विकास की वातानुकूलित आत्महत्या

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** मनुष्य बड़ा बुद्धिमान प्राणी है। इतना बुद्धिमान, कि उसने अपने जीवन को आरामदायक बनाने के लिए ऐसी-ऐसी चीज़ें बना डालीं, जिनसे अंततः उसका जीवन ही असुविधाजनक होने लगा। यह वही प्राणी है, जो पहले पेड़ के नीचे बैठकर ठंडी हवा खाता था, फिर उसने पेड़ काटकर वहाँ इमारत बनाई, इमारत गर्म … Read more

जीत का नशा…

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** मि. गुप्ता ने अपने इकलौते बेटे आरव को बचपन से ही एक ही बात घुट्टी की तरह पिलाई थी, कि जीवन में तुम्हें सदा प्रथम आना है। जीत का नशा मीठा ज़हर होता है। और मिस्टर गुप्ता ने यही अपने लाल को घोल कर पिलाया था।    साइंस एक्जिबिशन के कॉम्पीटिशन में आरव का प्रोजेक्ट … Read more

कलम तोड़ना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* कलम तोड़ना हो सके, जब सच का आवेग।सच्चा ही तो दे सके, दुनिया को शुभ नेग॥ कलम तोड़ना नित फले, जो जग को सौगात।जिससे शोभित दिन सदा, और दिव्य हो रात॥ कलम तोड़ना हो सुखद, मंगलकारी गीत।आओ! हम गतिमय रहें, बनें धर्म के मीत॥ कलम तोड़ना हित रचे, नष्ट करे जो … Read more

‘डिजिटल युग में हिंदी लघुकथा’ विषय पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी

अजमेर (राजस्थान)। शब्दभूमि प्रकाशन द्वारा ‘डिजिटल युग में हिंदी लघुकथा’ विषय पर राष्ट्रीय आभासी संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में देशभर के साहित्यकारों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने हिंदी लघुकथा, डिजिटल माध्यमों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव पर विचार व्यक्त किए।     इसमें संचालिका गायत्री उपाध्याय ने कहा कि डिजिटल मंचों ने हिंदी लघुकथा को नए पाठक … Read more

पुस्तक ‘लोक – गंध के ललित निबंध’ लोकार्पित

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उज्जैन (मप्र)। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा अनुदानित प्रथम पुस्तक ‘लोक – गंध के ललित निबंध’ का लोकार्पण सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के वाग्देवी भवन में १८ मई को ‘कृष्ण बसंती’ अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड समारोह में हुआ। डॉ. मोहन बैरागी की पुस्तक ‘ढाई आखर की खोज’ का लोकार्पण भी अतिथियों ने किया।           इस आयोजन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के … Read more

बुढ़ापा-सबसे बड़ा सत्य

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* बुढ़ापा आते ही सूरत-सीरत बदल जाती है,नाम वही रहता है, पर जीवन की रीत बदल जाती है। पहले हर काम फुर्ती से हो जाया करता था,अब वही काम करते-करते दिन ढल जाता है। हाथ जल्दी से उठते नहीं,पैर लड़खड़ाकर राह पर चल पड़ते हैं। घुटनों का दर्द दिन-ब-दिन बढ़ता जाता है,कमर … Read more

दवा-इलाज  के नाम पर मौत… कब तक ?

ललित गर्गदिल्ली*********************************** किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी सेना, अर्थव्यवस्था, तकनीकी उपलब्धियों या ऊँची इमारतों से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि वह अपने नागरिकों के जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति कितना संवेदनशील है। स्वास्थ्य व्यवस्था किसी भी देश की आत्मा होती है। अस्पताल केवल भवन नहीं होते, … Read more

पृथ्वी, नदियाँ और पहाड़

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** पृथ्वी, नदियाँ और पहाड़,कितना प्यारा यह संसारईश्वर की है सृष्टि महान,करते हैं सब इन्हें प्रणाम। हरियाली है चारों ओर,नाविक ने पकड़ी है डोरसैर कराता पानी में वह,सुंदर सुखद सुनहरी भोर। मात-पिता से कहते बच्चे,ये पहाड़ हैं कितने अच्छेनाव में बैठ हमें भी जाना,पानी में हमें सैर कराना। पापा ने नाविक को बुलाया,हमको … Read more

पद्मश्री अशोक चक्रधर ने किया डॉ. अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’ को सम्मानित

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नई दिल्ली। साहित्य अकादमी सभागार (नई दिल्ली) में आयोजित सम्मान समारोह में पद्मश्री प्रो. अशोक चक्रधर व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने वागीश्वरी काव्य निर्झरिणी के संस्थापक अध्यक्ष एवं संपादक डॉ. अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’ को सम्मानित किया। यह आयोजन ‘निशंक’ का रचना संसार की कहानी वार्ता के १५०वा संस्करण पूर्ण होने पर किया … Read more

पुस्तक लोकार्पित, काव्य गोष्ठी भी हुई

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आगरा (उप्र)। विश्व साहित्य सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में निखिल बुक कैफे पर अदिति अस्थाना की पुस्तक ‘अंक ज्योतिष जीवन का रहस्य’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य यादराम वर्मा कवि किंकर ने की। मुख्य अतिथि केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के प्रो. उमापति दीक्षित तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. राजेन्द्र मिलन एवं इतिहासकार राजकिशोर शर्मा … Read more