साहित्य व्यक्ति और राष्ट्र को संस्कारित करने वाली शक्ति
दिल्ली। साहित्य व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र को संस्कारित करने वाली शक्ति है। यह मानवता, पावनता और सहिष्णुता के मूल्यों को पुष्ट करता है।वरिष्ठ साहित्यकार, संपादक व चिंतक प्रज्ञान पुरुष पंडित सुरेश नीरव ने कविता प्रभा राष्ट्रीय साहित्य समूह के वार्षिकोत्सव का सुव्रती पार्क में दीप प्रज्ज्वलन शुभारम्भ करते हुए कही। उन्होंने संस्थापक डॉ. कविता … Read more