त्याग मांगती मित्रता

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* मित्रता और जीवन… स्वार्थ भावना से रहित, होता सच्चा यार।कृष्ण-सुदामा की तरह, होता सच्चा प्यार॥ त्याग मांगती मित्रता, जहां नहीं हो स्वार्थ।प्रेम भाव मन में रहे, होता मित्र यथार्थ॥ धन-दौलत छोटा-बड़ा, रहे न उन्नत नीच।यारी में सब गौंण है, हो दिल से दिल बीच॥ जो करता है छल-कपट, होय न सच्चा … Read more

थे मानो इक अवतार

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* संत आप उत्कृष्ट थे,सचमुच रहे विशेष।गोस्वामी जी आपसे,रोशन देश-विदेश॥ रामचरितमानस रचा,फैलाया उजियार।उससे जीवन को मिला,मूल्यसहित नव सार॥ मर्यादा के रूप को,दिया नवल आकार।धर्म,नीति का हो गया,हर चरित्र साकार॥ रही सुवासित सादगी,जीवन था अभिराम।राम नाम प्रभुता लिये,गरिमा के आयाम॥ तुलसी बाबा आप थे,मानो इक अवतार।ग्रंथ आपका कर रहा,सबको भव से पार॥ … Read more

मित्र सदा निभाए साथ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* मित्र वही जो नेह दे,सदा निभाये साथ।हर मुश्किल में थाम ले,कभी न छोडे़ हाथ॥ पथ दिखलाये सत्य का,आने ना दे आँच।रहता खुली किताब सा,लो कितना भी बाँच॥ मित्र है सूरज-चाँद सा,बिखराता आलोक।हर पल रहकर साथ जो,जगमग करता लोक॥ कभी न करने दे ग़लत,राहें ले जो रोक।वही मित्र मानो खरा,जो देता … Read more

कोशिश नित करते रहो

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)********************************************* एक विरल-सी शख़्सियत, भारत रत्न कलाम।पूरा भारत कर रहा, उनको आज सलाम॥ रखिये उनके नाम पर, मीसाइल के नाम।जिससे चर्चा में रहे, हरदम नाम कलाम॥ सिर्फ़ हमारा काम ही, चमकाता है नाम।ये हमसे कह कर गये, प्यारे सदर कलाम॥ कोशिश नित करते रहो, बिना किये आराम।जल्द मिलेगा तब सुखद, … Read more

माँ का रखें ख़याल

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जीवन भर गाते सभी, धरती के ही गीत।हरियाली को रोपकर, बन जाएँ सद् मीत॥ धरती के हैं लाल हम, माँ का रखें ख़याल।वरना कुछ लोभी मनुज, कर देंगे बेहाल॥ धरती तो है झूलना, माँ की गोद समान।हरियाली को रोपकर, दें इसको सम्मान॥ हरियाली से सब सुखद, हो जीवन अभिराम।पेड़ों से साँसें … Read more

सावन मनभावन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************** मधुसावन मनमोहनी, प्रथम वृष्टि अभिराम।मधुवन झूला झूलते, भींगे राधा श्याम॥ लखि निकुंज चहुँ हरितिमा, हरियाली चहुँ खेत।बरसी सावन घन घटा, जलप्लावन अब रेत॥ सावन मन भावन सुखद, मिलन प्रीत सुख मास।रिमझिम बरसे बारिशें, प्रवहित वात मिठास॥ दादुर बादुर टर्र स्वर,गूंजे नदी तडाग।शुभागमन मनमीत का, शान्त विरह मन आग॥ हरियाली … Read more

खूनी है अब आचरण

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* जीवन है विपरीत अब, सब कुछ है प्रतिकूल।फूलों की बातें नहीं, चुभते हैं नित शूल॥ रोज़ विहँसता झूठ अब, हार गई मुस्कान।सच्चा अवसादों घिरा, मिथ्या का है मान॥ संदेहों का ताण्डव, बिलख रहा विश्वास।हर इक अब मायूस है, नहीं शेष अब आस॥ कैसा कलियुग आ गया, बदल गया इंसान।दौलत के … Read more

भ्रम में कुछ इंसान

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)********************************************* लोकतंत्र का कोहरा, तब ही होगा साफ।जन मानस को जब मिले, बिना भेद इंसाफ़॥ सारी दुनिया मानतीे, कण-कण में भगवान।ये तो शाश्वत सत्य है, भ्रम में कुछ इंसान॥ सतत ज़रूरी कोशिशें, रात दिन सुबह शाम।एक लक्ष्य पर मत रुको, ढूंढो नया मुकाम॥ मिले सफलता हरक़दम, बनता अफलातून।रखता है गर … Read more

मेघ की लालसा

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* ओ रे मेघा… मेघों की यह लालसा, मनुज जनों से आज,वृक्ष न काटें जानकर, शुभ अपना आगाज॥ कैसे आएँ मेघ जब, नहीं वृक्ष में जान।हरियाली को छीनकर, वर्षा का आह्वान॥ स्वार्थ लोभ की भावना, हिय में इसका वास।औसत वर्षा का घटा, नहीं तनिक आभास॥ जंगल मैदानी बने, देख लोग हैं मौन … Read more

पौरुष सम नहीं मीत

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************** भाग्य और पुरुषार्थ में, श्रेष्ठ चयन पुरुषार्थ।सुफल सुखद पौरुष सुयश, देश भक्ति परमार्थ॥ सुपथ समादर नित जगत, जो जीवन गतिमान।मार्ग कठिन, पर सफलता, देती सुख यश मान॥ तज आलस, धन मोह छल, निद्रा तन्द्रा क्रोध।नीति प्रीति पौरुष पथिक, मिटे विषम अवरोध॥ नवजीवन नव अरुणिमा, देता नित पुरुषार्थ।खिले प्रगति सुरभित … Read more