महायुद्ध का नाश हो

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* युद्ध और शांति: जरूरी क्या ?… कैसा तम बिखरा हुआ, डरता मन का मोर।सभी आज सहमे हुए, मचा हुआ है शोर॥ बतियाती ना अब हवा, पूछ रही ना हाल।चुप चुप रहते खग सभी, बदली उनकी चाल॥ सूरज भी तो जग उठा, सुन चिड़ियों का शोर।उसे आज मैं बांध दूं, … Read more

नारी वंदन है अभिनंदन है…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ बदलते भारत की है यह नई कहानी,यहाँ नारी शक्ति की आँखों में आँसू नहीं है,क्योंकि वह शाक्ति है, व साहस और विश्वास है,तभी तो नारी वंदन है, अभिनंदन है…। वह नहीं है किसी से कम, उनका नहीं हो अपमान,वह तो हर एक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैइसीलिए ‘मान-सम्मान’ दे … Read more

शिक्षित बनो, संगठित रहो

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयंती विशेष… शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो,था नारा भीमराव आम्बेडकर का, नेता दलितों के। भीवा, भीमा, बाबा साहब आम्बेडकर, भीमराव,बोधिसत्व नाम माता भीमाबाई, पिता रामजी राव। ये महार जाति के थे, बाद में बौद्ध धर्म अपनाया,जन्म चौदह अप्रैल १८९१ स्थान महू इंदौर आया। पत्नी रमाबाई और सविताबाई … Read more

थीं सुखद सुरों की धूप

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… प्रखर सुरमयी गायिका, सचमुच दिव्य महान।आशा ताई का करें, दिशा-दिशा गुणगान॥ आशा जी के सुर सजें, तो गूँजे ब्रम्हांड।महिमा में लिखते चलो, चाहें जितने कांड॥ आशा जी संगीत थीं, सरस्वती का रूप।आठ दशक देती रहीं, सुखद सुरों की धूप॥ आशा जी का यह … Read more

काव्य चौपाल में पढ़ीं विविध रंग की बेहतरीन रचनाएँ

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भोपाल (मप्र)। अंतरराष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की मध्य प्रदेश इकाई भोपाल की अप्रैल मास की ‘काव्य चौपाल’ एल्डर फर्स्ट में त्रिलंगा में बहुत आत्मीय और हर्ष-उल्लास के माहौल में हुई। यहाँ संस्था सदस्यों की विविध रंगी कविताओं के पाठ से वातावरण खूब सुवासित हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच की संस्थापक और अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने की। … Read more

आज रहने दो

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** आज रहने दो अपरिचितआज रहने दो अकेले,बरस ले यह घिरा घन भीआर्द्र चितवन के ये मेले। फूटते उर के मृदुल स्वरआज सुधि नर्तन की आई,घुँघरूँओं की खनक सुननानूपुरों के मन को भाई। आवास भू अंचल मिलाराह तुम पाथेय खोलो,वेदना-जल, स्वप्न-शतदलजुगनुओं आ करके बोलो। प्राण हँस कर कह रहा है,अमरता के बीज बोना।बुझे … Read more

स्वर-दीप

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… गूँजती है जब भी कोई मधुर तान,याद आती है आशा की पहचानमहकते हैं सुर जैसे फूलों की तरह,बसती है जिनमें संगीत की जान। बहती हैं हवाएँ जब रागों में ढलकर,छू जाती हैं दिल को हल्के से पलकरसजती है हर धुन उनकी अदाओं … Read more

गूँजती रहेगी सुरों की ‘आशा’

ललित गर्गदिल्ली*********************************** ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… भारतीय संगीत का आकाश आज कुछ अधिक मौन, कुछ अधिक रिक्त प्रतीत होता है। स्वर की वह चंचल चिड़िया, जन-जन को चमत्कृत करने वाली आवाज जिसने दशकों तक हर हृदय में मधुरता के बीज बोए, आज भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच न हो, … Read more

आँखों में बस एक ही सपना

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयंती विशेष… मन में इच्छा आँखों में चमक,श्यामला रंग आँखों पर चश्मा कद था छोटा१४ अप्रैल १८९१ को जन्म लिया था, महार जाति का था,नाम था जिसका भीम सकपाल। भेदभाव, सामाजिक रीति-रिवाज,सबको बदलने चला था वह बच्चा महानना कोई पढ़ने देता उन्हें, पर वह न हारे,कर दृढ़ निश्चय किया, … Read more

बाबा साहेब तुम्हें प्रणाम

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयंती विशेष… माता श्रीमती भीमा बाई,पिता राम मालो सकपाल१४ अप्रैल १८९१ को,जिनके घर आया धरती का लाल। महू छावनी जन्म स्थल,अम्बा बाड़े जिनका ग्रामछुआ-छूत के लिए,जीवनभर किया संग्राम। पीएच-डी. कर अर्थशास्त्री बने,भारत का बढ़ाया मान‘बाबा साहेब’ डॉ. आम्बेडकर ने,देश-हित में किया संविधान निर्माण। गरीब असहाय के जीवन में,फूँके फिर … Read more