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राष्ट्रीय कवि दरबार में चला शब्दों का जादू

पटियाला (पंजाब) |

स्वाभिमान साहित्यिक मंच (पटियाला) द्वारा ४१वें राष्ट्रीय कवि दरबार का आयोजन किया गया। इसने साहित्य प्रेमियों को शब्दों के अद्भुत संसार में डुबो दिया, जहाँ ग़ज़ल और कविता के खूब रंग दिखे।
यह नरेश कुमार आष्टा के संयोजकत्व में हुआ। सिद्धेश्वर ने अध्यक्षता की। भारत के विभित्र राज्यों से आए साहित्यकारों ने इसमें अपनी कविताओं और ग़ज़लों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शुभारंभ कमल शर्मा द्वारा प्रस्तुत मनमोहक ‘हे! शारदे माँ सरस्वती वंदना’ से हुआ। फिर कमल शर्मा ने रचना ‘ना सूरत में जादू है, न सीरत में जादू है’ सुनाकर वाहवाही बटोरी। भूपेंद्र सिंग देव ‘ताऊजी’, हजारी जी, नंद कुमार आदित्य और डॉ. मीना कुमारी आदि ने भी काव्य के विभिन्न रंगों को दर्शाया।
सफल संचालन जागृति गौड़ ने किया।