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युद्ध से हर ओर विघटन, शांति ही प्रगति

नीलम प्रभा सिन्हा
धनबाद (झारखंड)
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युद्ध व शांति-जरूरी क्या ?..

युद्ध एक विनाशकारी घटना है और इसका विपरीतार्थक शब्द शांति है। युद्ध विनाश, दु:ख और पीड़ा लाता है, जबकि शांति सुख, समृद्धि और विकास का मार्ग दिखाती है। युद्ध से मानवता को अपार क्षति होती है। यह मानवता को तार-तार कर देता है, जबकि शांति समाज को बनाए रखने में हमारी सहायता करती है।
युद्ध का अर्थ —यह २ देशों की संपदा के लिए हो सकता है। यह २ विपरीत विचारधाराओं के कारण हो सकता है। यह आर्थिक उन्नति और संसाधनों के नियंत्रण के लिए हो सकता है। यह २ देशों के बीच आपसी ईर्ष्या या द्वेष के कारण भी हो सकता है।
युद्ध से जान-माल की हानि, आर्थिक संकट और संस्कृति का विनाश होता है। प्रथम विश्वयुद्ध १९१४ से १९१८ के बीच हुआ, जिसमें लाखों लोगों की जान गई और दुनिया को अपार हानि हुई। युद्ध सैनिकों के साथ-साथ नागरिकों को भी प्रभावित करता है। द्वितीय विश्वयुद्ध में भी आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। परमाणु विस्फोट के कारण जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहर पूर्णतः बर्बाद हो गए।
आज भी दुनिया कई क्षेत्रों में संघर्ष और तनाव का सामना कर रही है। तेल और भू-राजनीतिक कारणों से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव ने गंभीर रूप लिया है। यहाँ तक कि परमाणु हथियारों के उपयोग की आशंकाएँ भी व्यक्त की जाती रही हैं। ऐसे संघर्षों से अनेक देशों को क्षति पहुँचती है और वैश्विक आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो इसके दुष्परिणाम पूरी दुनिया को झेलने पड़ सकते हैं।
युद्ध का एकमात्र समाधान शांति व्यवस्था है। आपसी समझ, सहयोग और सौहार्द का वातावरण आवश्यक है। हम जानते हैं कि शिक्षा, कला, विज्ञान, राष्ट्र की प्रगति और समग्र विकास—सभी शांति और व्यवस्था पर निर्भर करते हैं। देश की प्रगति से नागरिकों का कल्याण होता है। युद्ध के समय शांति और समझदारी का महत्व और भी बढ़ जाता है। जब लोग शांति का महत्व समझते हैं, तब वे यह भी समझ पाते हैं कि युद्ध में क्या खोया और शांति में क्या पाया जा सकता है। यह सब शांति के वातावरण में ही स्पष्ट होता है।
संवाद के माध्यम से, समझौते और कूटनीति द्वारा, नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता देकर शांति स्थापित की जा सकती है।
अतः शांति किसी भी राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शांति होने पर नागरिक खुशहाल रहते हैं। देश की उन्नति के लिए शांति आवश्यक है। शांति का वातावरण शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय के अवसर प्रदान करता है, जिससे व्यक्ति उन्नति करते हैं, समृद्धि बढ़ती है और सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं। शांति के कारण ही समाज का संतुलित विकास संभव है। इसके माध्यम से निवेश, उद्योग और विकास की राह पर देश अग्रसर होते हैं एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाते हैं।
कोई भी देश शांति से ही वास्तविक प्रगति कर सकता है। युद्ध कभी भी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता। युद्ध से आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक विघटन होता है। इसलिए देश के विकास और मानवता के हित के लिए शांति बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।