हरिहर सिंह चौहान
इन्दौर (मध्यप्रदेश )
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फैशन की अंधी दौड़ में,
बहक रहे युवा पीढ़ी के कदम
यहाँ परिधान हमारी भारतीय सोच होती है,
इसमें पश्चिमी रंग मत डालो…।
बढ़ो, आगे बढ़ाते रहो अपने कदम,
पर अपनी संस्कृति-परम्परा को धूमिल मत करो
ज़िंदगी में आजाद पंछी की तरह उड़ान भरो,
लेकिन इसमें पश्चिमी रंग मत डालो…।
पहनावे में संस्कार व सादगी लाओ,
अंधे बन भेड़-चाल में मत जाओ
दुनिया हमारी सकारात्मक सोच से जानती है हमें,
इसमें पश्चिमी रंग मत डालो…।
हमारा व्यक्तित्व व भारतीयों का नाम रोशन है,
इसे छोटे व फटे हुए कपड़ों में ‘ब्रांड’ का नाम मत दो।
पश्चिमी हवा चल रही है, इस आधुनिक युग में,
जागो युवा तरुणाई, इसमें पश्चिमी रंग मत डालो…॥