अर्जुन चौहान की ग़ज़लें समकालीन समाज का जीवंत दस्तावेज़-सिद्धेश्वर
पटना (बिहार)। समकालीन हिंदी कविता में यदि किसी विधा ने सबसे अधिक लोकप्रियता, व्यापकता और जनस्वीकृति अर्जित की है, तो वह निस्संदेह ग़ज़ल है। फिल्मी गीतों से लेकर कवि सम्मेलनों, मंचीय प्रस्तुतियों, सोशल मीडिया और पत्र-पत्रिकाओं तक ग़ज़ल आज सबसे अधिक पढ़ी और सुनी जाने वाली काव्य-विधा बन चुकी है। अर्जुन चौहान की ग़ज़लें समकालीन … Read more