देश का बेटा भगत सिंह

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)**************************************** था वो अमर बलिदानी (वीर भगत सिंह जयंती विशेष)… बस देश के लिए जीना,  बस देश के लिए मरना बस भगत सिंह का इंकलाब का नारा, जग में गूंजता रहता। बस अपनी माँ का नहीं, जग का दुलारा था वह लाडला बेटा, एक माँ ऐसी भी थी, जो मलबा उठाकर भी मुँह … Read more

बेटियाँ होती हैं विश्वास

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)************************************* घर का उजाला… बेटियाँ (राष्ट्रीय पुत्री दिवस विशेष)… घर के आँगन में,जब बेटी की हँसी उतरती हैतो लगता है,जैसे सुबहबिना दस्तक दिएदरवाजे पर आ खड़ी हुई हो। बेटियाँ,सिर्फ घर में रहने वाली बेटियाँ नहीं होतींवे घर की दीवारों के बीच,धड़कता हुआ विश्वास होती हैं। उनके छोटे-छोटे कदमों से,घर का सन्नाटा टूटता हैउनकी … Read more

बेटियों से संसार

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** घर का उजाला… बेटियाँ (राष्ट्रीय पुत्री दिवस विशेष)…. बिटिया पाखी बिटिया साखी,बिटिया भाई की चुलबुल राखीबिटिया सच्ची सहेली होती,घर का उजाला बेटियाँ होती। सचमुच बिटिया सयानी होती,सबपर स्नेह भर-भर लौटातीहर काम में हाथ बंटाती,घर का उजाला बेटियाँ होती। चलती जब ठुमक-ठुमक कर,घर में खूब रौनक होतीमीठी-मीठी तान सुनाकर,घर का उजाला … Read more

रक्षा के हित हुआ शहीद

राधा गोयलनई दिल्ली*********************************** था वो अमर बलिदानी (वीर भगत सिंह जयंती विशेष)… भगतसिंह था भारत माँ का अमर वीर बलिदानी,भारत माँ को आजाद कराने की थी मन में ठानीपिता किशनसिंह, माता विद्यावती का वीर सपूत,भगतसिंह था नाम, आजादी का जज़्बा मजबूतछोटी वय में देश की रक्षा के हित हुआ शहीद,इतिहासों में सदा अमर हो जाते … Read more

समय नहीं है

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** यात्राएँ आसान हो गईं,सफ़र का समय भी कम हो गयाफिर भी इंसान के पास समय नहीं…। परिवार छोटे हो गए,‘हम दो और हमारे दो’ बस रह गएफिर भी इंसान के पास समय नहीं…। ख़बर अब आसान हो गई,हफ़्ते में पहुँचने वाला संदेश सेकंड में मिल जाताफिर भी इंसान के पास समय नहीं…। … Read more

चुप रहना स्वीकार नहीं किया

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)************************************* था वो अमर बलिदानी (वीर भगत सिंह जयंती विशेष)… जिसकी उम्र अभीकिताबों के पन्नों परसपने लिखने की थी,लेकिन उसनेअपने समय की गुलामी कोअपनी आँखों में उतरते देखा,और फिरचुप रहना स्वीकार नहीं किया। वह भगतसिंह था,उसके हाथों मेंखिलौने नहीं,एक ऐसे भविष्य का सपना थाजहाँ मनुष्य,मनुष्य से भयभीत न हो। उसने क्रांति कोसिर्फ बंदूक … Read more

खिड़कियों से झांकता चाँद

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)****************************** कभी चाँद खिड़की से झाँककर चुप जगाता,चाँद रोज मेरी खिड़की से मुस्काता। कभी किसी दिन पूछ न बैठे दिल की बात,छत पर आकर ख़त लिखता है हर रात। यह भावपूर्ण सुकून यादों का,रूमानी माहौल सजाता है हर बार। यह चाँदनी रात एकांत में जब आती है,बीती यादों को फिर से पास … Read more

ये दिल दीवाना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** दोस्तों! सुनो, हमेशा ही तो ये दिल दीवाना है,और कुछ नहीं बस धड़कनों का अफसाना है। बाहर से भले ही लगता है यह मासूम, भोला,पर यह दिल हरदम ही तो बेहद सयाना है। है अपना पर अपने बस में नहीं रहता कभी,इसे तो अपने में सदा दूसरे को ही बसाना है। … Read more

समय का पहिया

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** समय का पहिया चल रहा, चलता रहेगा,बहुत कुछ कह रहा, नित कहता रहेगाकुछ सुख, कुछ दु:ख, हकीकत गढ़ता रहेगा,कभी न रुका है, आगे को ही बढ़ता रहेगा।। समय का पहिया बेहद शक्तिवान है, और रहेगा,न कुछ सहता है, न ही कुछ आगे वह सहेगाकौन रोक पाया है समय के पहिए की … Read more

लड़की हूँ पर कमजोर नहीं

  राधा गोयलनई दिल्ली************************************ लड़की हूँ, पर कमजोर नहीं,ताकतवर हूँ ,मुँहजोर नहीं। कितने ही स्वप्न सुनहरे, मेरी इन आँखों में पलते हैं,दिन रैन हमेशा साथ मेरे, साये की तरह से चलते हैं। जूडो और मार्शल आर्ट सीख, खुद को मजबूत बनाऊँगी,और सभी महिलाओं को, यह कौशल सिखलाऊँगी। समय आजकल बहुत बुरा है, कोई नहीं सुरक्षित … Read more