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काव्य गोष्ठी में ‘साहित्य में पुरुष विमर्श’ पर हुई परिचर्चा

करनाल (हरियाणा)।

सांझा साहित्य मंच की ओर से सेक्टर १२ स्थित हुडा कार्यालय में मासिक काव्य गोष्ठी रखी गई। प्रारम्भ में दिवंगत साहित्यकार जय भारद्वाज तरावड़ी को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद प्रथम सत्र में ‘साहित्य में पुरुष विमर्श’ विषय पर परिचर्चा हुई।

इसमें वक्ताओं ने कहा, कि साहित्य में दलित विमर्श, स्त्री विमर्श और छात्र विमर्श पर व्यापक चर्चा होती रही है, लेकिन पुरुष विमर्श पर चर्चा अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है। साहित्यकारों का मत रहा कि वर्तमान समय में पुरुष भी अनेक सामाजिक और मानसिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, इसलिए साहित्य में उसकी पीड़ा और अनुभवों को भी अभिव्यक्ति मिलनी चाहिए। दूसरे सत्र में काव्य पाठ हुआ। मुख्य अतिथि ग़ज़लकार धर्मेंद्र अरोड़ा व विशिष्ट अतिथि आशीष ताज रहे। अध्यक्षता राजेश भारती ने की। कृष्ण कुमार निर्माण, दीपक वोहरा, सतविंद्र राणा, प्रवीण जन्नत और रामनाथ शास्त्री आदि ने रचनाएं प्रस्तुत कीं।