सशक्त हस्ताक्षर का चतुर्थ वार्षिकोत्सव १० को

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जबलपुर (मप्र)। संस्कारधानी की क्रियाशील साहित्य संस्था का चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह १० मई को कला वीथिका (रानी दुर्गावती संग्रहालय, जबलपुर) में आयोजित होगा। संयोजनकर्ता कवि संगम त्रिपाठी (संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा) के अनुसार उद्घाटन प्रातः ११ बजे किया जाएगा और शाम से रात्रि साढ़े ८ बजे तक विमोचन व सम्मान समारोह रहेगा। मुख्य अतिथि … Read more

जर्जर काया

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* गहरी होती झुर्रियों में, जीवन का इतिहास दिखा।दुनिया के हर रंग का, इस काया ने स्वाद चखा॥ जर्जर हो गई काया अब तो, दुख के कईं झमेलों से,कभी खुशियाँ बहुत बिखेरी, दुनिया के इन मेलों ने।दर्द के कईं थपेड़ों से भी, मैंने खुद को थाम रखा,गहरी होती झुर्रियों में, … Read more

सिंदूर की शपथ

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** भारतीय सेना… (‘आपरेशन सिंदूर’ दिवस विशेष)… सीमा पर फिर गर्जन गूंजा, रण का नभ अंगार हुआ,भारत माँ के वीर सपूतों का फिर जयघोष अपार हुआमाथे का सिंदूर बचाने निकली जब रणभेरी थी,भारतीय सेना की गाथा तब इतिहासों से गहरी थी। हिमगिरि की चोटी से लेकर मरुभूमि के विस्तार तलक,हर सैनिक … Read more

महिला आरक्षण: राजनीतिक दलों का दोहरा चरित्र

ललित गर्गदिल्ली*********************************** भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी विडंबनाओं में से एक यह है, कि जिस देश में महिलाओं को ‘शक्ति’, ‘मातृशक्ति’ और ‘आधी दुनिया’ कहकर सम्मानित किया जाता है, वहीं राजनीति में उन्हें समान भागीदारी देने के प्रश्न पर लगभग सभी राजनीतिक दलों की नीयत संदिग्ध दिखाई देती है। संसद से लेकर चुनावी मंचों तक … Read more

कौन कहता है…?

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* दूरियाँ दिलों को जोड़ती हैं या तोड़ती हैं,यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है, जिस पर अलग-अलग विचार हैं। अक्सर लोग मानते हैं कि दूरियाँ रिश्तों में खटास लाती हैं,पर वास्तव में विश्वास और संवाद की कमी ही रिश्तों को तोड़ती है। दूरी बढ़ने से प्रेम में संदेह जन्म ले सकता है,दिल धड़कता … Read more

‘आचरण’ बाल कहानी लेखन प्रतियोगिता, बनेगी पुस्तक

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भोपाल (मप्र)। साहित्य एवं संस्कारों को प्रोत्साहित करने हेतु ज्ञान मुद्रा पब्लिकेशन के तत्वावधान में बाल कहानी लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। ‘आचरण’ विषय पर इसमें बाल साहित्यकार, नवोदित रचनाकार एवं लेखन प्रेमियों को सहभागिता हेतु ५ जून तक आमंत्रण है। प्रकाशन (gyaanmudrapu blication@gmail.com) से दी गई जानकारी अनुसार इसके (अच्छे व्यवहार, … Read more

एक और मजदूर दिवस…

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)… मैं मजदूर, झूठे सपने लिए चलता हूँ,बेबसी और भूख के घर में पलता हूँमौन रहता हूँ, धूप, सर्दी सब सहता हूँ,गरीबी की चादर उधेड़ता हूँ, सिलता हूँ। मेहनत इतनी करता है मजदूर,जब उद्योगपति के घर फूलते-फलते हैं,पसीना बहाता है श्रमिक तब … Read more

‘शब्दकार’ कहानी प्रतियोगिता: मिलेंगे नगद ३ पुरस्कार

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राँची (झारखण्ड)। ‘शब्दकार’ अपने वार्षिकोत्सव के अवसर पर कहानी प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। इसके लिए रचनाएँ भेजने की अंतिम तारीख ३० जून है।           निवेदक टीम शब्दकार के अनुसार यदि आप कहानियाँ लिखते हैं, तो हार्दिक स्वागत है।कहानी के लिए किसी भी विषय का चयन किया जा सकता है। प्रथम, द्वितीय … Read more

एक पीड़ा..

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ भारतीय सेना… (‘आपरेशन सिंदूर’ दिवस विशेष)…. स्वर्ग की वादियों मेंहिंदू की कहानी लिखी गई,खुशियों की बारातों मेंआँखों से खून की नदी बही। पहलगाम में जबसिंदूर उजड़ गया,चेतावनी नहीं थी वोसनातन पर हमला था। “सनातनी हैं हम” —सुनते ही आतंकी टूट पड़ेआँखों के सामने खुशीमातम में बदल गई,रोम-रोम पर अत्याचार हुआये कैसा कहर … Read more

काश! तुम समझ सकते

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* तुम थक कर सो गए थे न,फिर मध्य रात्रि मेंउनींदी अखियों से,क्यों झांका वॉट्सएप में!मेरा शेर, कभी मेरी कवितापढ़ने के लिए या फिर सिर्फ,ये देखने कि मैंने क्या लिखा है ? तुम जान-बूझ कर,इसका जवाब नहीं दोगेरात और सुबह तन्हा रहकर,उन पंक्तियों को दुबारा पढ़कर भीतुम खामोशी की परत चढ़ाकर,मेरी लेखनी … Read more