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महादेव

क्रिश बिस्वाल
नवी मुंबई(महाराष्ट्र)
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भोले तूने तो सारी दुनिया तारी है,
कभी मेरे सर पे भी धर के हाथ,
कह दे-चल बेटा आज तेरी बारी है।
किसी ने मुझसे कहा इतने खूबसूरत नहीं हो,
मैंने कहा महाकाल के भक्त खूंखार ही अच्छे लगते हैं।
कोई दौलत का दीवाना,
कोई शोहरत का दीवाना
शीशे सा दिल हैं मेरा,
में तो सिर्फ महाकाल का दीवाना।
हर हर महादेव…

उसी ने ने जगत बनाया है,
कण-कण में वो ही समाया है
दुःख भी सुख सा बीतेगा,
सर पे जब शिव का साया है।
हर हर महादेव…

दुनिया की हर मोहब्बत,
मैंने स्वार्थ से भरी पाई है,
प्यार की खुशबू सिर्फ,
मेरे महादेव के चरणों से आई है।
हर हर महादेव…

कृपा जिनकी मेरे ऊपर,
तेवर भी उन्हीं का वरदान है
शान से जीना सिखाया जिसने,
महाकाल उनका नाम है
हँस के पी जाओ भांग का प्याला,
क्या डर है
जब साथ है अपने त्रिशूल वाला
ठंड उनको लगेगी जिनके करमों में दाग है,
हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया,
हमारे तो सीने में भी आग है।
हर हर महादेव…

सबसे बड़ा तेरा दरबार है,
तू ही सबका पालनहार है।
सजा दे या माफी महादेव,
तू ही हमारी सरकार है।
हर हर महादेव…॥

परिचय-क्रिष बिस्वाल का साहित्यिक नाम `ओस` है। निवास महाराष्ट्र राज्य के जिला थाने स्थित शहर नवी मुंबई में है। जन्म १८ अगस्त २००६ में मुंबई में हुआ है। मुंबई स्थित अशासकीय विद्यालय में अध्ययनरत क्रिष की लेखनी का उद्देश्य-सामाजिक बुराइयों को दूर करने के साथ-साथ देशभक्ति की भावना को विकसित करना है। पसंदीदा हिन्दी लेखक-प्रेमचन्द जी हैं। काव्य लेखन इनका शौक है। देश और हिंदी भाषा के प्रति विचार-‘हिंदी हमारे देश का एक अभिन्न अंग है। यह राष्ट्रभाषा के साथ-साथ हमारे देश में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसका विकास हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए अति आवश्यक है।’

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