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जनगणना में बहुभाषिकता की जानकारी हेतु पत्र लिखा

सेवा में
श्री अमित शाह जी,
मा. गृह मंत्री, भारत सरकार
गृह मंत्रालय, नार्थ ब्लॉक, केन्द्रीय सचिवालय,
नई दिल्ली -११०००१

विषय: भारत की जनगणना में बहुभाषिकता की जानकारी के लिए आवश्यक सूचनाएँ प्राप्त करने के सम्बंध में।

मा. महोदय,
आपको विदित ही है, कि भारत में ज्यादातर लोग अपनी मातृभाषा की अतिरिक्त राज्य और देश की भाषा भी जानते हैं, साथ ही अन्य प्रदेशों की भाषा भी जानते समझते हैं। यदि उनसे मातृभाषा के सम्बंध में केवल १ भाषा की जानकारी मांगी जाती है तो यह भारतीय भाषाओं की वास्तविक स्थिति समझने के लिए अपर्याप्त होगी। भारत में ज्यादातर लोग अपनी मातृभाषा अथवा बोली के अतिरिक्त भारत संघ की राजभाषा भी जानते हैं, साथ ही संस्कृत भाषा का ज्ञान भी रखते हैं। ऐसे में यदि एक ही भाषा की जानकारी ली जाती है तो यह भारतीय भाषाओं के साथ अन्यायपूर्ण भी होगा।
अतः अनुरोध है, कि जनगणना के प्रपत्र में इसके लिए समुचित व्यवस्था की जाए और जनगणना में नागरिकों से कम से कम ५ भारतीय भाषाओं की जानकारी लेने का प्रावधान अवश्य किया जाए। समुचित जानकारी के लिए, प्रत्येक भाषा के लिए समझना, बोलना, पढ़ना और लिखना जैसे कॉलम बनाए जाने चाहिए, क्योंकि जनगणना का कार्य प्रारंभ होने वाला है। इसलिए इस संबंध में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा है। यह भी अनुरोध है, कि इस सम्बंध में की गई कार्रवाई से शीघ्र अवगत करवाने का कष्ट करें।

सादर
भवदीय
डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’
(निदेशक, वैश्विक हिंदी सम्मेलन)

(सौजन्य:वैश्विक हिंदी सम्मेलन, मुम्बई)