कुल पृष्ठ दर्शन : 2

गुन-गुन भँवर करे

सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
**********************************

अविरल सुख बरसे।
बरबस यह हरसे॥
मन रह-रह कहते।
पुलकित तुम सरसे॥

सुरभित पवन बहे।
कलियन मदन कहे॥
दिन-दिन तुम खिलते।
उपवन महक रहे॥

गुन-गुन कर भँवरे।
मधु-रस सुलभ करें॥
पुलकित मन कहते।
मधुबन पुलक भरे॥

दुख जग सब हरने।
करतब कुछ करने॥
अवतरित जगत में।
भगवन शुभ करने॥