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विक्रमोत्सव-२०२६:लोकार्पण, कवि सम्मेलन और संगोष्ठी

भोपाल (मप्र)।

महादेव के भव्य-दिव्य महाशिवरात्रि उत्सव से १५ फरवरी को विक्रमोत्सव-२०२६ का भव्य औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस महोत्सव में ४१ से अधिक बहुआयामी गतिविधियाँ संचालित होंगी। शिव रात्रि मेले सहित संगीत, विक्रम नाट्य समोराह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, प्रदर्शनियाँ, संगोष्ठी, भारतीय इतिहास समागम, प्रकाशन-लोकार्पण, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं के अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ ही मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन आदि शामिल है।
अपर मुख्य सचिव संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि यह १३९ दिवसीय आयोजन देश तथा दुनिया में होने वाला अनूठा उत्सव होगा। एमपीटी लेक व्यू रेजिडेंसी में पत्रकारवार्ता के अवसर पर संस्कृति संचालनालय के एन.पी. नामदेव, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी एवं दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा की मौजूदगी में श्री शुक्ला ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से राशि १ करोड़ १ लाख ₹ का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है, साथ ही विक्रम पंचांग सहित कईं पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा। विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुतियों का मंचन होगा, तो लोकरंजन के अंतर्गत १ मार्च को जनजातिय भाषा एवं बोलियों का कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसी तरह नारी शक्ति अ.भा.कवयित्री सम्मेलन होगा। इसमें देश-प्रदेश की ९ कवयित्रियों का कविता पाठ होगा, साथ ही १४ मार्च को देश के १० सुप्रसिद्ध कवियों का पाठ होगा। संचालन अंतर्राष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज करेंगे।