फर्क नहीं पड़ता
संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* उसे कुछ भी फर्क नहीं पड़ता,संक्रमण क्या है यह उसे नहीं पता!उत्तरायण, दक्षिणायन, पुण्यकालया महापुण्यकाल, दान, उपवास, भजन या कीर्तन,उसे इन सबका कुछ भी फर्क नहीं पड़ता। धरातल पर मानव के अस्तित्व के,पहले से ही, करोड़ों साल पहले सेवह तो केवल हाइड्रोजन जलाता है,बाकी के सभी अर्थ मानव द्वारा निर्मित हैंउत्तरायण … Read more