तथ्यों की यात्रा को सत्य की परिणति तक पहुँचाना ही शोध-प्रो. अरोड़ा
दिल्ली। तथ्य अनंत हो सकते हैं, किंतु वास्तविक तथ्यों की यात्रा को सत्य की परिणति तक पहुँचाना ही शोध का अभीष्ट है। तथ्यों की यात्रा को सत्य की परिणति तक पहुँचाना ही शोध है।यह विचार ‘वाङ्मय विमर्श’ द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला श्रृंखला की पाँचवीं कड़ी में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात विद्वान प्रो. हरीश अरोड़ा ने ‘शोध … Read more