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‘आकाशदीप’ मिलेगा ममता कालिया व अरमबम ओंगबी मेमचौबी को

नई दिल्ली।

साहित्य जीवन के समग्र अवदान के लिए २०२५ का अमर उजाला का सर्वोच्च शब्द सम्मान ‘आकाशदीप’ हिंदी में प्रख्यात कथाकार ममता कालिया और हिंदीतर भाषाओं में विख्यात रचनाकार अरमबम ओंगबी मेमचौबी (मणिपुर) को दिया जाएगा।
प्रदत्त जानकारी के अनुसार ‘आकाशदीप’ अलंकरण हिंदी और अन्य भारतीय भाषा के १-१ साहित्य मनीषी को अर्पित किया जाता है। ‘आकाशदीप’ में ५-५ लाख ₹, प्रशस्ति-पत्र और प्रतीक के रूप में प्रतिमा शामिल है।
◾चयनित पर एक दृष्टि-
🔹ममता कालिया ने स्त्रीवाद की आरम्भिक हलचलों के बीच अपने लेखन से नई लकीर खींची और एक दर्जन से अधिक उल्लेखनीय कृतियाँ दी हैं। वह मध्यवर्ग की जटिलताओं और स्त्री की पहचान के संघर्ष को सशक्त स्वर देने के लिए जानी जाती हैं।
🔹अपने विपुल लेखन से उत्तर-औपनिवेशिक वैचारिकी और स्त्री अस्मिता के लिए मणिपुरी में विलक्षण योगदान देने वाली अरमबम ओंगबी मेमचौबी (मूल नाम डॉ. थौनोजाम चानू इबेमहल) समकालीन मणिपुरी सृजन परिदृश्य की सशक्त आवाज हैं।
श्रेष्ठ कृति सम्मान-

वर्ष २०२४ में प्रकाशित श्रेष्ठ हिंदी कृतियों के लिए भी शब्द सम्मान की घोषणा कर दी गई है। इन सम्मानों में १-१ लाख ₹, प्रशस्ति-पत्र और गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं। कविता वर्ग में सविता सिंह के संग्रह ‘वासना एक नदी का नाम है’, कथेतर वर्ग में नाइश हसन की कृति ‘मुताह’ व कथा वर्ग में शहादत के संग्रह ‘कर्फ्यू की रात’ को यह मिलेगा। ऐसे ही मनीष यादव की कृति ‘सुधारगृह की मालकिनें’ भाषा-बंधु (भारतीय भाषाओं में अनुवाद): ‘चरु चीवर और चर्चा (मूल उड़िया कृति प्रदीप दाश) के अनुवाद के लिए सुजाता शिवेन को सम्मान दिया जाएगा। इनको जिन्होंने कसौटी पर परखा, उसमें वर्षा दास (प्रसिद्ध कवि), विभूति नारायण राय (जाने-माने लेखक), धीरेंद्र अस्थाना (कथाकार), दामोदर खड़से (ख्यात रचनाकार) और बलराम जी (कहानीकार) हैं।