लोगों की वास्तविक पीड़ा, मुहिम की जरूरत

प्रतिक्रिया... ◾संविधान निर्माण के समय ही रचा गया षडयंत्र-प्रदीप कुमार (वरिष्ठ अधिवक्ता, इलाहबाद उच्च न्यायालय)-गुप्ता जी, आपका आलेख संविधान और उससे संबंधित विधाना को भली प्रकार अध्ययन कर जनमानस को…

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‘सप्तर्षि’ स्वरूप सातवें आसमान पर ले जाएगा

डॉ. पुनीत कुमार द्विवेदीइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************** बजट... नए भारत का नया बजट एक कल्याणकारी बजट सिद्ध होगा। कृषि क्षेत्र में युवाओं को स्टार्ट-अप के लिए अवसर देना अभिनव प्रयोग एवं सराहनीय…

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महात्मा गांधी की नकल करता तो कहीं बेहतर होता

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* कांग्रेस दल के सर्वेसर्वा राहुल गांधी की 'भारत-जोड़ो यात्रा' का समापन हो गया है। केरल से कश्मीर तक की यह यात्रा शंकराचार्य के अलावा भारत में अब…

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आहार जितना शाकाहारी, उतना लाभ

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** आहार-भोजन हर व्यक्ति का अपना-अपना चयन होता है। जब हम १० रूपए का घड़ा खरीदते हैं, तो उसे ठोक-बजा कर देखते हैं, उसी प्रकार जब अपने आहार का…

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गांधी के आदर्शों को ही आगे बढ़ा रहा संघ

ललित गर्गदिल्ली************************************** महात्मा गांधी बीसवीं शताब्दी में दुनिया के सबसे सशक्त, बड़े एवं प्रभावी नेता के रूप में उभरे। वे बापू एवं राष्ट्रपिता के रूप में लोकप्रिय हुए, वे पूरी…

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विचारों और संस्कारों से भटकती युवा पीढ़ी

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** आज की युवा पीढ़ी फिल्मी सितारों और गीत-संगीत से काफी प्रभावित है। जिसे देखो वह फिल्मी गाने गुनगुनाते हैं। तब अक्सर मेरे मन में यह प्रश्न…

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आखिर कब पूर्ण गणतंत्र ?

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** गणतंत्र दिवस:देश और युवा सोच... भारत एक गणतांत्रिक देश है, यह सत्य किसी से छुपा नहीं है, परंतु भारत के गणतंत्र दिवस तक की कहानी कैसे-कैसे…

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आर्थिक असमानता पर मंथन हो

ललित गर्गदिल्ली************************************** वैश्विक संस्था ऑक्सफैम ने अपनी आर्थिक असमानता रिपोर्ट में समृद्धि के नाम पर पनप रहे नए नजरिए, विसंगतिपूर्ण आर्थिक संरचना एवं अमीरी-गरीबी के बीच बढ़ते फासले की तथ्यपरक…

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स्वस्थ समाज का निर्माण मुश्किल है ‘लिव इन रिलेशनशिप’ से

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** आजकल इसका कुछ ज्यादा ही फैशन चल पड़ा है। आजकल के बच्चे पश्चिमी सभ्यता से बहुत अधिक प्रभावित हैं। वे केवल अपने भविष्य के विषय में सोचते…

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डंका बजाता युवा भारत

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* गणतंत्र दिवस : देश और युवा सोच... भारत आज युवावस्था में है, यह एक सुदृढ़ व्यवस्था के साथ स्वर्णिम युग का आरंभ भी कहा जा सकता…

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