कब तक चलेगा ये खिलवाड़ ?
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* कब तक आग निगलती रहेगी सपनों का संसार,कब तक होता रहेगा यूँ जीवन से खिलवाड़। दिल्ली रोई, लखनऊ सिसका, चीखा हर परिवार,मासूमों की चिताओं पर बैठा है भ्रष्टाचार। कल तक जिन आँखों में थे उज्ज्वल कल के चित्र,आज वही तस्वीर बने हैं, मौन खड़े हैं मित्र। धुआँ उठा केवल भवनों से, ऐसा कहना भूल,जली सुरक्षा की चेतना, जले नियम-अनुकूल। कागज़ पर सब ठीक लिखा … Read more