नई दिल्ली।
विद्योत्तमा फाउंडेशन (नासिक) के संस्थापक सुबोध कुमार मिश्र के आगमन पर विद्योतमा फाउंडेशन की दिल्ली शाखा ने काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें ३ कृतियों का विमोचन भी किया गया।
गोष्ठी में सरोजिनी ‘तन्हा’ की पुस्तक ‘कृष्णम् वंदे जगद्गुरुम्’, दीपमाला माहेश्वरी की ‘सुनहरे पंख’ तथा सत्यदेव तिवारी की पुस्तक ‘श्री राम नाम रामायण’ का विधिवत विमोचन किया गया।शुभारंभ सीमा मंजरी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। मीडिया प्रभारी प्रो. मनोज कुमार कैन भी उपस्थित रहे।
काव्य गोष्ठी में कवियों ने प्रभु भक्ति, देशभक्ति व श्रृंगार से ओत-प्रोत रचनाएँ प्रस्तुत कीं। सुबोध कुमार मिश्र ने ‘नई कोंपलें फूटेगी जब-जब, यह जीवन बसंती हो जाएगा’ सुनाई तो सरोजिनी ‘तन्हा’ ने ‘नजर आते हैं यूँ तो ज़िन्दगी के सारे रंग इसमें, मगर रंगे अदावत में इसे जोड़ा नहीं जाता’ सुनाई। पुष्पा सिंह सहित प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’ एवं वर्षा सिंह ने भी रचना प्रस्तुति दी।
गोष्ठी का प्रभावपूर्ण संचालन डॉ. वर्षा सिंह ने किया।