कुरुक्षेत्र (हरियाणा)।
पुस्तकें केवल जानकारी का स्रोत नहीं, बल्कि व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम भी हैं। आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है। साहित्य दर्शन, विज्ञान और सम-सामयिक विषयों से संबंधित पुस्तकों का भी अध्ययन करें, ताकि व्यापक और संतुलित दृष्टिकोण बन सके।
यह विचार विवि के कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कुरुक्षेत्र विवि के सामुदायिक केंद्र द्वारा कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में लगी पुस्तक प्रदर्शनी में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति में व्यक्त किए। प्रो. पाल ने स्टॉलों का अवलोकन और सबसे संवाद किया। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजीव शर्मा ने भी सबसे संवाद किया और प्रदर्शनी का उद्देश्य बताया। प्रदर्शनी में लगभग ५६ प्रकाशकों ने भागीदारी की। यहाँ साहित्य, शोध, विज्ञान, भाषा सहित सभी विषयों की पुस्तकों की श्रृंखला उपलब्ध रही। इस अवसर पर पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. चेतन शर्मा व प्रदर्शनी संयोजक डॉ. संजय कौशिक आदि उपस्थित रहे।