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भूल ना जाएँ कुर्बानी

पद्मा अग्रवाल
बैंगलोर (कर्नाटक)
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‘शहीद दिवस विशेष’…

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीद दिवस पर उन्हें शत्-शत् नमन्
हम भूल ना जाएँ उनकी कुर्बानी,
इसी लिए उनकी याद में मनाते ‘शहीद दिवस’।

वह दिन हम सबको याद है,
जब धरती ने खून से लाल कफन को ओढ़ा था
देश की गली-गली में गूँज उठा था एक नारा-
‘इंकलाब जिंदाबाद, वंदे मातरम्’ जन-जन में गूँजा था।

जब लाड़ले बेटों ने हँसते-हँसते,
चूम लिया था फाँसी के फंदों को
हर माँ की आँख में आँसू था पर, होठों पर सजी थी गर्वीली मुस्कान।

दिल की धड़कन जब तक बंद नहीं हुई,
देख रहा था देश अद्भुत बलिदान
शहीदों की आखिरी साँस तक,
गूँज रहा था ‘इंकलाब जिंदाबाद’।

‘शहीद दिवस’ की बेला में,
हम सब मिल कर कसम खाएं
आपस में नफरत की दीवार,
मिटा कर प्रेम-प्यार की धार बहाएं।

गंगा-जमुनी संस्कृति की,
धारा में डूब कर चलते जाएंगे।
रखेंगे सद्भाव सदा, मिलकर,
भारत का और मान बढ़ाएंगें॥