ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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खुश रहने के लिए शांति बहुत जरुरी है,
जीवन खुशहाल रहे, प्यार बहुत जरूरी है।
हम-तुम खुश हों, सबका साथ बहुत जरूरी है,
प्यार लो, प्यार दो, सबका विश्वास बहुत जरूरी है।
हमारी आवश्यकताओं का कोई अंत नहीं है,
इसलिए जो जितना है, में संतोष होना जरूरी है।
आकांक्षा रहे ऊंची, पर ईमानदार होना भी जरुरी है,
हमारा लक्ष्य पता रहे, इसलिए अर्जुन होना जरूरी है।
हमारी धरती पर अन्न हमेशा भरा- पूरा रहे,
इसलिए खेतों में हल चलाना जरूरी है।
छोटे भी हम सबका आदर सम्मान करें,
इसलिए उनसे भी प्यार जताना जरूरी है।
हमारा देश भी दुनिया में परचम लहराए,
इसलिए नागरिक कर्त्तव्य निभाना जरूरी है।
ईश्वर लेता कठिन परीक्षा इसमें पास हों हम सब,
खुश रहने के लिए सब्र करना भी बहुत जरूरी है।
शांति में ही सब सुख है, शांति बहुत जरूरी है,
हमारा घर खुशहाल रहे, शांति बहुत जरुरी है॥