‘लघुकथा’ किसी क्षण को पकड़ कर अनुभूति से लिखी जाने वाली विधा
सीहोर (मप्र)। लघुकथा किसी क्षण को पकड़ कर अनुभूति से लिखी जाने वाली विधा है, जिसका आकार, प्रकार, भाषा, अनुभूति में लिप्त होती है। यह शब्दों का खेल नहीं, संकेत की भाषा है जो अंत में अपने पाठकों के दिल में छाप छोड़ जाती है।यह बात वरिष्ठ लघुकथाकार विजय सिंह चौहान (इंदौर) ने वक्ता के … Read more