ममता साहू
कांकेर (छत्तीसगढ़)
*************************************
नवरात्रि में माता ,
नवदुर्गा रूप दिखाती
भक्ति की शक्ति से माँ,
कृपा जग में बरसाती।
शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी,
चंद्रघंटा जब आती
भक्तों के भय हर माता,
हर अंधकार मिटाती।
कूष्मांडा स्कंदमाता,
कात्यानी जब आती
भक्तों की रक्षा कर माता,
सारे वचन निभाती।
कालरात्रि महागौरी,
सिद्धिदात्री जब आती
भक्तों के मन को माता,
बहुत है हर्षाती।
अमृत की धार बह के,
कृपा सिन्धु बन जाती।
नवरात्रि में माता,
नव-नव रूप दिखाती॥