विमोचन…
इंदौर (मप्र)।
समाज व राष्ट्र को सुधारने के लिए कवि अपने व्यंग्यात्मक लहजे से दिशा दिखाने का काम करता है। वह सही में असली समाज सुधारक है। कबीर दास जी ने कितने लोगों को उनका असली चेहरा दिखाया, तभी तो आज भी उन बातों की प्राथमिकता प्रासंगिक है, क्योंकि कवि, व्यंग्यकार किसी को छेड़ता नहीं है, वह सजगता से पैनी नजर रखता है। डॉ. मनीष दवे की पुस्तक में वही पैनी नजर रखी गई है। पुस्तक ‘खिलता जीवन’ में भारतीय त्योहार के प्रति लेखक ने देश की सनातन संस्कृति, धार्मिक व प्राचीन सभ्यता से खिलता जीवन दिखाने की सकारात्मक सोच पाठकों के बीच प्रस्तुत की है।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ लघु कथाकार डॉ. योगेन्द्रनाथ शुक्ल ने यह बात श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति इन्दौर में कही। अवसर रहा क्रांतिकारी विचार मंच इन्दौर के तत्वावधान में वरिष्ठ लेखक डॉ. मनीष दवे की पुस्तक ‘पैनी नजर’ और ‘खिलता जीवन’ के विमोचन समारोह का। विशेष अतिथि लेखिका डॉ. स्वाति तिवारी ने कहा कि विज्ञान को पढ़ने वाला हिंदी साहित्य में अपना लेखन करता है, तो वह वैचारिक चिंतन भावना की संवेदना ही होती है। डॉ. मनीष की इन कविताओं में नदी के उदगम से निकली हुई पानी की धार है। उनका प्रवाह जब आगे बढ़ता है तो वह पैनी नजर के रूप में सामने आता है। यह कविताएं बौद्धिक चिंतन के साथ साथ कोमल हृदय की अभिव्यक्ति है, तभी तो वैचारिक कविता में खिलता जीवन है। इस अवसर पर विशेष अतिथि वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार धडवईवाले ने कहा कि डॉ. मनीष की पुस्तकों का यह विमोचन कार्यक्रम सफल हो गया, क्योंकि इसमें माता-पिता का आशीर्वाद यहाँ मिल रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के प्रधान मंत्री अरविन्द जवलेकर ने की। लेखक का परिचय वरिष्ठ साहित्यकार अशोक द्विवेदी ने दिया। सरस्वती वंदना सुरेखा सिसोदिया ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार हरेराम वाजपेयी, डॉ. पदमा सिंह, मुकेश तिवारी, प्रभा जैन, ज्योति जैन और हरिहर सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।
संचालन मंच की संयोजिका डॉ. सुरेखा भारती ने किया। आभार अनिल ओझा ने माना।