नई दिल्ली।
जनपथ स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में श्री अयोध्या न्यास द्वारा ‘अयोध्या पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक उत्सव के प्रथम सत्र में सुप्रसिद्ध उद्यमी एवं वरिष्ठ साहित्यकार-कवि बी.एल. गौड़ और वरिष्ठ कवि-लेखक एवं पत्रकार डॉ. शैलेश शुक्ला की कृति ‘भविष्य की अयोध्या’ का लोकार्पण पद्मभूषण राम बहादुर राय ने किया।
लोकार्पण के अवसर पर अतिथि में यमुना एक्सप्रेस-वे विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेशसिंह व अयोध्या के पूर्व सांसद लल्लू सिंह भी उपस्थित रहे। सत्र का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। डॉ. शुक्ला ने अपने वक्तव्य में अयोध्या में प्रतिदिन ५ लाख तक तीर्थयात्रियों को व्यवस्थित रूप से श्रीराम मंदिर के दर्शन और सम्पूर्ण अयोध्या के तीर्थाटन के लिए निरंतर हो रहे अवसरंचना निर्माण और वर्ष २०४७ तक के अयोध्या विकास के बारे में बताया। श्री गौड़ ने कहा कि लोकार्पित पुस्तक मात्र २०-२५ दिन के भीतर आप सभी के समक्ष प्रस्तुत हुई है। अंतर्मन में अयोध्या के विकास और पुनर्निर्माण से संबंधित अनेक योजनाएं काफी समय से आकार ले रही थीं।
आईएएस राकेश सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने इस मर्यादित शहर को बचपन से देखा है और अपने परिवार की वरिष्ठ पीढ़ी तथा समाज के बुजुर्गों से इसकी पुरातन पृष्ठभूमि से लेकर वर्तमान तक के विभिन्न आयामों को नजदीक से समझा है। केंद्र के अध्यक्ष श्री राय ने अपने वक्तव्य में आपातकाल के समय के प्रसंगों को स्मरण करते हुए बताया कि वर्ष २०१६ में वर्तमान सरकार ने सभी परिस्थितियों का आकलन करने के बाद इस योजना को पुनर्जीवित करते हुए उसका जीर्णोद्धार करने का निर्णय लिया और सकारात्मक इच्छाशक्ति के बल पर उसे सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसका परिणाम आज ‘काशी विश्वनाथ कॉरिडोर’ के रूप में सबके सामने है।
पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने अपने संबोधन में अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी।