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‘महाशिवरात्रि’ गोष्ठी से जगाया रचनाकारों ने आध्यात्मिक भाव

सोनीपत (हरियाणा)।

सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार एवं स्नेह संबंध साहित्य सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में भगवान शिव एवं जग जननी पार्वती के पावन परिणयोत्सव ‘महाशिवरात्रि’ के मंगल अवसर पर २३६वीं साप्ताहिक काव्य गोष्ठी अत्यंत आध्यात्मिक भाव-सिक्त वातावरण में आयोजित हुई। कार्यक्रम में शिव-शक्ति के दिव्य मिलन की महिमा का काव्यमय अभिनंदन किया गया, जिसकी अध्यक्षता संस्थान की ओर से कानपुर से वचन शाह ने की। मुख्य अतिथि हैदराबाद से चंद्रप्रकाश गुप्ता ‘चन्द्र बुंदेला’ रहे।
संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि २ चरणों के कार्यक्रम में ‘चन्द्र बुंदेला’ ने शिव-विवाह के आध्यात्मिक रहस्यों का मार्मिक विवेचन किया। कैथल से ज्योतिषाचार्य जीतेंद्र शास्त्री ने गुरु वंदना, गणेश वंदना, सरस्वती वंदना एवं शिव तांडव स्त्रोत के मधुर स्तवन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस काव्य-महायज्ञ में डॉ. सीमा बिरला, सीमा शर्मा, ज्योति प्यासी, विजय रघुनाथराव डांगे, बिनोद कुमार पाण्डेय, दिनेश कुमार दुबे, अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, डॉ. श्यामबिहारी मिश्र, डॉ. अनामिका दुबे, भास्कर सिंह ‘माणिक’, राधाश्री शर्मा तथा पवनेश मिश्र ने अपनी भावपूर्ण एवं अलंकृत रचनाओं से शिव-पार्वती विवाह की दिव्य लीला को शब्द-अर्पण किया।
समापन सत्र में बिनोद कुमार पाण्डेय ने राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का ओजस्वी गायन कर सबको राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत कर दिया।

संचालन की सुव्यवस्थित बागडोर भास्कर सिंह ‘माणिक’ तथा डॉ. अनामिका दुबे ने संभाली। आभार प्रदर्शन संस्था की संस्थापक राधाश्री शर्मा तथा संस्थान की संस्थापक डॉ. सीमा बिरला ने किया।