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मेघा बरसो न…

डॉ.अशोक
पटना(बिहार)
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ओ मेघा रे…

आज़ दिल से गुहार है,
मेघा बरसो न जल्द
तरस रहा है मन मेरा,
यह मेरी दिल से निकली पुकार है।

धरती की ऊष्मा बर्दाश्त नहीं होती,
तपती धरती यहां
अब जिंदगी की खुशियाँ हैं,
यहां अब खत्म नहीं होती दिखती।

क्यों रूठ गई हो तुम हम लोगों से यहां,
बहुत दुखी हैं हम सब यहां
सबमें दुःख और वेदना ही दिख रही है यहां,
बस आजा ओ मेघा, तू आजा
धरती पर दे जा शीतलता, तू दे जा।

ओ मेघा रे…,
मैंने निमंत्रण पत्र भेज दिया है तुझे
आज़ तू दिल से समझ मेरी वेदना यहां,
सब-कुछ सोच लिया है क्या तुमने यहां,
क्या बेबसी है तुम्हारी यहां ?

तेरी मासूमियत देख कर,
दिल से गुहार लगाई है मैंने यहां
आजा,आजा शीघ्र यहां,
धरती की ऊष्मा खत्म कर
जा जल्द से जल्द से यहां।

जन+जन की प्यास बुझाकर जा,
मेघ तेरे आगमन की बस
सब प्रतीक्षा कर रहें हैं लोग यहां,
किसानों को उनकी मेहनत से
मत मरहूम कर अब यहां।

तेरी एक-एक बूंद ही धरती की शान है,
किसानों की उत्तम पहचान है
बच्चों को खूब सुख-चैन देती है,
परिंदों की भांति अपार खुशियाँ
बच्चों को उत्साहित बना देती है।

क्या बूढ़े हों या जवान!
सबमें दिखती है खुशियाँ और जान
नदियाँ, नहरें, नालें तालाब और,
जलाशयों में खुशहाली दिखती है
जल की तरंगों से खिलखिलाने की,
गूंज उठने लगती है।

वातावरण में एक उत्साह और,
उमंग संग सुकून मिलता है
सुन्दर सुहावने आवरण में,
प्रकृति से प्रेम करने का जुनून दिखता है।

आज़ बस तेरी याद आ रही है,
‘ओ मेघा रे’ कहकर बुलाने की
जरूरत महसूस की जा रही है,
बस तेरा जबरदस्त इंतजार हो रहा है यहां।
तू जल्द से जल्द आ,
तेरी खूब याद आ रही है यहां॥

परिचय–पटना(बिहार) में निवासरत डॉ.अशोक कुमार शर्मा कविता,लेख,लघुकथा व बाल कहानी लिखते हैं। आप डॉ.अशोक के नाम से रचना कर्म में सक्रिय हैं। शिक्षा एम.काम.,एम.ए.(राजनीति शास्त्र,अर्थशास्त्र, हिंदी,इतिहास,लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास) सहित एलएलबी,एलएलएम,सीएआईआईबी, एमबीए व पीएच-डी.(रांची) है। अपर आयुक्त (प्रशासन)पद से सेवानिवृत्त डॉ. शर्मा द्वारा लिखित अनेक लघुकथा और कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं,जिसमें-क्षितिज,गुलदस्ता, रजनीगंधा (लघुकथा संग्रह) आदि है। अमलतास,शेफालीका,गुलमोहर, चंद्रमलिका,नीलकमल एवं अपराजिता (लघुकथा संग्रह) आदि प्रकाशन में है। ऐसे ही ५ बाल कहानी (पक्षियों की एकता की शक्ति,चिंटू लोमड़ी की चालाकी एवं रियान कौवा की झूठी चाल आदि) प्रकाशित हो चुकी है। आपने सम्मान के रूप में अंतराष्ट्रीय हिंदी साहित्य मंच द्वारा काव्य क्षेत्र में तीसरा,लेखन क्षेत्र में प्रथम,पांचवां,आठवां स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के अखबारों में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं।