सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
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होली विशेष…
रंगीली-रंगीली आयी
दिल में उमंग छायी,
प्रेम रंग बरसे है
फागुन सँवारिए।
लाल और हरा पीला
रेशमी गुलाबी नीला,
सब रंग प्यारे हैं
आनन्द मनाइए।
बच्चे बूढ़े औ जवान
रंग गया आसमान,
तन-मन हर्षित है
फाग गीत गाइए।
चंदन की गंध डले
केशर के रंग घुले,
कंचन घट छलके है
रंग बरसाइए।
नयनों में मस्ती बढ़ी
रंग भंग खूब चढ़ी,
गोरी के गोरे गाल
रंग तो लगाइए।
साली और जीजा खेलें
भाभी औ देवर खेलें,
घर घूम मच रही है
ढोल तो बजाइए।