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परस्पर जोड़ने का काम करती हैं पुस्तकें-डॉ. दिविक

दिल्ली।

पुस्तकें ज्ञान का प्रवाह हैं तथा ये परस्पर जोड़ने का काम करती हैं। ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ तथा ‘एक दशकीय कविता विमर्श’ शीर्षक से दोनों पुस्तकें इस बात को स्पष्ट कर रहीं हैं जिसके लेखक अवधेश सिंह को साधुवाद दिया जाना चाहिए।
‘विश्व पुस्तक मेला-२०२६’ के अंतर्गत उक्त पुस्तकों को लोकार्पित करते हुए प्रख्यात कवि डॉ. दिविक रमेश ने यह विचार व्यक्त किए। इसी क्रम में वैश्विक हिन्दी परिवार के संयोजक अनिल जोशी ने ‘पेड़ों की छाँव तले रचना पाठ’ के निरंतर एक दशक के मासिक काव्य पाठ आयोजन के उपरांत प्रकाशित साझा संग्रह को मील का पत्थर कहा तथा बधाई दी। विशेष आमंत्रित प्रसिद्ध अभिनयकर्मी व पटकथा लेखक निधिकान्त पाण्डेय सहित प्रवासी लेखक कमलेश भट्ट कमल, कथाकार आलोचक अशोक मिश्र, कथाकार बलराम अग्रवाल, प्रवासी लेखिका दिव्या माथुर, व व्यंग्यकार रणविजय राव और पूनम समर्थ आदि शामिल रहे। भारत सरकार के गृह एवं कौशल विकास मंत्रालय के वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी एवं कवि रघुवीर शर्मा तथा कहानीकार मनीष कुमार सिंह सहित संपादक ठाकुर प्रसाद चौबे की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।