प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे
मंडला(मध्यप्रदेश)
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माघ मास का पुण्य फल, दिनकर बड़ा महान।
सूर्य मकर में जा रहा, करते सब यशगान॥
पलता है उल्लास नव, खुशहाली का दौर।
तिल लड्डू संक्रांति पर, सारे करते गौर॥
नदिया में डुबकी लगा, भर लो हृदय उमंग।
आसमान से धूप ने, भेजें चोखे रंग॥
मेलों की हैं मस्तियाँ, बिखर रहा आनंद।
शोभित है संक्रांति अब, सुस्ती सारी बंद॥
सूरज उतरायण हुआ, मनता है शुभ पर्व।
हर हिन्दू को हो रहा, संस्कारों पर गर्व॥
सरिता तट स्नान कर, लिया दिवाकर पूज।
खिचड़ी खाकर धन्य सब, हुई धर्म की गूँज॥
मेले भरते खुश सभी, मनता शुचि त्यौहार।
देते सब शुभकामना, करें नेह व्यवहार॥
तिल-गुड़ के लड्डू भले, खुशियाँ हैं अब दून।
नहीं मनाते पर्व जो, उनके घर हो सून॥
पल तो सबको शुभ लगें, लेते दिल को जीत।
मकर राशि में सूर्य ने, गाया मंगल गीत॥
उड़ें पतंगें व्योम में, मन को भातीं ख़ूब।
उंगली धर्म के आँगना, बेहद पावन दूब॥
कहीं सुखद है लोहड़ी, पोंगल की है धूम।
सारे भारत में ‘शरद’, पर्व रहे हैं घूम॥
परिचय–प्रो.(डॉ.)शरद नारायण खरे का वर्तमान बसेरा मंडला(मप्र) में है,जबकि स्थायी निवास ज़िला-अशोक नगर में हैL आपका जन्म १९६१ में २५ सितम्बर को ग्राम प्राणपुर(चन्देरी,ज़िला-अशोक नगर, मप्र)में हुआ हैL एम.ए.(इतिहास,प्रावीण्यताधारी), एल-एल.बी सहित पी-एच.डी.(इतिहास)तक शिक्षित डॉ. खरे शासकीय सेवा (प्राध्यापक व विभागाध्यक्ष)में हैंL करीब चार दशकों में देश के पांच सौ से अधिक प्रकाशनों व विशेषांकों में दस हज़ार से अधिक रचनाएं प्रकाशित हुई हैंL गद्य-पद्य में कुल १७ कृतियां आपके खाते में हैंL साहित्यिक गतिविधि देखें तो आपकी रचनाओं का रेडियो(३८ बार), भोपाल दूरदर्शन (६ बार)सहित कई टी.वी. चैनल से प्रसारण हुआ है। ९ कृतियों व ८ पत्रिकाओं(विशेषांकों)का सम्पादन कर चुके डॉ. खरे सुपरिचित मंचीय हास्य-व्यंग्य कवि तथा संयोजक,संचालक के साथ ही शोध निदेशक,विषय विशेषज्ञ और कई महाविद्यालयों में अध्ययन मंडल के सदस्य रहे हैं। आप एम.ए. की पुस्तकों के लेखक के साथ ही १२५ से अधिक कृतियों में प्राक्कथन -भूमिका का लेखन तथा २५० से अधिक कृतियों की समीक्षा का लेखन कर चुके हैंL राष्ट्रीय शोध संगोष्ठियों में १५० से अधिक शोध पत्रों की प्रस्तुति एवं सम्मेलनों-समारोहों में ३०० से ज्यादा व्याख्यान आदि भी आपके नाम है। सम्मान-अलंकरण-प्रशस्ति पत्र के निमित्त लगभग सभी राज्यों में ६०० से अधिक सारस्वत सम्मान-अवार्ड-अभिनंदन आपकी उपलब्धि है,जिसमें प्रमुख म.प्र. साहित्य अकादमी का अखिल भारतीय माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार(निबंध-५१० ००)है।