संस्कृति का स्वर्ण पर्व ‘नवसंवत्सर’
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* जब-जब नव संवत्सर आता, नव जीवन का संचार लिए,वसंत बयारें गातीं राग, हरिता धरती श्रृंगार लिएनव शक्ति जागे नवरात्रि में, विज्ञानी आज यही कहता,ऋतु परिवर्तन हुआ संतुलित, नवप्रकृति चारु विस्तार लिए। माँ दुर्गा के नव रूपों में, नव ऊर्जा का विज्ञान छिपा,आत्मशक्ति का लोकजागरण, नवजीवन का कल्याण लिखेसंयम, साधना, … Read more