धर्मेंद्र शर्मा उपाध्याय
सिरमौर (हिमाचल प्रदेश)
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विश्व हिन्दी (१० जनवरी) विशेष…
गर्व है ऐसी भाषा पर,
जिसे विश्व भी स्वीकार करें
गर्व है हिंदी भाषा पर,
जिससे देश महान बने।
गर्व है ऐसी भाषा पर,
जो प्राण न्यौछावर को बतलाए
गर्व है हिंदी भाषा पर,
जो त्याग भावना को सिखलाए।
गर्व है ऐसी हिंदी पर,
जो विश्व में सनातन प्रेम फैलाए
करुणा दया जन–जन को बताए,
सबका जीवन शांत बनाए।
हिंदी केवल भाषा नहीं,
अछूते मन का एहसास है हिंदी
बच्चे की पहली जुबान है हिंदी,
तो किसी की आखिरी सांस है हिंदी।
भारतीयों की पहचान है हिंदी,
हिंदुओं का अभिमान है हिंदी।
कई भाषाओं को शरण दी जिसने,
ऐसी महान भाषा है हिंदी॥