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‘वंदे मातरम्’ के सम्मान में हुई कल्पकथा काव्य गोष्ठी

सोनीपत (हरियाणा)।

कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार के तत्वावधान में २३५वीं साप्ताहिक आभासी काव्य गोष्ठी राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को समर्पित साहित्यिक अनुष्ठान के रूप में आयोजित की गई। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश कुमार दुबे (बिलासपुर) ने की। मुख्य आतिथ्य प्रख्यात कवि नन्द किशोर बहुखंडी (देहरादून) का रहा।
संस्था की सूचना प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि २ चरण में हुई इस गरिमामयी गोष्ठी का प्रवाहपूर्ण संचालन आशुकवि भास्कर सिंह ‘माणिक’ ने किया।
शुभारम्भ गुरु, गणेश व सरस्वती वंदना के मंगलाचरण से हुआ, जिसे बहुमुखी साहित्यकार विजय रघुनाथराव डांगे (नागपुर) ने भावपूर्ण स्वर दिया। तत्पश्चात राष्ट्र भावना से अनुप्राणित काव्य पाठ आरम्भ हुआ, जिसमें विभिन्न अंचलों से २० सृजनकारों ने सहभागिता करते हुए ‘वंदे मातरम्’ पर अपनी ओजस्वी एवं भावप्रधान रचनाओं का पाठ किया। इन सृजनकारों में हेमचंद्र सकलानी, बिनोद कुमार पाण्डेय, अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, अमित पण्डा, डॉ. श्याम बिहारी मिश्र, ज्योति प्यासी, डॉ. इंदु जैन इंदु, दुर्गादत्त मिश्र, डॉ. मंजू शकुन खरे, आनंदी नौटियाल, भगवान दास शर्मा, विष्णु शंकर मीणा, श्री डांगे, ‘माणिक’, श्री बहुखंडी, दिनेश कुमार दुबे, दीदी राधाश्री शर्मा तथा पवनेश मिश्र रहे। ‘वन्दे मातरम्’ के १५०वें स्मरणोत्सव वर्ष के अवसर पर बिनोद कुमार पाण्डेय के भावपूर्ण व स्वरबद्ध गायन ने समूचे वातावरण को देशभक्ति से आलोकित कर दिया।
श्रीमती राधाश्री शर्मा ने सभी के प्रति आभार प्रदर्शन किया।