढ़ना,चीं-चीं,चीं-चीं कलरव करनासुबह हुई ,ये सोचकर मेरा,अधखुले नयनों से तकना। कभी सैर गगन की करना,फिर किचन में शोर मचानाआपस में तेरा लड़ते-लड़ते,मेरे सिर से आकर टकराना। जब … Read more

‘ओम शांति साहित्य गौरव सम्मान -२०२६’ दिया अलका सिन्हा को

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नई दिल्ली। ओम शांति साहित्य मेमोरियल के तत्वावधान और ग्लोबल हिंदी परिवार एवं वयम के सहयोग से साहित्य अकादमी सभागार में स्व. ओमप्रकाश शर्मा और श्रीमती शांति देवी की स्मृति में तृतीय सम्मान संवाद कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध कवयित्री अलका सिन्हा को शांति साहित्य गौरव सम्मान २०२६ से सम्मानित किया गया। उन्हें … Read more

अमर बलिदानी…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ ‘शहीद दिवस विशेष’ (२३ मार्च)…. अमर वह ‘देश’ पर हुए,नाम आज भी है उनकायुवाओं के ‘प्रेरणास्रोत’ हैं,वीर शहीद, अमर बलिदानी…। उनके ‘प्राणों’ की आहूति,हमारी ‘आजादी’ की शान हैदेश पर मर मिटे थे वह अभिलाषी,वह ‘वतन के रखवाले’, अमर बलिदानी…। राजगुरु, सुखदेव व भगतसिंह अमर है,भारत-माता की आन-बान और शानउन्हें देश … Read more