सामाजिक सरोकार निर्मित करती है शील कौशिक की लघुकथाएं
पटना (बिहार)। लघुकथा अपने सीमित कलेवर में व्यापक जीवन सत्य को अभिव्यक्त करने वाली सशक्त विधा है। कम शब्दों में गहरी संवेदना और सामाजिक यधार्थ को उकेरना ही इसकी मूल विशेषता है। सामान्यत: ‘जिद’ को सकारात्मक अर्थों में देखा जाता है, किंतु डॉ. शील कौशिक ने अपनी इस लघुकथा ‘जिद अच्छी है’ में जिद को … Read more