कुल पृष्ठ दर्शन : 1

बाल सृजनकारों ने कोमल-प्रभावी अभिव्यक्तियों से किया हृदय स्पंदित

कल्पकथा काव्य गोष्ठी…

सोनीपत (हरियाणा)।

साहित्य साधना के पावन पथ पर अग्रसर कल्पकथा साहित्य संस्था के तत्वावधान में २४२वीं साप्ताहिक आभासी काव्यगोष्ठी का आयोजन अत्यंत हर्ष एवं साहित्यिक गरिमा के साथ किया गया। यह गोष्ठी नवोदित बाल सृजनकारों व प्रबुद्ध साहित्यकारों के समन्वित स्वर से अनुप्राणित रही।
संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि आयोजन में भाव, भाषा और अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विधिवत शुरुआत गुरु-गणेश-सरस्वती वंदना के दिव्य उच्चारण से हुई, जिसने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक आभा से आलोकित कर दिया।
इस अवसर पर देश के विभिन्न अंचलों से जुड़े बाल प्रतिभागियों आप्या जैन, प्रकृति वर्मा, आकांक्षा दुबे, अद्विका द्विवेदी, अम्बरीष मिश्र, आरुष शर्मा, गरिमा मिश्रा, दीया मिश्रा, राशि मिश्रा, नीति मिश्रा एवं नैतिक मिश्र ने अपनी कोमल किंतु प्रभावपूर्ण अभिव्यक्तियों से श्रोताओं के हृदय को स्पंदित कर दिया। उनकी रचनाओं में बालमन की सहजता, संवेदनाओं की सरसता एवं राष्ट्र-धर्म के प्रति जागरूकता का अनुपम समावेश दृष्टिगोचर हुआ। वरिष्ठ साहित्यकारों एवं प्रतिभागी पं. अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, अमित पंडा, अतुल कुमार खरे, डाॅ. श्याम बिहारी मिश्र, विजय रघुनाथराव डांगे एवं पवनेश मिश्र आदि की सृजनधर्मिता ने गोष्ठी को और अधिक ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उनके अनुभवी काव्यपाठ ने नवांकुरों को प्रेरणा का अमूल्य स्रोत दिया।
इस गरिमामयी आयोजन का प्रभावी संचालन संस्थापक राधाश्री शर्मा द्वारा अत्यंत स्नेह से किया गया।