अन्य भारतीय भाषाएँ हमारी मौसी की तरह, सम्मान अवश्य करें
पूना (महाराष्ट्र)। यदि हमारी मातृभाषा हमारी माँ है तो अन्य भारतीय भाषाएँ हमारी मौसी की तरह हैं। यदि हम माँ का सम्मान करते हैं तो मौसी का भी सम्मान अवश्य करेंगे।यह बात भाषाविद डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ ने मुख्य वक्ता के रूप में संगोष्ठी में कही। अवसर रहा ‘अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ पर शिक्षा संस्कृति उत्थान … Read more