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प्यारी तितली रानी

अजय जैन ‘विकल्प’
इंदौर (मध्यप्रदेश)
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बड़ी ही प्यारी लगती है रानी तितली,
उड़ती-फिरती, करे मनमानी तितली।

लाल, गुलाबी, पीले पंख की सुंदर तितली,
कहीं ना रूकती, रंग-बिरंगी तितली।

फूलों पर है हरदम मंडराती तितली,
कभी यहाँ-कभी वहाँ जाती तितली।

फूलों का मीठा रस पी जाती तितली,
बागों में सुंदरता फैलाती तितली।

छोटे-छोटे पंख हिलाती तितली,
सबके मन को खूब लुभाए तितली।

इधर से उधर उड़ती जाए तितली,
हमको भी पीछे-पीछे दौड़ाए तितली।

हाथों में कभी न आए तितली,
पलभर में उड़ जाती तितली।

ईश्वर की अनुपम रचना है तितली,
बताओ ? किसने रंग भरे तितली।

आनंद व परिवर्तन सिखलाती तितली,
आजादी व निडरता बताती तितली।

बच्चों की प्यारी दोस्त है तितली,
हरपल खुशियों का दे संदेश तितली॥