त्याग मांगती मित्रता
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* मित्रता और जीवन… स्वार्थ भावना से रहित, होता सच्चा यार।कृष्ण-सुदामा की तरह, होता सच्चा प्यार॥ त्याग मांगती मित्रता, जहां नहीं हो स्वार्थ।प्रेम भाव मन में रहे, होता मित्र यथार्थ॥ धन-दौलत छोटा-बड़ा, रहे न उन्नत नीच।यारी में सब गौंण है, हो दिल से दिल बीच॥ जो करता है छल-कपट, होय न सच्चा … Read more