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भारत की शान, भारत की पहचान

नीलम प्रभा सिन्हा
धनबाद (झारखंड)
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भारत की शान,
भारत की पहचान-
मृदुल, मृदुल व्यवहार,
व्यक्ति-व्यक्ति की मददगार
हर अतिथि का स्वागत,
मधुर-मधुर मुस्कान लिए
दोनों कर जोड़कर,
मुस्कान लिए होंठों पर
मीठी-मीठी बोली,
शहद घोलकर-
नमस्कार, नमस्कार।

यही भारत की शान,
यही भारत की पहचान…।

कोई दुश्मन भी अगर,
आ जाए भारत की शरण
सरलता से, प्रेम सहित,
सही-सही समझाकर
उसकी विवेक को जागृत कर दे,
मधुर-मधुर मुस्कान लिए,
दोस्ती का हाथ बढ़ाए।

यही भारत की शान,
यही भारत की पहचान…।

इस पर भी अगर न चेते,
दुश्मन के लिए अणु बम बने
दुश्मन की सफाई,
हर हाल में करे
भारत किसी से कम नहीं,
दुनिया से आगे-आगे हर क्षण
चलने की कसम खाई है,
बुजदिल नहीं कि पीछे हट जाए
हर चीज से मुकाबला,
हम करने को तैयार…।

यही भारत की शान,
यही भारत की पहचान…॥