प्रयागराज (उप्र)।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने १६०वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर नई पहल शुरू की है। अब उच्च न्यायालय के फैसलों का हिंदी अनुवाद भी उपलब्ध कराया जाएगा।
यह व्यवस्था १७ मार्च २०२६ से प्रयागराज स्थित प्रधान पीठ और लखनऊ खंडपीठ पर लागू कर दी गई है। अब ३ पृष्ठ या उससे अधिक के नॉन-एएफआर अंतिम निर्णय और आदेशों का हिंदी में अनुवाद किया जाएगा। इससे पहले केवल कुछ एएफआर (मंजूरी रिपोर्टिंग) श्रेणी के फैसलों का ही हिंदी अनुवाद किया जाता था। अनुवादित फैसले उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। उच्च न्यायालय प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाना है, ताकि भाषा किसी के लिए न्याय समझने में बाधा न बने। इसके साथ ही एएफआर फैसलों और उत्तर प्रदेश, बॉम्बे व आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के मामलों के निर्णयों का भी हिंदी अनुवाद किया जा रहा है। महानिबंधक मनजीत सिंह श्योरण की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यह योजना मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली के संरक्षण में चलाई जा रही है।