ऐ वक़्त जरा तू धीरे चल

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** मत इतना सर्वनाश तू कर,ऐ वक़्त जरा तू धीरे चलजिनके अपने मर गए यहाँ,उनको धीरज धर लेने देकंधा कोई मिल जाए उन्हें,सर रख के जरा रो लेने दे। किसी की महत्वाकांक्षा से,लाशों का यहाँ अम्बार लगासमझ नहीं आता किसको,शत्रु मानें और किसे सगारॉकेट, मिसाइल और ड्रोन दाग,कितना विनाश कर डाला हैवातावरण प्रदूषित … Read more

समकालीन समाज की विसंगतियों पर तीखा प्रहार ‘काले धन के बोनसाई’

मुकेश इन्दौरीइन्दौर (मध्यप्रदेश) ********************************************** पुस्तक समीक्षा… नंदकिशोर बर्वे न केवल एक सशक्त व्यंग्यकार हैं, बल्कि कलाकार व नाटककार भी हैं। उनके कई नाटक चर्चित हुए हैं। श्री बर्वे अपने चुटकीले संवादों, कटाक्ष व अभिनय से पाठकों-दर्शकों पर अलग छाप छोड़ते हैं। नंदकिशोर बर्वे का ये दूसरा व्यंग्य संग्रह ‘काले धन के बोनसाई’ (न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन) है। … Read more

हवाएं भी मौन

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… बसन्त के मौसम में,आमों के वृक्ष परकोयल की मीठी कुहू-कुहूसुनाई देती,वैसी ही मीठी आवाजआशा दीदी की। आज बसन्त ऋतु में,कोयल उदासस्वर की देवी,आशा दीदी के निधन सेसंगीत जगत के साथ,प्रकृति हो चुकी मौनएक सूनापन छाया,उनकी आवाज हीउनकी अमरता की पहचान है। गीत, संगीत, … Read more

हर पल संघर्ष रहा जीवन

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… मन नहीं मानता अब नहीं रहीं,पर सत्य तो सत्य हैदीनानाथ की थी लाड़ली,पर जीवन ने किया घातहर पल संघर्ष, संकट घेरे रहा जीवन। दिल में था जुनून,मन में था ठानानहीं पालना है पेट,किसी और के सहारेना थी किसी से कोई खास पहचान। घर से … Read more

गायिका सदाबहार

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… हृदय में संगीत को बसाए हुए,दीनानाथ थे सुरों के आधार,लता थीं उनकी प्रथम सुपुत्री,आशा ने बढ़ाया आगे यह संसार। अपनी गायकी से सबको हर्षाया,नवयुवकों के लिए पॉप भी गायाछा गई मदहोशी, ऐसा सुर आया,अपने परिवार का मान बढ़ाया। ऐसी हैं हमारी आशा भोसले,संगीत … Read more

कौन सुनेगा पुकार ?

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ पृथ्वी जल रही है,कौन सुनेगा ‘करुण’ पुकार ?गाँव-जंगल ‘गुम’ हो गए शहरों में,कोई सुनता ही नहीं…?कहीं आँधी, कहीं तूफान,गिर रही बर्फ बैमोसमबिगड़ता ही जा रहा दुनिया का पर्यावरण,पृथ्वी जल रही है…। इंसान सही में ‘बोझ’ बन चुका है,अपने लालच के लिए धरती को बांट दियाप्रदूषण, पर्यावरण सबके-सब दूषित हो गए,और … Read more

चमत्कार

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** यदि एक बार तुम आ जातेपथ में पराग बिछाते हम,आलोकित होता जग साराऔर हर्षित होते सारे हम। यह चमत्कार यदि हो जाएअनुराग पुष्प अर्पित करती,याद किया करती हर दिनवह बीते दिन सुमिरन करती। यदि काश अगर आ जाते तुमदिखलाती दुनिया के मिज़ाज,कैसे-कैसे सब बदल गएपहले क्या और क्या है आज। सब मतलब … Read more

सोशल मीडिया: मिथक, विश्वास और भड़काव का महाजाल

पूनम चतुर्वेदी शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)************************************** भारत एक ऐसी भूमि है, जहाँ आस्था केवल मंदिर की घंटियों या अज़ान की आवाज़ तक सीमित नहीं रही। वह अब स्मार्टफोन की स्क्रीन पर भी उतर आई है — कभी पूजा-पाठ के वीडियो के रूप में, कभी धार्मिक संदेशों की झड़ी के रूप में, और कभी ऐसे दावों के रूप … Read more

मन को अभिव्यक्त करती है कविता-डॉ. जटिया

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कालजयी साहित्यकार स्मरण श्रृंखला…. इंदौर (मप्र)। कविता साधना है, जो जीवन के साध्य को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करती है। कवि जीवन के डर को कविता से समाप्त करता है। कविता मन को अभिव्यक्त करती है। श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति द्वारा प्रति मंगलवार को आयोजित ‘कालजयी साहित्यकार स्मरण श्रृंखला एवं सृजन विविधा’ में … Read more

वार्षिक समारोह में साहित्यकार और पत्रकार सम्मानित

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कुशी नगर (उप्र)। निराला शब्द संवाद मंच (पडरौना कुशीनगर) और हिन्दी साहित्य भारती गोरक्ष प्रान्त (गोरखपुर) के संयुक्त तत्वावधान में उदित नारायण इण्टरमीडिएट कालेज के सभागार में वार्षिक समारोह आयोजित किया गया। इसमें देश-विदेश के साहित्यकार और पत्रकार सम्मानित किए गए, वहीं साहित्य भारती गोरक्ष प्रान्त गोरखपुर के पदाधिकारियों के मनोनयन की घोषणा की गई। … Read more