सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
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‘हनुमान जयंती’ विशेष…
मारुत नंदन आपको, वंदन शीश नवाय।
सदा साथ मेरे रहें, कहिए सरल उपाय॥
भक्ति करूँ मैं केहि विधि , कैसे उतरूँ पार।
राम सहायक आपके, करते हैं उपकार॥
मैं आई हूँ द्वार पर, रखिए मेरी लाज।
जो कुछ मेरे पास है, अर्पित करती आज॥
तन, मन, धन से है सदा, वंदन बारम्बार।
आज जयंती आपकी, मंदिर भीड़ अपार॥
तेरे आता द्वार जो, ख़ाली कभी न जाय।
भरते झोली भक्त की, बनते आप सहाय॥