फागुन आयो रे…

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* फागुन आयो रे, बौराई क्यारी-क्यारी,महके बाग-बगैयाँ, रंगत छाई न्यारी।ढोलक की थापों में झूमी गैयाँ-नारी-बोल उठी हर डाली, किलकी मारी क्यारी॥ फागुन आयो रे, पिचकारी रंग बरसाए,भीगे चुनर अंचल, साजन मन ललचाए।हँसी की फुहारों से मन का मैल धुलाए-राधा संग श्याम की गलियों में धूम मचाए॥ फागुन आयो रे, सरसों … Read more

शिव मगन होकर नाच रहे

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** शिव जी मगन होकर नाच रहे,भक्तों को शिव पर नाज रहे। गले में पहने साँपों की माला,कानों में बिच्छू कुंडल वाला। और हाथ में डमरू डम-डम बाजे,शिव के तन पर है भस्मी साजे। शिव जी पीकर भंग हुए मतवाला,हलाहल पीकर नीलकंठी वाला। जटा में गंगा कलकल समाए,सिर पर चंदा चक-मक विराजे। हाथ … Read more

जन्मदिन पर रखी काव्य गोष्ठी

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दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय सकारात्मक साहित्य मंच की संस्थापक-अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय कवयित्री डॉ. कीर्ति काले के जन्मदिवस पर रंजना अग्रवाल की अध्यक्षता में मंच द्वारा जी.डबल्यू.एस. होम केयर सेंटर सभागार में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि द्वारका सिटी समाचार-पत्र के मुख्य संपादक मुकेश सिंह रहे।गोष्ठी के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल … Read more

फागुन आया देह में…

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* फागुन आया देह में, जागी आज उमंग।मन उल्लासित हो गया, फड़क उठा हर अंग॥ फागुन लेकर आ गया, प्रीति भरा संदेश।जियरा को जो दे रहा, मिलने का आवेश॥ फागुन की अठखेलियाँ, होली का पैग़ाम।हर कोई लिखने लगा, चिठिया प्रिय के नाम॥ फागुन की मदहोशियाँ, छेड़ें मीठी तान।हल्का जाड़ा कर रहा, अनुबंधों … Read more

शाकाहारी भोजन ही श्रेष्ठ

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ शाकाहारी भोजन हमारे शरीर की मूलभूत आवश्यकता है। स्वस्थ शरीर के लिए शाकाहारी भोजन अमृत के समान है। आज विश्व में बढ़ते अत्याचार, मार-काट, हिंसा की इस एक लहर-सी चल पड़ी है, वहीं मनुष्य में दया, प्रेम, मानवता के खत्म होने का मुख्य कारण मांसाहार और मदिरापान है। भारतीय संस्कृति … Read more

वादा निभाया था मैंने

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** अजनबी को गले से लगाया था मैंने,जो वादा किया वो निभाया था मैंने।प्यार की राह पर घर बसाया कभी-अपना सब कुछ उसी पर लुटाया था मैंने॥ संसार में सब कुछ बस एक सपना है,यहाँ कुछ भी तो नहीं अपना है।जिसके भाग्य में लिखा है जितना-उतना ही तो उसको मिलना है॥

उम्र को हावी न होने दें

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ आजकल अनेक महिलाएं अपने घर की दहलीज पार कर नौकरी या व्यवसाय में व्यस्त हैं, परंतु अभी भी बहुत-सी महिलाओं की बड़ी आबादी ऐसी है, जो गृहिणी कहलाती है। यह सुबह से रात तक घरेलू कामों में लगी रहती हैं। झाड़ू पोंछा, बर्तन, खाना आदि कामों में व्यस्त रहने के कारण उन्हें … Read more

पुस्तक का विमोचन किया, कविता-ग़ज़ल सुनाई

छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र)। विशेष अतिथि कैबिनेट मंत्री अतुल सावे, ज्येष्ठ साहित्यकार डॉ. ऋषिकेश काम्बले तथा साहित्यकार आशा खरतडे-डांगे ने एड. टी. शिपे उर्फ सूर्यकांत काका द्वारा लिखित पुस्तक ‘माझी आई गिरजाबाई’ का विमोचन किया। समारोह की अध्यक्षता डॉ. काम्बले ने की।इस अवसर पर श्री सावे ने कहा कि यह पुस्तक पाठकों के मन को अवश्य … Read more

पल भर का सुकून पाठक को मिल जाए, ऐसी कहानी होना चाहिए

भोपाल(मप्र)। वर्तमान समय में हमें अपनी जड़ों को पहचानने की ज़रुरत है। आजकल पौराणिक पृष्ठभूमि की कहानियों का चलन है, लेकिन इसमें बहुत सावधानी की जरूरत है। प्रस्तुतिकरण अच्छा हो तो कहानी श्रोताओं को अपनी ओर सहज आकर्षित करती है। आज की मशीनी ज़िन्दगी में पल भर का सुकून पाठक को मिल जाए, ऐसी कहानी … Read more

आकार में छोटी, प्रभाव में बड़ी है लघुकथा

लघुकथा महोत्सव… भोपाल (मप्र)। कथा परिवार में लघुकथा कथा आकार में छोटी, लेकिन प्रभाव में बड़ी सदस्य है। लघुकथा की लोकप्रियता उसके लघु आकार के कारण नहीं, बल्कि तीव्र प्रहार और प्रभाव के कारण हुई है।यह बात साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश के निदेशक डॉ. विकास दवे ने कही, जो हिंदी भवन के महादेवी वर्मा कक्ष … Read more