राष्ट्र भाषा हिन्दी की शिराओं में संचार करती हैं जनपदीय भाषाएं – डॉ. शर्मा
उज्जैन (मप्र)। हिंदी और भारतीय भाषाओं का आधार भारत में बोली जाने वाली डेढ़ हजार से अधिक भाषाएँ और बोलियाँ हैं। कोई भी भाषा तब तक भाषा नहीं बनती, जब तक उसका बोलियों के साथ संबंध नहीं बनता। जनपदीय भाषाएँ राष्ट्रभाषा हिंदी की शिराओं में संचार करती हैं। हिंदी का भविष्य जनपदीय भाषाओं और देवनागरी … Read more