‘लघुकथा’ किसी क्षण को पकड़ कर अनुभूति से लिखी जाने वाली विधा

सीहोर (मप्र)। लघुकथा किसी क्षण को पकड़ कर अनुभूति से लिखी जाने वाली विधा है, जिसका आकार, प्रकार, भाषा, अनुभूति में लिप्त होती है। यह शब्दों का खेल नहीं, संकेत की भाषा है जो अंत में अपने पाठकों के दिल में छाप छोड़ जाती है।यह बात वरिष्ठ लघुकथाकार विजय सिंह चौहान (इंदौर) ने वक्ता के … Read more

काव्य-गोष्ठी में बरसे होली के रंग

hindi-bhashaa

दिल्ली। ‘अंतस्’ की ७९वीं मासिक आभासी काव्य-गोष्ठी का आयोजन श्रीमती वंदना कुँअर रायज़ादा की अध्यक्षता एवं संस्था की अध्यक्ष डॉ. पूनम माटिया के संचालन में किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश कुमार शर्मा एवं कृष्ण कुमार दुबे तथा विशिष्ट अतिथि लक्ष्मण सिंह रहे। इसका शुभारंभ सुनीता अग्रवाल द्वारा लोक गीत ‘रंग डारो न हम पर … Read more

खुशियाँ जीवन रंग

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* होली की शुभकामना, करो पटल स्वीकार।खुशियाँ जीवन रंग से, रंजित हो परिवार॥ सतरंगी जीवन लसे, आनंदित हो फाग।समरसता फैले वतन, मानवता अनुराग॥ मिटे सकल दुर्गंध मन, झूठ कपट बदरंग।लगा रंग सद्भावना, सच्चाई सत्संग॥ लगा रंग संवेदना, भरो वेदना घाव।सतरंगों के प्रीत रस, हो अपनापन छाव॥ रंगों से लिपटे बदन, … Read more

मालीखेड़ा में हुआ भव्य कवि सम्मेलन

hindi-bhashaa

मालीखेड़ा (राजस्थान)। राधाकृष्ण मंदिर पर श्रीमदभगवद गीता ज्ञान गंगा यज्ञ में भव्य कवि सम्मेलन भी रखा गया। इसमें राजेन्द्र आचार्य राजन के संयोजन में कवि अरुण गर्ग, भेरू चौहान, डॉ. राजेश पुरोहित, जितेंद्र बलवारा व नितिन प्रजापति आदि ने विभिन्न रसों की कविताओं का पाठ किया। मुख्य अतिथि प्रमोद सैनी रहे, जबकि आयोजक केदार सैनी … Read more

अभा कवि सम्मेलन सह हुआ साहित्य सम्मान

hindi-bhashaa

राँची (झारखंड)। इस्पात क्लब मेकॉन कॉलोनी (राँची) में ‘कहानिका’ हिंदी पत्रिका (बोकारो) द्वारा अभा कवि सम्मेलन सह विद्या वाचस्पति मानद सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. कमल वॉर (भूतपूर्व विभागाध्यक्ष- हिंदी विभाग संत जेवियर्स कॉलेज रांची) व विशिष्ट अतिथि प्रतिभा प्रसाद कुमकुम, मनीषा सहाय रहे।संयोजन और अध्यक्ष की भूमिका श्याम कुंवर भारती (प्रधान … Read more

प्रकाशन क्षेत्र में सहायक है ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’- डॉ. पाल

hindi-bhashaa

दिल्ली। आज का युग तकनीकी युग है। हमें उपलब्ध तकनीक का उपयोग सावधानीपूर्वक अपने कार्य में करना चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज के डिजिटल युग की नवीनतम तकनीक है।प्रकाशन के क्षेत्र में इसका उपयोग विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध हो सकता है। पुस्तक का रूप चाहे भौतिक रूप में हो अथवा आभासी, सदैव ज्ञानार्जन की आवश्यकता … Read more

मुफ़्त का नशा

डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** बुधिया के गाँव में सरकारी योजनाएं आईं- राशन, गैस, बिजली बिल माफी, नकद। बुधिया खुश था।पहले साल उसने काम छोड़ा।“मिल तो रहा है।”दूसरे साल उसने खेत पड़ोसी को दे दिया।“मेहनत किसलिए ?”तीसरे साल उसके बेटे ने विद्यालय छोड़ा।“पढ़कर क्या करेंगे, फ़्री में सब मिलेगा।”पाँच साल बाद चुनाव आए। नेताजी गाँव में … Read more

फाग रंगोत्सव में हुआ कवि सम्मेलन व वैचारिक चिंतन

hindi-bhashaa

इन्दौर (मप्र)। शहर में पत्र लेखक मंच का फाग रंगोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें सामाजिकता और धार्मिकता का संगम देखने को मिला। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार सदाशिव कौतुक रहे।आयोजन में पत्र लेखक, साहित्यकार और पत्रकार भी शामिल हुए। इसमें श्री कौतुक ने कहा कि आज के इस दौर में पत्र लेखक समाज का सजग प्रहरी … Read more

सुरक्षा का हमदर्द हूँ

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (४ मार्च) विशेष… सुरक्षा दिवस पर एक बुद्ध संदेश,दुर्घटना करता नाश स्वयं और देशध्यान व अध्यान में है, अंतर विशेष,सुरक्षा कवच को तोड़े, तो रहे न शेष। ‘बिजली’ हमारी है परम धरम की मित्र,लापरवाही बचाती सिर्फ आपका चित्रबिजली शत्रु कट्टर भी है और विचित्र,हर जगह पर … Read more

मेरा बचपन और होली

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* गाँव का रहने वाला हूँ। गाँव में उस समय लोगों में बहुत प्रेम-भाव व सद्भाव था। छोटे, बड़ों का बहुत सम्मान करते थे। होली पर हुल्लड़ नहीं होती थी। बच्चे-जवान, बूढ़े सभी मर्यादा में रहते थे, और एक-दूसरे का सम्मान करते थे।हम बच्चे सालभर होली का इंतज़ार करते थे। मैं अपने … Read more