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कादम्बरी आर्य तथा घनश्याम भारती को दिया ‘कौशल रमेश सक्सेना साहित्य सम्मान’

ग्वालियर (मप्र)।

हिन्दी का विरलतम काव्योत्सव ग्वालियर में हुआ, जिसमें ‘कौशल रमेश सक्सेना साहित्य-सम्मान’ कादम्बरी आर्य तथा घनश्याम भारती को दिया गया। साहित्यिक विभूतियों संपादक नरेन्द्र दीपक तथा साहित्यकार रवि पाराशर (दिल्ली) की उपस्थिति ने इस समारोह को गौरवान्वित किया।
साहित्य साधना संसद का
१९२५-२६ का संयुक्त काव्योत्सव
‘कौशल रमेश सक्सेना साहित्य सम्मान’ आयोजन होटल सीता मैनोर के सभागार में डॉ. कृष्ण मुरारी शर्मा के सभापतित्व में हुआ। उत्सव के सूत्रधार शैवाल सत्यार्थी ने स्वागत-उद्बोधन में अतिथियों का परिचय कराते हुए सभी का आत्मीय अभिनन्दन किया, साथ ही बताया कि हिन्दी के इस विरलतम आयोजन को वर्षों तक चलाने का संकल्प अपने मित्र शैवाल सत्यार्थी को सौंपा, ताकि प्रति वर्ष किसी कवयित्री अथवा कवि का सम्मान २१ हज़ार सम्मान-राशि, प्रशस्ति-पत्र, शाल व श्रीफल सहित किया जा सके।
अतिथि दीपक जी ने कहा कि ऐसे विशुद्ध साहित्यिक आयोजन के लिए साहित्य साधना संसद तथा आयोजन-समिति साधुवाद के पात्र हैं। श्री पाराशर ने कहा कि ऐसे प्रेरक समारोह हिन्दी की समृद्धि व सामर्थ्य को परिलक्षित करते हैं, उसके गौरव को बढ़ाते हैं। अतिथियों ने अपने गीतों व ग़ज़लों से सभी को आनन्दित किया। मुख्य वक्ता डाॅ. भगवान स्वरूप चैतन्य ने दोनों विभूतियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उत्सव में डाॅ. राजरानी शर्मा, सुबोध चतुर्वेदी, डाॅ. चारुचित्रा, विनीता चौबे आदि उपस्थित रहे।

सुप्रतिष्ठ कवयित्री-कथाकार डॉ. ऋचा सत्यार्थी ने संचालन किया। संसद की उपाध्यक्ष पुष्पा सिसौदिया ने आभार वक्तव्य दिया।