मंडला (मप्र)।
प्रसिद्ध आराधिका साहित्यिक सांस्कृतिक समूह ने ६७ वीं आभासी काव्य गोष्ठी आयोजित की, जिसका संयोजन डॉ. निधि बोथरा ने किया। अनेक कृतियों के सृजक प्रो. शरद नारायण खरे, (मंडला) ने इसमें तरन्नुम में विरह गीत ‘दूर तुम क्या हुए अश्रु बहने लगे, दर्द को, पीर को खुलके कहने लगे’ प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह कार्यक्रम ३ सत्रों में चला। मनोज मंजुल, किरण यादव, डॉ. संजू त्रिपाठी, शकुन्तला श्रीवास्तव, अलका शर्मा, डॉ. ऋचा शर्मा
और डॉ. ओम ऋषि भारद्वाज आदि ने रचनाएँ प्रस्तुत की।
सत्र संचालन डॉ. निधि बोथरा ने किया।